Monday, March 24, 2025
दिल्ली के पहाड़गंज में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़
Sunday, March 23, 2025
गाजियाबाद में दिल्ली सरकार के रिटायर्ड अफसर की डंडे से पीटकर हत्या, पुत्रवधू पर शक
गाजियाबाद: दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड अफसर पाती सिंह (64) की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना उनके अपने घर में हुई, जहां वह अपनी पुत्रवधू आरती के साथ रहते थे।
जानकारी के मुताबिक पाती सिंह की पत्नी और बेटे की पहले ही कोरोना से मौत हो चुकी थी, जिसके बाद वह अपने घर में अकेले रहते थे। हाल ही में कोर्ट के आदेश पर उनकी बहू आरती को घर में रहने की अनुमति मिली थी, लेकिन दोनों के बीच आए दिन विवाद होता रहता था। हत्या से पहले संघर्ष के निशान मिले हैं, जिससे आशंका है कि मृतक ने हमलावर का विरोध किया था। हत्या का शक पुत्रवधू आरती पर जताया जा रहा है। पुलिस इस एंगल से गहन जांच कर रही है।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आस-पड़ोस के लोगों और परिजनों से पूछताछ जारी है। आरती को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है, ताकि घटना की सटीक जानकारी मिल सके।
करीब सवा महीने पहले कोर्ट के आदेश के बाद आरती को ससुर के घर में रहने की अनुमति मिली थी। इसके बावजूद ससुर-पुत्रवधू के बीच विवाद की खबरें आती रहती थीं। घटना के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। पड़ोसियों के मुताबिक, पाती सिंह शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, लेकिन बहू से उनका अक्सर विवाद होता था।
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यूपी के सहारनपुर में बीजेपी नेता ने पत्नी और तीन बच्चों को मारी गोली, खुद पुलिस को दी जानकारी
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर 2 से 3 बजे के बीच, योगेश रोहिला ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से अपनी पत्नी और बच्चों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज सुनकर पड़ोसी दौड़कर मौके पर पहुंचे, जहां पत्नी और तीनों बच्चे खून से लथपथ पड़े थे। योगेश रोहिला मौके पर ही मौजूद था और भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन गुस्साई भीड़ ने उसे पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि योगेश रोहिला को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी शक के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया। पुलिस ने आरोपी योगेश रोहिला को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही हत्या में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल जब्त कर ली गई है। तो वही पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस हत्याकांड के पीछे के असली कारणों की गहराई से जांच कर रही है।
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Friday, March 21, 2025
लखनऊ एनकाउंटर: मलिहाबाद मर्डर केस का मुख्य आरोपी अजय कुमार ढेर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मलिहाबाद मर्डर केस के मुख्य आरोपी अजय कुमार को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया। अजय पर बनारस से आई 32 वर्षीय महिला की हत्या का आरोप था। महिला की हत्या दुष्कर्म की कोशिश के दौरान गला घोंटकर की गई थी।
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कैसे हुआ एनकाउंटर?
डीसीपी पश्चिमी और क्राइम ब्रांच की टीम ने अजय को पकड़ने के लिए महमूद नगर इलाके में घेराबंदी की थी। जब पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो अजय ने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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क्या था मामला?
