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Tuesday, March 18, 2025

कैबिनेट मंत्री की शिकायत पर अवैध खनन की जांच करने पहुचे लखनऊ सचिवालय के भूवैज्ञानिक अरविन्द कुमार

वाराणसी: शिवपुर विधायक और कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर की शिकायत पर लखनऊ से आए अधिकारि ने मंगलवार को चौबेपुर थाना क्षेत्र में गंगा के किनारे स्थित गांवों में अवैध खनन की जांच की। उनके साथ आये कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि संजय सिंह ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान ढाब क्षेत्र सहित गंगा नदी के किनारे के लोगों ने जेसीबी मशीन से खुदाई कर ट्रैक्टरों के माध्यम से चल रहे अवैध खनन की शिकायत करते हुए इसपर रोक लगाने की मांग की थी। 


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लोगों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी से किया। जिसके उपरांत मंगलवार को लखनऊ के पंचम तल स्थित सचिवालय में तैनात भूवैज्ञानिक अरविन्द कुमार ने जिला खनन अधिकारी प्रशान्त शर्मा को साथ लेकर गंगा नदी के किनारे स्थित गांव परनापुर, लूंठा कला, लूंठा खुर्द व सरसौल में खनन की जांच की। 

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इसकी जानकारी मिलने पर सम्बन्धित गांवों के ग्राम प्रधान व बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और अवैध खनन का विरोध करते हुए कहा कि रात भर जेसीबी मशीन व ट्रैक्टरों की आवाज से नींद दुर्लभ हो गई है। जिला खनन अधिकारी को फोन पर सूचना देने पर शिकायत लीक हो जाती है इसलिए अधिकारियों के आने से पहले ही खनन बन्द कर लोग भाग जाते हैं। यह सुन जिला खनन अधिकारी प्रशान्त शर्मा ने कहा कि हम तो पता चलते ही मौके पर पहुचने की कोशिश करते है और अपने आने से पहले इसकी सूचना पुलिस को भी देते है लेकिन हमें समय पर पुलिस से कोई भी मदद नही मिलती है। 

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शासन से आए अधिकारि ने लोगों की बात सुनकर अवैध खनन में संलिप्त लोगों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। मौके पर लोगों के बतलाने के आधार पर अवैध खनन में संलिप्त कुछ लोगों का नाम भी चिन्हित किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से ग्राम प्रधान विजय तिवारी, प्रवीण सिंह रघुवंशी, मंटू सिंह, गौरव सिंह,नवीन मिश्रा, अतुल सिंह, टुनटुन सिंह, सीरी सिंह आदि उपस्थित रहे।

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गाजीपुर जेल में चलता था PCO, जेलर और डिप्टी जेलर निलंबित

गाजीपुर: गाजीपुर जिला जेल एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। जेल में कैदियों को अवैध रूप से मोबाइल से कॉल कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि जेल के भीतर से निजी नंबरों के जरिए फोन किए जा रहे थे, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा था।



जांच में हुआ बड़ा खुलासा
जेल से धमकी भरे ऑडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। डीएम गाजीपुर ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि जेल में बाकायदा PCO की तर्ज पर अवैध कॉलिंग हो रही थी। इस खुलासे के बाद डीजी जेल ने जेलर राकेश कुमार वर्मा और डिप्टी जेलर सुखवती देवी को निलंबित कर दिया।


जेल अधीक्षक पर भी गिरी गाज
डीएम-एसपी की संयुक्त जांच रिपोर्ट में जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश शासन से की गई है।

कैसे हुआ खुलासा?
डीएम ने बताया कि पिछले दिनों जेल से एक धमकी भरा ऑडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद प्रशासन ने जांच शुरू की। जांच में पुष्टि हुई कि कैदियों को अवैध रूप से फोन की सुविधा दी जा रही थी।


प्रशासन का सख्त रुख
गाजीपुर जेल में चल रही इस अवैध कॉलिंग को लेकर प्रशासन अब बेहद सख्त है। आगे की जांच में अगर और अधिकारियों-कर्मचारियों की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Saturday, March 08, 2025

चोरी का 90 मोबाइल बंगाल में बेचने के फिराक में था बदमाश, जीआरपी और आरपीएफ ने फेरा पानी

वाराणसी: महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों और महाकुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के चोरी हुए 90 मोबाइल को कैंट जीआरपी और आरपीएफ ने बरामद किया है। इसमें आईफोन समेत विभिन्न ब्रांड के मोबाइल फोन हैं। वहीं एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। 


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ये है मामला

आरोपी की पहचान पटना के आलमगंज महराजगंज के मीना बाजार निवासी रवि कुमार के रूप में हुई। यह प्रयागराज से सड़क मार्ग से कैंट स्टेशन पहुंचा और पिट्ठू बैग में रखे मोबाइल को लेकर ट्रेन से बिहार जाने के फिराक में था। मोबाइल की अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये आंकी गई है। कैंट जीआरपी इंस्पेक्टर हेमंत कुमार सिंह और आरपीएफ इंस्पेक्टर संदीप कुमार यादव ने बताया कि होली के मद्देनजर चेकिंग के दौरान रवि कुमार को प्लेटफार्म संख्या 7 से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों के 90 मोबाइल बरामद हुए। इसमें अधिकतर मोबाइल महाकुंभ मेला से चोरी किए गए हैं। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। 

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दो हजार में खरीदा था एक मोबाइल

जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम की पूछताछ में आरोपी रवि ने बताया कि वह महाकुंभ में चोरी की मोबाइल खरीदा है। कुछ चोरी भी किए हैं। एक मोबाइल दो हजार रुपये में खरीदा था। यह सभी मोबाइल को पश्चिम बंगाल में बेचने के लिए निकला था। आरपीएफ इंस्पेक्टर संदीप कुमार यादव, दरोगा राज बहादुर यादव, अश्विनी आदि रहे।

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Thursday, March 06, 2025

जिलाधिकारी ने जनता दर्शन में फरियादियों की सुनी समस्याएं

वाराणसी: जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने कहा कि जनता दर्शन के दौरान जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं यथाशीघ्र निस्तारण शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। 



उन्होंने जनता दर्शन में आये हुए फरियादियों की समस्याओं की सुनवाई करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को समयबद्धता के साथ गुणवत्तापरक निस्तारण कराए जाने के निर्देश दिये। 


उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनसुनवाई में आने वाले फरियादियों की सुनवाई सम्मान जनक ढंग से करें।  सभी अधिकारी जनसुनवाई की अवधि में अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में मौजूद रहे।

Wednesday, March 05, 2025

पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदौली से 9 रेलवे अफसरों और 17 लोको पायलटों को गिरफ्तार किया, मौके से 1.17 करोड़ रुपये किए जब्त

चंदौली: रेलवे भर्ती और प्रमोशन परीक्षा में बड़े घोटाले का खुलासा करते हुए CBI ने यूपी के चंदौली जिले से 9 रेलवे अफसर और 17 लोको पायलटों को गिरफ्तार किया है। CBI की जांच में सामने आया कि रेलवे की प्रमोशन परीक्षा थी, जिसमें रेलवे के अफसरों ने पेपर लीक कर लोको पायलटों को दिया और इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूली।


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CBI के द्वारा गिरफ्तार किये गए इन अधिकारीयों में सुशांत पाराशर, इंदुप्रकाश, एन.के. वर्मा, आर.एन.एस. यादव, अजीत सिंह, अनीश कुमार, नित्यानंद यादव, कृष्ण और सूर्यनाथ  शामिल हैं साथ ही CBI ने इस गड़बड़ी में शामिल 30 सॉल्वर (धोखाधड़ी से परीक्षा देने वाले) को भी कस्टडी में लिया है।

आपको बता दें कि CBI ने रेलवे परीक्षा घोटाले को लेकर 8 स्थानों पर छापेमारी की और कुल 1.17 करोड़ रुपये बरामद किए। CBI सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी घोटाले के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। यह घोटाला रेलवे में भर्ती और प्रमोशन को लेकर चल रही धांधली को उजागर करता है। इस खुलासे से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है और CBI आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

Tuesday, March 04, 2025

सदन में CM योगी का बड़ा खुलासा: कुंभ में नाविक परिवार ने 45 दिन में कमाए 30 करोड़ रुपये

लखनऊ: प्रयागराज में संपन्न हुए महाकुम्भ को लेकर सपा के द्वारा लगाये जा रहे आरोपों के जबाब में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में बड़ा खुलासा किया कि कुंभ मेले के दौरान एक नाविक परिवार ने 45 दिनों में लगभग 30 करोड़ रुपये की कमाई की।