पुलिस के मुताबिक, बनारस से आई महिला मलिहाबाद में रुकी थी, जहां आरोपी अजय कुमार ने दुष्कर्म की कोशिश की और नाकाम होने पर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उसका पीछा कर रही थी।
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पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अजय पर हत्या और अन्य आपराधिक मामलों में कई केस दर्ज थे। पुलिस को उसकी तलाश थी और आज हुए एनकाउंटर में उसे ढेर कर दिया गया। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार अपराध और अपराधियों पर सख्त रुख अपनाए हुए है। हाल के दिनों में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर की संख्या बढ़ी है और सरकार का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश में कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं। मामले की पूरी जांच जारी है और पुलिस बाकी जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
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Tuesday, March 18, 2025
कैबिनेट मंत्री की शिकायत पर अवैध खनन की जांच करने पहुचे लखनऊ सचिवालय के भूवैज्ञानिक अरविन्द कुमार
वाराणसी: शिवपुर विधायक और कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर की शिकायत पर लखनऊ से आए अधिकारि ने मंगलवार को चौबेपुर थाना क्षेत्र में गंगा के किनारे स्थित गांवों में अवैध खनन की जांच की। उनके साथ आये कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि संजय सिंह ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान ढाब क्षेत्र सहित गंगा नदी के किनारे के लोगों ने जेसीबी मशीन से खुदाई कर ट्रैक्टरों के माध्यम से चल रहे अवैध खनन की शिकायत करते हुए इसपर रोक लगाने की मांग की थी।
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लोगों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी से किया। जिसके उपरांत मंगलवार को लखनऊ के पंचम तल स्थित सचिवालय में तैनात भूवैज्ञानिक अरविन्द कुमार ने जिला खनन अधिकारी प्रशान्त शर्मा को साथ लेकर गंगा नदी के किनारे स्थित गांव परनापुर, लूंठा कला, लूंठा खुर्द व सरसौल में खनन की जांच की।
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इसकी जानकारी मिलने पर सम्बन्धित गांवों के ग्राम प्रधान व बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और अवैध खनन का विरोध करते हुए कहा कि रात भर जेसीबी मशीन व ट्रैक्टरों की आवाज से नींद दुर्लभ हो गई है। जिला खनन अधिकारी को फोन पर सूचना देने पर शिकायत लीक हो जाती है इसलिए अधिकारियों के आने से पहले ही खनन बन्द कर लोग भाग जाते हैं। यह सुन जिला खनन अधिकारी प्रशान्त शर्मा ने कहा कि हम तो पता चलते ही मौके पर पहुचने की कोशिश करते है और अपने आने से पहले इसकी सूचना पुलिस को भी देते है लेकिन हमें समय पर पुलिस से कोई भी मदद नही मिलती है।
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शासन से आए अधिकारि ने लोगों की बात सुनकर अवैध खनन में संलिप्त लोगों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। मौके पर लोगों के बतलाने के आधार पर अवैध खनन में संलिप्त कुछ लोगों का नाम भी चिन्हित किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से ग्राम प्रधान विजय तिवारी, प्रवीण सिंह रघुवंशी, मंटू सिंह, गौरव सिंह,नवीन मिश्रा, अतुल सिंह, टुनटुन सिंह, सीरी सिंह आदि उपस्थित रहे।
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Saturday, March 08, 2025
सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन को लेकर दिशानिर्देश किया जारी
लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बुलडोजर एक्शन पर कड़ी नाराज़गी जताई है और इस प्रकार की कार्रवाइयों को असंवैधानिक करार दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति का घर केवल इस आधार पर नहीं गिराया जा सकता कि वह किसी आपराधिक मामले में आरोपी या दोषी है। न्यायपालिका ने कहा कि घर केवल एक संपत्ति नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए परिवार की सामूहिक उम्मीद का प्रतीक है।
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सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें शामिल हैं
15 दिन की पूर्व सूचना: ध्वस्तीकरण से पहले संबंधित पक्ष को कम से कम 15 दिन का नोटिस देना अनिवार्य होगा। यह नोटिस विधिवत तरीके से भेजा जाना चाहिए, निर्माण स्थल पर चस्पा किया जाना चाहिए, और डिजिटल पोर्टल पर भी उपलब्ध होना चाहिए। नोडल अधिकारी की नियुक्ति: हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो सुनिश्चित करेगा कि नोटिस समय पर मिले और संबंधित पक्ष को जवाब देने का उचित अवसर प्रदान किया जाए।
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निर्देशों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई: यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना और अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्हें मुआवजे के साथ ध्वस्त की गई संपत्ति को अपनी लागत पर पुनर्स्थापित करने के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये निर्देश उन मामलों में लागू नहीं होंगे, जहां अनाधिकृत संरचनाएं सार्वजनिक सड़क, रेलवे लाइन, या जल निकायों पर बनाई गई हैं। ऐसे मामलों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी। इस फैसले के बाद, राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को बुलडोजर एक्शन के संबंध में अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं में आवश्यक संशोधन करने होंगे, ताकि नागरिकों के मौलिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