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मुख्यमंत्री योगी ने सदन में दी जानकारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रयागराज कुंभ 2025 न सिर्फ धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया आयाम दिया। उन्होंने बताया कि इस नाविक परिवार के पास कुल 130 नौकाये थी. महाकुम्भ के दौरान इस परिवार की 45 दिनों में लगभग 23 लाख रुपये की कमी हुई अगर हम प्रतिदिन की कमाई को देखे तो करीब 50,000-52,000 रुपये है और अगर हम कुल आय देखे तो वो लगभग 30 करोड़ रुपये होते है

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स्थानीय लोगों को आर्थिक मजबूती

CM योगी ने कहा कि कुंभ मेले ने नाविकों सहित स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों, हस्तशिल्पियों और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों को बड़ा आर्थिक लाभ दिया। उन्होंने कहा कि "कुंभ मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार भी है। नाविक परिवारों की यह सफलता दर्शाती है कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अवसरों का सही उपयोग कर लोग आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।"

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साथ ही CM योगी ने कहा कि इतना ही नही कुंभ का आर्थिक प्रभाव औरश्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति की वजह हजारों नाविकों को रोजगार मिला, स्थानीय पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिला, गंगा स्नान और संगम यात्रा की मांग बढ़ी इसके साथ साथ होटल, दुकानें और परिवहन सेवाओं को भारी मुनाफा भी हुआ है। योगी सरकार अब इस सफलता को अन्य धार्मिक पर्यटन स्थलों पर भी लागू करने पर विचार कर रही है, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यापार को और बढ़ावा मिले।

राम मंदिर उड़ाने की साजिश नाकाम, फरीदाबाद से गिरफ्तार अब्दुल रहमान ने किए चौंकाने वाले खुलासे

नई दिल्ली: गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में फरीदाबाद से गिरफ्तार आतंकी अब्दुल रहमान ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। उसने स्वीकार किया है कि वह दो बार राम मंदिर की रैकी कर चुका था और उसे राम मंदिर में फेंकने के लिए दो हैंड ग्रेनेड भी उपलब्ध कराए गए थे।


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गिरफ्तारी और साजिश का खुलासा

गुप्त सूचना के आधार पर गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ ने फरीदाबाद में एक ठिकाने पर छापेमारी कर अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह एक बड़े आतंकी संगठन के संपर्क में था और राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था।

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सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से बची बड़ी घटना

जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब्दुल रहमान को दो हैंड ग्रेनेड सौंपे गए थे और वह सही मौके की तलाश में था। लेकिन वारदात को अंजाम देने से पहले ही एजेंसियों ने उसे धर दबोचा।

क्या था अब्दुल रहमान का प्लान?

  • अब्दुल रहमान ने राम मंदिर की दो बार रैकी की थी।
  • उसे विदेशी आतंकियों से निर्देश मिल रहे थे।
  • वारदात को अंजाम देने के लिए हैंड ग्रेनेड उपलब्ध कराए गए थे।
  • हमले से देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश थी।

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जांच जारी, सुरक्षा कड़ी

गिरफ्तारी के बाद अब्दुल रहमान से एनआईए और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। इसके साथ ही अयोध्या और अन्य संवेदनशील धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एटीएस को शक है कि इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।

अधिकारियों का बयान

गुजरात एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया "हमने सही समय पर कार्रवाई कर एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। अब्दुल रहमान से पूछताछ जारी है और अन्य संभावित संदिग्धों की भी तलाश की जा रही है। तो वही  हरियाणा एसटीएफ के एक अधिकारी ने कहा कि "गिरफ्तारी के बाद हमें कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश जल्द किया जाएगा।"

अयोध्या में सुरक्षा कड़ी

इस खुलासे के बाद अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राम मंदिर के आसपास सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है, सीसीटीवी सर्विलांस तेज कर दिया गया है, और आने-जाने वालों की सख्त जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां अब्दुल रहमान के विदेशी कनेक्शन और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई हैं।

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Friday, February 28, 2025

यूपी में कांग्रेस महाअभियान के सहारे मतदाताओं को पार्टी से जोड़ेगी

 वाराणसी: मतदाताओं से जुड़ने के लिए कांग्रेस ने नई रणनीति अपनाई है। इसके लिए पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता जोड़ो महा अभियान चलाएगी। विधानसभा क्षेत्रों में 100 दिन में करीब 600 सभाएं आयोजित कर एक लाख लोगों से संकल्प पत्र भरवाए जाएंगे। इसकी शुरुआत आजमगढ़ के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से 28 फरवरी से हो रही है।