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Wednesday, March 05, 2025
पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदौली से 9 रेलवे अफसरों और 17 लोको पायलटों को गिरफ्तार किया, मौके से 1.17 करोड़ रुपये किए जब्त
चंदौली: रेलवे भर्ती और प्रमोशन परीक्षा में बड़े घोटाले का खुलासा करते हुए CBI ने यूपी के चंदौली जिले से 9 रेलवे अफसर और 17 लोको पायलटों को गिरफ्तार किया है। CBI की जांच में सामने आया कि रेलवे की प्रमोशन परीक्षा थी, जिसमें रेलवे के अफसरों ने पेपर लीक कर लोको पायलटों को दिया और इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूली।
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CBI के द्वारा गिरफ्तार किये गए इन अधिकारीयों में सुशांत पाराशर, इंदुप्रकाश, एन.के. वर्मा, आर.एन.एस. यादव, अजीत सिंह, अनीश कुमार, नित्यानंद यादव, कृष्ण और सूर्यनाथ शामिल हैं साथ ही CBI ने इस गड़बड़ी में शामिल 30 सॉल्वर (धोखाधड़ी से परीक्षा देने वाले) को भी कस्टडी में लिया है।
आपको बता दें कि CBI ने रेलवे परीक्षा घोटाले को लेकर 8 स्थानों पर छापेमारी की और कुल 1.17 करोड़ रुपये बरामद किए। CBI सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी घोटाले के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। यह घोटाला रेलवे में भर्ती और प्रमोशन को लेकर चल रही धांधली को उजागर करता है। इस खुलासे से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है और CBI आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
Tuesday, March 04, 2025
सदन में CM योगी का बड़ा खुलासा: कुंभ में नाविक परिवार ने 45 दिन में कमाए 30 करोड़ रुपये
लखनऊ: प्रयागराज में संपन्न हुए महाकुम्भ को लेकर सपा के द्वारा लगाये जा रहे आरोपों के जबाब में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में बड़ा खुलासा किया कि कुंभ मेले के दौरान एक नाविक परिवार ने 45 दिनों में लगभग 30 करोड़ रुपये की कमाई की।
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मुख्यमंत्री योगी ने सदन में दी जानकारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रयागराज कुंभ 2025 न सिर्फ धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया आयाम दिया। उन्होंने बताया कि इस नाविक परिवार के पास कुल 130 नौकाये थी. महाकुम्भ के दौरान इस परिवार की 45 दिनों में लगभग 23 लाख रुपये की कमी हुई अगर हम प्रतिदिन की कमाई को देखे तो करीब 50,000-52,000 रुपये है और अगर हम कुल आय देखे तो वो लगभग 30 करोड़ रुपये होते है।
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स्थानीय लोगों को आर्थिक मजबूती
CM योगी ने कहा कि कुंभ मेले ने नाविकों सहित स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों, हस्तशिल्पियों और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों को बड़ा आर्थिक लाभ दिया। उन्होंने कहा कि "कुंभ मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार भी है। नाविक परिवारों की यह सफलता दर्शाती है कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अवसरों का सही उपयोग कर लोग आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।"
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साथ ही CM योगी ने कहा कि इतना ही नही कुंभ का आर्थिक प्रभाव औरश्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति की वजह हजारों नाविकों को रोजगार मिला, स्थानीय पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिला, गंगा स्नान और संगम यात्रा की मांग बढ़ी इसके साथ साथ होटल, दुकानें और परिवहन सेवाओं को भारी मुनाफा भी हुआ है। योगी सरकार अब इस सफलता को अन्य धार्मिक पर्यटन स्थलों पर भी लागू करने पर विचार कर रही है, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यापार को और बढ़ावा मिले।
राम मंदिर उड़ाने की साजिश नाकाम, फरीदाबाद से गिरफ्तार अब्दुल रहमान ने किए चौंकाने वाले खुलासे
नई दिल्ली: गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में फरीदाबाद से गिरफ्तार आतंकी अब्दुल रहमान ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। उसने स्वीकार किया है कि वह दो बार राम मंदिर की रैकी कर चुका था और उसे राम मंदिर में फेंकने के लिए दो हैंड ग्रेनेड भी उपलब्ध कराए गए थे।
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गिरफ्तारी और साजिश का खुलासा
गुप्त सूचना के आधार पर गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ ने फरीदाबाद में एक ठिकाने पर छापेमारी कर अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह एक बड़े आतंकी संगठन के संपर्क में था और राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था।
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सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से बची बड़ी घटना
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब्दुल रहमान को दो हैंड ग्रेनेड सौंपे गए थे और वह सही मौके की तलाश में था। लेकिन वारदात को अंजाम देने से पहले ही एजेंसियों ने उसे धर दबोचा।
क्या था अब्दुल रहमान का प्लान?