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2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी तत्परता से मैदान में जुटी है। पार्टी यह चुनाव सपा अथवा अन्य दलों से मिलकर लड़ेगी या नहीं, यह तय होना बाकी है, लेकिन पार्टी मतदाताओं को खुद से जोड़ने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। इसी रणनीति के तहत यह मुहिम शुरू की जा रही है।

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नमस्ते निजामाबाद के नाम से शुरू होने वाले इस महा अभियान की जिम्मेदारी पार्टी के निवर्तमान प्रदेश संगठन महासचिव अनिल यादव को सौंपी गई है। महाअभियान में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक न्याय, जातीय जनगणना और संविधान सुरक्षा के मुद्दे पर हर ग्राम पंचायत में तीन सभाएं होंगी।

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इस तरह पूरे विधानसभा क्षेत्र में 500 से 600 सभाएं होंगी। इस दौरान एक लाख से अधिक लोगों से संकल्प पत्र भरवाया जाएगा। 51 सदस्यों की निजामाबाद एक्शन कमेटी भी बनाई जाएगी।

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अक्षम और असंवेदनशील योगी सरकार के कुप्रबंधन और दुर्व्यस्था पर जनता की आस्था भारी पड़ गई

वाराणसी: दिनांक 27 फरवरी को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व विधायक अजय राय ने लहुराबीर स्थित अपने आवासीय कार्यालय में पत्रकारों के सवालों का विस्तारपूर्वक जवाब देते हुए कहा कि - मैं काशी समेत समूचे प्रदेश वासियों को महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक बधाई देता हूं । बनारस की जनता ने अपनी सूझबूझ और बड़े दिल के साथ बनारस में आए लाखों लोगों का स्वागत किया । 


उन्होंने कहा कि आज बनारस समेत पूरे प्रदेश में जिस तरह के हालात बना दिए गए हैं, उसे देखकर लगता है कि सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं रह गई है। बनारस, जोकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है यहां कई ऐसी योजनाएं पिछले दस सालों से चल रही हैं जिनको लेकर स्थानीय प्रशासन और सरकार को कोई जानकारी नहीं । फिर चाहे मां गंगा की गोंद में बिना एन जी टी की अनुमति के टेंट सिटी बनाने की बात हो या फिर गंगा जी ने नहर बनाने जैसा मूर्खतापूर्ण कार्य या फिर बंदरगाह बनाने की बात हो या फिर हाल फिलहाल में मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले रोपवे से जुड़ा मामला ही क्यों न हो। ये सारे अतार्किक और मूर्खतापूर्ण कार्य स्थानीय प्रशासन की देखरेख में होने के बावजूद आज सवालों के घेरे में है। मैने इन सभी योजनाओं के शुरू होते वक्त ही इनके औचित्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया था , जो आज सच साबित हो रही हैं। बनारस में सिर्फ और सिर्फ घोटालों की योजना चल रही है। 


उन्होंने कहा कि रोपवे जैसी योजनाएं बनारस जैसे प्राचीन घने आबादी वाले शहर के लिए कहीं से भी उपयुक्त नहीं है। यह योजना बिना किसी कार्ययोजना के ही चलाई जा रही थी । अभी पिछले दिनों देश की सर्वोच्च अदालत ने इस योजना पर स्टे लगा दिया है । ऐसा इसलिए क्योंकि इस योजना की कोई मजबूत कार्ययोजना नहीं बनाई गई और दूसरा यह कि बिना अधिग्रहण कानून को समुचित लागू किए मकान मालिकों को मकान खाली करने का फरमान जारी कर दिया गया । जिन मकान मालिकों को उनके मकान का मुआवजा नही दिया गया उन्हे भी मकान छोड़ने की नोटिस जारी कर देना वह भी आनन फानन में, कहीं से भी कानून की दृष्टि में उचित नही था । आज समूचे प्रदेश में इस तरह के औचित्य, गैरकानूनी काम बड़े पैमाने पर सत्ता की शह में हो रहा है । किसी भी व्यक्ति का घर तोड़ दो, आस्था के केंद्र पर बुल्डोजर चलाकर ध्वस्त कर दो, किसी भी किसान की जमीन बिना मुआवजा के हड़प लो, किसी को मार दो, यह सब जीरो टॉलरेंस का नारा देने वाले योगी राज में ही संभव है। खुद प्रदेश का बड़ा पुलिस अधिकारी अपनी पीठ थपथपा कर कह रहा है कि कुंभ के आयोजन को हमने सफल कर दिया । फिर भगदड़ में हताहत लोगों का क्या हुआ ? उन्होंने कहा कि भोजपूरी में इसे ही कहा जाता है कि जबरा मारे रोयै न दे । दूसरे शब्दों में कहें तो सरकार की गुंडई है। 