- अब्दुल रहमान ने राम मंदिर की दो बार रैकी की थी।
- उसे विदेशी आतंकियों से निर्देश मिल रहे थे।
- वारदात को अंजाम देने के लिए हैंड ग्रेनेड उपलब्ध कराए गए थे।
- हमले से देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश थी।
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जांच जारी, सुरक्षा कड़ी
गिरफ्तारी के बाद अब्दुल रहमान से एनआईए और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। इसके साथ ही अयोध्या और अन्य संवेदनशील धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एटीएस को शक है कि इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।
अधिकारियों का बयान
अयोध्या में सुरक्षा कड़ी
इस खुलासे के बाद अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राम मंदिर के आसपास सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है, सीसीटीवी सर्विलांस तेज कर दिया गया है, और आने-जाने वालों की सख्त जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां अब्दुल रहमान के विदेशी कनेक्शन और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई हैं।
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Saturday, March 01, 2025
बड़ा रेल हादसा टला! दून एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की साजिश, दो संदिग्ध गिरफ्तार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लखनऊ-बरेली रेलवे लाइन पर बड़ा हादसा टल गया। दून एक्सप्रेस को डिरेल करने की साजिश की गई थी, लेकिन ट्रेन चालक की सतर्कता से यह योजना विफल हो गई। शनिवार सुबह हरदोई के पिहानी रोड ओवरब्रिज के नीचे रेलवे पटरी पर लोहे का नट और बड़े पत्थर रखे गए थे, जिससे ट्रेन पटरी से उतर सकती थी। गनीमत रही कि ट्रेन पत्थर से टकराने के बावजूद सुरक्षित निकल गई।
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घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), यूपी पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई। पुलिस ने इलाके से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। घटना के बाद रेलवे ट्रैक की गहन जांच की गई और ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह करीब 7:35 बजे जब दून एक्सप्रेस हरदोई के कोतवाली देहात क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी चालक को ट्रैक पर कुछ संदिग्ध गतिविधि नजर आई। रेलवे पटरी पर लोहे का नट और बड़े पत्थर रखे गए थे, जिससे ट्रेन डिरेल हो सकती थी। हालांकि, ट्रेन की स्पीड कंट्रोल में थी, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।
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जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
घटना की गंभीरता को देखते हुए यूपी पुलिस और आरपीएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। फील्ड यूनिट टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य सुराग इकट्ठा किए, जिससे इस साजिश के पीछे किसका हाथ है, इसका खुलासा किया जा सके।
दो संदिग्ध हिरासत में, पूछताछ जारी
पुलिस और आरपीएफ की टीमों ने घटनास्थल के आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया, जिसमें दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। बताया जा रहा है कि ये दोनों किशोर हैं। पुलिस इनसे गहन पूछताछ कर रही है कि आखिर रेलवे ट्रैक पर पत्थर और नट रखने के पीछे मकसद क्या था।
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प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि ट्रेन के पत्थर से टकराने के कारण इंजन को मामूली नुकसान पहुंचा है। हालांकि, चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन करीब आधे घंटे तक घटनास्थल पर खड़ी रही, जिसके बाद उसे आगे के लिए रवाना किया गया।
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Friday, February 28, 2025
यूपी में कांग्रेस महाअभियान के सहारे मतदाताओं को पार्टी से जोड़ेगी
वाराणसी: मतदाताओं से जुड़ने के लिए कांग्रेस ने नई रणनीति अपनाई है। इसके लिए पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता जोड़ो महा अभियान चलाएगी। विधानसभा क्षेत्रों में 100 दिन में करीब 600 सभाएं आयोजित कर एक लाख लोगों से संकल्प पत्र भरवाए जाएंगे। इसकी शुरुआत आजमगढ़ के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से 28 फरवरी से हो रही है।
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2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी तत्परता से मैदान में जुटी है। पार्टी यह चुनाव सपा अथवा अन्य दलों से मिलकर लड़ेगी या नहीं, यह तय होना बाकी है, लेकिन पार्टी मतदाताओं को खुद से जोड़ने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। इसी रणनीति के तहत यह मुहिम शुरू की जा रही है।