बनारस में रोपवे परियोजना को आड़े हांथ लेते हुए उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह योजना पूर्णतः निरर्थक, अव्यावहारिक योजना है बाकी अन्य योजनाओं की तरह । श्री अजय राय ने कहा कि इस रोपवे योजना के शुरू होते समय ही हम लोगों ने कहा था कि बनारस में मेट्रो जैसी योजनाएं व्यवहारिक रूप से सही होंगी। 


प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कुंभ से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कुंभ में जो कुछ हुआ उसका हमे दुःख और अफसोस है । सबसे अधिक दुःख सरकार के निर्लज्ज, असंवेदनशील कार्यकलाप को लेकर है । कुंभ में जो भगदड़ हुई वह हृदय विदारक़ है । लेकिन इस स्थिति के लिए योगी सरकार का वी वी आई पी कल्चर नीति जिम्मेदार था । पूरा प्रशासन वी वी आई पी को कुंभ स्नान कराने और छोड़ने में व्यस्त था । जनता के लिए कोई इंतजाम नहीं । भीड़ को नियंत्रित करने, आने जाने के रास्ते का समुचित प्रबंध न होने से ही यह सारा कुछ घटित हुआ। के।हजारों लोग आज भी सिसक रहे हैं । बहुतों के घर उजड़ गए। आज भी लोग अपनों को खोज रहे हैं। यह मंजर दिल को झकझोर देता है। मैं कुंभ में मृत सभी दिवंगत आत्माओं को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं । उन्होंने कहा कि कुंभ का आयोजन आज समाप्त हो रहा है । योगी जी प्रयागराज में कुंभ से जुड़े लोगों को पुरस्कृत कर रहे हैं, ऐसे में मै योगी सरकार को चाहिए कि व
वह कुंभ में सेवा के दौरान शहीद हुए गाजीपुर के पुलिस निरीक्षक शहीद स्व अंजनी कुमार राय की पत्नी को भी सम्मानित करें ताकि उनकी सेवा का सम्मान का सम्मान हो । 

अजय राय ने कहा कि कुछ भी हो योगी सरकार की सरकारी दुर्व्यवास्था, सरकार के नकारेपन पर जनता की आस्था भारी पड़ी। आमजन का ईश्वर प्रति तथा संगम के प्रति जो अगाध श्रद्धा और आस्था थी, वह सरकार के बदइंतजाम पर भारी पड़ी। योगी सरकार ने अपने कुप्रबंधन और अपने असंवेदनशील रवैए से साबित कर दिया कि उनके अंदर आम जनता के प्रति लेश मात्र भी संवेदना नही है। जिस दिन कुंभ में लोगों की भगदड़ से जान गई उसी दिन योगी जी हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करवाकर हजारों लोगों के आंसुओ का उपहास। कर रहे थे, इससे बड़ा उदाहरण और क्या दिया जा सकता है इनकी संवेदना का। हमारे धर्म के श्रेष्ठ नियामक शंकराचार्य ने इस मृत्यु अट्टहास पर जब प्रश्न चिह्न लगाया तो योगी और उनकी पूरी पार्टी के लोगों ने शंकराचार्य जी को ही अपशब्द कहने लगे, यह कितने शर्म और अफसोस की बात है। 


उन्होंने कहा कि वस्तुतः "जाके पांव न फटे बिवाई ऊ का जाने पीर पराई।" हमे इनसे और क्या उम्मीद की ही जानी चाहिए । अजय राय ने कहा कि योगी सरकार नाम बदलकर इतिहास नहीं बदल सकती। अभी हाल ही में गाजीपुर में अमर शहीद अब्दुल हमीद के नाम पर स्कूल का नाम बदलने का षड्यंत्र हो या फिर बनारस में महान क्रांतिकारी पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर संपूर्णानंद के नाम पर बने स्टेडियम का नाम बदलने का या फिर कैंट स्टेशन के पास स्थित महान क्रांतिकारी पूर्व रेलमंत्री तथा पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी की प्रतिमा स्थल के पास अवैध कब्जा करने का मामला हो, यह सब कार्य कर आप अपना इतिहास नही बदल सकते। इतिहास बदलने के लिए कुर्बानियां देनी पड़ती हैं। जनता के लिए खुद को समर्पित करना पड़ता है। 


अजय राय ने कहा कि सत्य, सनातन धर्म में झूठ बोलने को अपराध माना गया है। उन्होंने कहा कि काशी बाबा भोलेनाथ की नगरी है। प्राचीन और पवित्र नगरी। यहां सनातनकाल से ही महाशिवरात्रि पर्व पर शिव बारात निकाली जाती रही है। पर इस बार स्थानीय प्रशासन ने बिना किसी कारण के शिव बारात को महाशिवरात्रि के एक दिन बाद निकालने का धर्म विरुद्ध फरमान जारी कर दिया, जिसका मैने और हमारी काशी की जनता ने पुरजोर विरोध किया तब जाकर इन लोगों ने पुनः शिव बारात निकालने की बात स्वीकार की। आखिर कौन है जो लगातार हमारी आस्था से खिलवाड़ कर रहा है। क्या बिना ऊपर से आदेश मिले स्थानीय प्रशासन इस तरह का कृत्य कर सकता है । इसका मतलब इन लोगों का हमारे धर्म से ,धार्मिक मर्यादाओं से कुछ भी लेना लादना नहीं। इन्हे बस लूटने, बर्बाद करने के सिवाय और कुछ नहीं आता । मुझे अफसोस है कि आज इनकी अदूरदर्शिता और मूर्खताओं से न सिर्फ काशी बल्कि पूरा प्रदेश और देश दुःखी है। 


इस पत्रकारवार्ता में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, राघवेंद्र चौबे, प्रमोद पाण्डेय, गुलशन अली, डॉ राजेश गुप्ता, अरुण सोनी, वकील अंसारी, राजीव राम, रोहित दूबे, अनुभव राय, आशिष गुप्ता, विनीत चौबे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे ।

Tuesday, February 25, 2025

मक्का और महाकुंभ में क्या अंतर? सीएम योगी ने विधानसभा में दिया जोरदार जवाब

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष को करारा जवाब दिया। उन्होंने मक्का-मदीना और महाकुंभ के बीच के अंतर को आंकड़ों के जरिए स्पष्ट किया और कहा कि प्रदेश में कट्टरपंथी शिक्षा नीति की कोई जगह नहीं होगी।


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महाकुंभ बनाम मक्का-मदीना: आंकड़ों की जुबानी

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि महाकुंभ का वैश्विक महत्व कितना बड़ा है। उन्होंने कहा कि मक्का में 24 दिनों में करीब 1.4 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे, ईसाइयों के सबसे बड़े धार्मिक स्थल वेटिकन सिटी में 80 लाख लोग जाते हैं जबकि अकेले अयोध्या में 52 दिनों में 16 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे इतना ही नही महाकुंभ में 45 दिनों में 64 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। सीएम योगी ने इन आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब धार्मिक पर्यटन का एक वैश्विक केंद्र बन रहा है और यह प्रदेश की बढ़ती आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है।

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महाकुंभ के दौरान हुआ अभूतपूर्व विकास

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज समेत अन्य तीर्थस्थलों पर बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए गए जिसमे 200 से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया, सिंगल लेन को डबल लेन, डबल लेन को चार लेन में बदला गया, 14 नए फ्लाईओवर बनाए गए साथ ही डिजिटल कुंभ की मदद से 28,000 लापता श्रद्धालुओं को उनके परिवार से मिलाया गया।

विपक्ष पर तीखा हमला

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर महाकुंभ का उपहास उड़ाने और झूठे दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "सपा सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करती रही कि बस्ती और गोरखपुर मंडल के 35 लोग लापता हो गए, लेकिन बाद में वे सभी सुरक्षित अपने घर पहुंच गए।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रयागराज में अक्षयवट कॉरिडोर को विपक्षी दल अकबर का किला बताते हैं, जबकि अक्षयवट का वर्णन वेदों में भी मिलता है। योगी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सनातन संस्कृति की महत्ता वामपंथी और समाजवादी नहीं समझ सकते।