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नमस्ते निजामाबाद के नाम से शुरू होने वाले इस महा अभियान की जिम्मेदारी पार्टी के निवर्तमान प्रदेश संगठन महासचिव अनिल यादव को सौंपी गई है। महाअभियान में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक न्याय, जातीय जनगणना और संविधान सुरक्षा के मुद्दे पर हर ग्राम पंचायत में तीन सभाएं होंगी।
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इस तरह पूरे विधानसभा क्षेत्र में 500 से 600 सभाएं होंगी। इस दौरान एक लाख से अधिक लोगों से संकल्प पत्र भरवाया जाएगा। 51 सदस्यों की निजामाबाद एक्शन कमेटी भी बनाई जाएगी।
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IMF ने भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था पर जताया भरोसा
नईदिल्ली: पहले जर्मनी, फिर वर्ल्ड बैंक और अब इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) ने भारत की आर्थिक विकास दर पर भरोसा जताया है। IMF के मुताबिक, दुनिया की टॉप 20 अर्थव्यवस्थाओं में भारत की ग्रोथ सबसे तेज है।
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भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था
IMF की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है।
इससे पहले वर्ल्ड बैंक और जर्मनी ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया था।
भारत की तेजी से बढ़ती GDP और सुधरती कारोबारी परिस्थितियां इसकी मजबूती को दर्शाती हैं।
IMF की यह रिपोर्ट भारत के आर्थिक सुधारों और नीतियों की सफलता को प्रमाणित करती है। इससे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।
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Tuesday, February 25, 2025
मक्का और महाकुंभ में क्या अंतर? सीएम योगी ने विधानसभा में दिया जोरदार जवाब
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष को करारा जवाब दिया। उन्होंने मक्का-मदीना और महाकुंभ के बीच के अंतर को आंकड़ों के जरिए स्पष्ट किया और कहा कि प्रदेश में कट्टरपंथी शिक्षा नीति की कोई जगह नहीं होगी।
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महाकुंभ बनाम मक्का-मदीना: आंकड़ों की जुबानी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि महाकुंभ का वैश्विक महत्व कितना बड़ा है। उन्होंने कहा कि मक्का में 24 दिनों में करीब 1.4 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे, ईसाइयों के सबसे बड़े धार्मिक स्थल वेटिकन सिटी में 80 लाख लोग जाते हैं जबकि अकेले अयोध्या में 52 दिनों में 16 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे इतना ही नही महाकुंभ में 45 दिनों में 64 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। सीएम योगी ने इन आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब धार्मिक पर्यटन का एक वैश्विक केंद्र बन रहा है और यह प्रदेश की बढ़ती आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है।
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महाकुंभ के दौरान हुआ अभूतपूर्व विकास
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज समेत अन्य तीर्थस्थलों पर बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए गए जिसमे 200 से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया, सिंगल लेन को डबल लेन, डबल लेन को चार लेन में बदला गया, 14 नए फ्लाईओवर बनाए गए साथ ही डिजिटल कुंभ की मदद से 28,000 लापता श्रद्धालुओं को उनके परिवार से मिलाया गया।
विपक्ष पर तीखा हमला
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर महाकुंभ का उपहास उड़ाने और झूठे दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "सपा सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करती रही कि बस्ती और गोरखपुर मंडल के 35 लोग लापता हो गए, लेकिन बाद में वे सभी सुरक्षित अपने घर पहुंच गए।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रयागराज में अक्षयवट कॉरिडोर को विपक्षी दल अकबर का किला बताते हैं, जबकि अक्षयवट का वर्णन वेदों में भी मिलता है। योगी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सनातन संस्कृति की महत्ता वामपंथी और समाजवादी नहीं समझ सकते।
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कट्टरपंथी शिक्षा नीति पर दो टूक जवाब
सीएम योगी ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश में कठमुल्लापन की कोई जगह नहीं होगी। "हम बच्चों को मुल्ला-मौलवी नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और आधुनिक शिक्षा देना चाहते हैं। हमारी सरकार में कट्टरपंथी शिक्षा नीति को बढ़ावा नहीं मिलेगा।"
2025 का महाकुंभ तोड़ेगा सभी रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 2025 में होने वाला महाकुंभ अब तक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करेगा। उन्होंने कहा, "महाकुंभ में जिसने जो तलाशा, उसे वही मिला। कुछ लोगों को वहां सनातन संस्कृति की महिमा नहीं दिखी, लेकिन पर्यटन के आंकड़े जरूर नजर आ गए।" उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की महानता को समझने के बजाय विपक्ष सिर्फ राजनीति करने में जुटा रहता है।
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सीएम योगी के इस बयान ने धार्मिक आयोजनों के महत्व और धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया है। उनकी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को आध्यात्मिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। महाकुंभ के सफल आयोजन और भविष्य में इसे और भव्य बनाने की प्रतिबद्धता को देखते हुए यह स्पष्ट है कि यूपी सरकार धार्मिक आयोजनों को विकास और पर्यटन का एक महत्वपूर्ण आधार बना रही है।
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Monday, February 24, 2025
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Sunday, February 23, 2025
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Saturday, February 22, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार दौरे पर, किसानों को देंगे बड़ी सौगात
पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को बिहार का दौरा करेंगे, जहां वह भागलपुर से देशभर के पात्र किसानों को 'पीएम किसान सम्मान निधि' की 19वीं किस्त जारी करेंगे। इस योजना के तहत 9.80 करोड़ किसानों के खातों में लगभग 22 हजार करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे।
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Friday, February 21, 2025
यूपी में लाखों संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: मानदेय बढ़ेगा, फ्री इलाज भी मिलेगा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने लाखों संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बताया कि अब इन कर्मचारियों को हर महीने न्यूनतम 16,000 से 18,000 रुपये का मानदेय मिलेगा। इस निर्णय से कर्मचारियों को वित्तीय राहत मिलेगी।
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आउटसोर्सिंग भर्ती निगम बनेगा
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार आउटसोर्सिंग भर्ती निगम बनाएगी, जिसका उद्देश्य सरकारी विभागों में पारदर्शी तरीके से कर्मचारियों की भर्ती करना होगा। इसके माध्यम से अब निजी एजेंसियों की बजाय सरकारी निगम द्वारा भर्ती की जाएगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बड़ा कदम
संविदा कर्मचारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सरकार ने उन्हें मुफ्त चिकित्सा सुविधा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री जनआरोग्य आयुष्मान कार्ड के तहत कर्मचारियों और उनके परिवार को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
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स्वयंसेवकों के लिए रोजगार और प्रोत्साहन
सीएम योगी ने पी.आर.डी. स्वयंसेवकों के मानदेय में वृद्धि और लगभग 20 लाख अतिरिक्त रोजगार अवसर प्रदान करने की बात कही। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत स्तर पर गठित युवक और महिला मंगल दलों को खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
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विकास पर जोर
योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के उत्थान पर केंद्रित करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पिछले आठ सालों में राज्य में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। इसने अब तक 60 लाख रोजगार सृजित किए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा से न केवल कर्मचारियों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। इस फैसले से राज्य सरकार की रोजगार सृजन और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
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Tuesday, February 18, 2025
चोरी की शिकायत पर अब थाने की मुहर नहीं, होगी डिजिटल एंट्री – डीजीपी का नया आदेश
लखनऊ: चोरी की शिकायतें अब सिर्फ थाने की मुहर से पूरी नहीं होंगी। उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुख डीजीपी प्रशांत कुमार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत सभी चोरी की शिकायतों को थाने की जनरल डायरी (G.D.) और सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताने के बाद लिया गया था। कोर्ट ने कहा था कि चोरी की शिकायतों पर सिर्फ मुहर लगाकर पीड़ितों को भेज देना पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है।