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कट्टरपंथी शिक्षा नीति पर दो टूक जवाब

सीएम योगी ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश में कठमुल्लापन की कोई जगह नहीं होगी। "हम बच्चों को मुल्ला-मौलवी नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और आधुनिक शिक्षा देना चाहते हैं। हमारी सरकार में कट्टरपंथी शिक्षा नीति को बढ़ावा नहीं मिलेगा।"

2025 का महाकुंभ तोड़ेगा सभी रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 2025 में होने वाला महाकुंभ अब तक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करेगा। उन्होंने कहा, "महाकुंभ में जिसने जो तलाशा, उसे वही मिला। कुछ लोगों को वहां सनातन संस्कृति की महिमा नहीं दिखी, लेकिन पर्यटन के आंकड़े जरूर नजर आ गए।" उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की महानता को समझने के बजाय विपक्ष सिर्फ राजनीति करने में जुटा रहता है।

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सीएम योगी के इस बयान ने धार्मिक आयोजनों के महत्व और धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया है। उनकी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को आध्यात्मिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। महाकुंभ के सफल आयोजन और भविष्य में इसे और भव्य बनाने की प्रतिबद्धता को देखते हुए यह स्पष्ट है कि यूपी सरकार धार्मिक आयोजनों को विकास और पर्यटन का एक महत्वपूर्ण आधार बना रही है।

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Friday, February 21, 2025

यूपी में लाखों संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: मानदेय बढ़ेगा, फ्री इलाज भी मिलेगा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने लाखों संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बताया कि अब इन कर्मचारियों को हर महीने न्यूनतम 16,000 से 18,000 रुपये का मानदेय मिलेगा। इस निर्णय से कर्मचारियों को वित्तीय राहत मिलेगी।


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आउटसोर्सिंग भर्ती निगम बनेगा

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार आउटसोर्सिंग भर्ती निगम बनाएगी, जिसका उद्देश्य सरकारी विभागों में पारदर्शी तरीके से कर्मचारियों की भर्ती करना होगा। इसके माध्यम से अब निजी एजेंसियों की बजाय सरकारी निगम द्वारा भर्ती की जाएगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बड़ा कदम

संविदा कर्मचारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सरकार ने उन्हें मुफ्त चिकित्सा सुविधा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री जनआरोग्य आयुष्मान कार्ड के तहत कर्मचारियों और उनके परिवार को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।

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स्वयंसेवकों के लिए रोजगार और प्रोत्साहन

सीएम योगी ने पी.आर.डी. स्वयंसेवकों के मानदेय में वृद्धि और लगभग 20 लाख अतिरिक्त रोजगार अवसर प्रदान करने की बात कही। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत स्तर पर गठित युवक और महिला मंगल दलों को खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

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विकास पर जोर

योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के उत्थान पर केंद्रित करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पिछले आठ सालों में राज्य में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। इसने अब तक 60 लाख रोजगार सृजित किए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा से न केवल कर्मचारियों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। इस फैसले से राज्य सरकार की रोजगार सृजन और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

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Tuesday, February 18, 2025

चोरी की शिकायत पर अब थाने की मुहर नहीं, होगी डिजिटल एंट्री – डीजीपी का नया आदेश

लखनऊ: चोरी की शिकायतें अब सिर्फ थाने की मुहर से पूरी नहीं होंगी। उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुख डीजीपी प्रशांत कुमार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत सभी चोरी की शिकायतों को थाने की जनरल डायरी (G.D.) और सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताने के बाद लिया गया था। कोर्ट ने कहा था कि चोरी की शिकायतों पर सिर्फ मुहर लगाकर पीड़ितों को भेज देना पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है।


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डीजीपी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि अब किसी भी चोरी की शिकायत के बाद, उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एंट्री करना आवश्यक होगा। इससे शिकायतों का ट्रैकिंग आसान होगा और कार्रवाई में देरी नहीं होगी। इसके साथ ही, फर्जी शिकायतों की पहचान करना भी पुलिस के लिए सरल हो जाएगा।

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नए आदेश के लाभ:

  1. शिकायतों का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।
  2. पीड़ितों को अपनी शिकायतों का ट्रैक रखने में आसानी होगी।
  3. पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
  4. फर्जी शिकायतों की पहचान करना आसान होगा।

डीजीपी प्रशांत कुमार ने साफ किया कि अगर किसी थाना प्रभारी या पुलिसकर्मी ने इस आदेश की अनदेखी की, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह नया नियम पुलिस की जवाबदेही को बढ़ाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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Monday, February 17, 2025

दिल्ली हादसे के बाद डीडीयू में रेल प्रशासन सतर्क!