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डीजीपी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि अब किसी भी चोरी की शिकायत के बाद, उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एंट्री करना आवश्यक होगा। इससे शिकायतों का ट्रैकिंग आसान होगा और कार्रवाई में देरी नहीं होगी। इसके साथ ही, फर्जी शिकायतों की पहचान करना भी पुलिस के लिए सरल हो जाएगा।
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नए आदेश के लाभ:
- शिकायतों का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।
- पीड़ितों को अपनी शिकायतों का ट्रैक रखने में आसानी होगी।
- पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
- फर्जी शिकायतों की पहचान करना आसान होगा।
डीजीपी प्रशांत कुमार ने साफ किया कि अगर किसी थाना प्रभारी या पुलिसकर्मी ने इस आदेश की अनदेखी की, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह नया नियम पुलिस की जवाबदेही को बढ़ाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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Sunday, February 16, 2025
वाराणसी में नारकोटिक्स टीम की बड़ी कार्रवाई, 5 करोड़ की कोकीन के साथ तस्कर गिरफ्तार
वाराणसी: कैण्ट थाना क्षेत्र में नारकोटिक्स की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 करोड़ रुपये मूल्य की कोकीन बरामद की है। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार नारकोटिक्स टीम ने यह ऑपरेशन पुलिस उपाधीक्षक ANTF राजकुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में अंजाम दिया। इस दौरान टीम में शक्तिधर पाण्डेय, अभिषेक कुमार सिंह और इंद्रजीत कुमार शामिल रहे। सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ते हुए भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किया।
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प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी नशे की तस्करी में लिप्त था और वाराणसी सहित अन्य जिलों में इसे सप्लाई करने की फिराक में था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।
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इस गिरफ्तारी के बाद वाराणसी पुलिस और नारकोटिक्स टीम इसे बड़ी सफलता मान रही है। प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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Saturday, February 15, 2025
मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण, प्रशासन को दिया निर्देश- हर श्रद्धालु को मिले पूरी सुविधा
वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को काशी पहुंचे। यहां उन्होंने काशी विश्वनाथ में दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी की एक दिवसीय यात्रा के दौरान शनिवार को बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। उन्होंने गर्भगृह में षोडशोपचार पूजन कर लोक कल्य़ाण की कामना की। सीएम योगी ने मंदिर प्रांगण व वहां से वापस आते समय श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। मुख्यमंत्री ने यहां नन्हे-मुन्नों को दुलारा-पुचकारा। हालचाल जाना, फिर उन्हें चॉकलेट भी दी। एक बच्चे ने हाथ बढ़ाया तो सीएम ने उससे हाथ भी मिलाया। वहीं श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने के कारण मुख्यमंत्री ने काल भैरव दर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
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विवेकानंद क्रूज से पहुंचे घाट
मुख्यमंत्री संगमम् से पहले नमो घाट से विवेकानंद क्रूज पर सवार होकर गंगाद्वार पहुंचे। वहां से काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। सीएम ने यहां घाटों का निरीक्षण भी किया। दर्शन-पूजन के उपरांत सीएम क्रूज पर सवार हुए और नमो घाट पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हुए।
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नाव पर सवार लोगों ने लहराया केसरिया गमछा, लगाए जयश्रीराम के जयकारे
मुख्यमंत्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के उपरांत क्रूज पर सवार होकर वापस नमो घाट जा रहे थे। इस दौरान बगल से गुजर रहे नाव-क्रूज पर सवार और घाट पर खड़े लोगों ने मुख्यमंत्री को देखकर जयश्रीराम के जयकारे लगाए। मुख्यमंत्री को देख अभिभूत युवाओं ने केसरिया गमछा भी लहराया और मोबाइल से उनकी तस्वीर भी खींची।
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मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी का हवाई सर्वे भी किया। यहां की भीड़ को देखते हुए उन्होंने प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा का निर्देश दिया। गौरतलब है कि प्रयागराज स्नान के उपरांत काशी में भी प्रतिदिन कई लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस मौके पर मंत्री रविंद्र जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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