नई दिल्ली: रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ के बाद देशभर के रेलवे स्टेशनों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन पर भी रेल प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, यात्री सुविधाओं की जांच की जा रही है और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।



रेलवे अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म, वेटिंग एरिया और एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स का निरीक्षण किया और सुरक्षा उपायों को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ की गश्त भी तेज कर दी गई है।


रेल प्रशासन ने अपील की है कि यात्री धैर्य बनाए रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में रेलवे सुरक्षा बल या प्रशासन को तुरंत सूचित करें।

Sunday, February 16, 2025

वाराणसी में नारकोटिक्स टीम की बड़ी कार्रवाई, 5 करोड़ की कोकीन के साथ तस्कर गिरफ्तार

वाराणसी: कैण्ट थाना क्षेत्र में नारकोटिक्स की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 करोड़ रुपये मूल्य की कोकीन बरामद की है। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।  


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प्राप्त जानकारी के अनुसार नारकोटिक्स टीम ने यह ऑपरेशन पुलिस उपाधीक्षक ANTF राजकुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में अंजाम दिया। इस दौरान टीम में शक्तिधर पाण्डेय, अभिषेक कुमार सिंह और इंद्रजीत कुमार शामिल रहे। सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ते हुए भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किया।  

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प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी नशे की तस्करी में लिप्त था और वाराणसी सहित अन्य जिलों में इसे सप्लाई करने की फिराक में था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।  

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इस गिरफ्तारी के बाद वाराणसी पुलिस और नारकोटिक्स टीम इसे बड़ी सफलता मान रही है। प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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Saturday, February 15, 2025

मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण, प्रशासन को दिया निर्देश- हर श्रद्धालु को मिले पूरी सुविधा

वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को काशी पहुंचे। यहां उन्होंने काशी विश्वनाथ में दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी की एक दिवसीय यात्रा के दौरान शनिवार को बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। उन्होंने गर्भगृह में षोडशोपचार पूजन कर लोक कल्य़ाण की कामना की। सीएम योगी ने मंदिर प्रांगण व वहां से वापस आते समय श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। मुख्यमंत्री ने यहां नन्हे-मुन्नों को दुलारा-पुचकारा। हालचाल जाना, फिर उन्हें चॉकलेट भी दी। एक बच्चे ने हाथ बढ़ाया तो सीएम ने उससे हाथ भी मिलाया। वहीं श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने के कारण मुख्यमंत्री ने काल भैरव दर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। 

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विवेकानंद क्रूज से पहुंचे घाट 

मुख्यमंत्री संगमम् से पहले नमो घाट से विवेकानंद क्रूज पर सवार होकर गंगाद्वार पहुंचे। वहां से काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। सीएम ने यहां घाटों का निरीक्षण भी किया। दर्शन-पूजन के उपरांत सीएम क्रूज पर सवार हुए और नमो घाट पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हुए। 

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नाव पर सवार लोगों ने लहराया केसरिया गमछा, लगाए जयश्रीराम के जयकारे 

मुख्यमंत्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के उपरांत क्रूज पर सवार होकर वापस नमो घाट जा रहे थे। इस दौरान बगल से गुजर रहे नाव-क्रूज पर सवार और घाट पर खड़े लोगों ने मुख्यमंत्री को देखकर जयश्रीराम के जयकारे लगाए। मुख्यमंत्री को देख अभिभूत युवाओं ने केसरिया गमछा भी लहराया और मोबाइल से उनकी तस्वीर भी खींची। 

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मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वे 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी का हवाई सर्वे भी किया। यहां की भीड़ को देखते हुए उन्होंने प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा का निर्देश दिया। गौरतलब है कि प्रयागराज स्नान के उपरांत काशी में भी प्रतिदिन कई लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस मौके पर मंत्री रविंद्र जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।

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Friday, February 14, 2025

संविदा कर्मचारी की विधुत स्पर्शाघात से मृत्यु, संगठन ने वार्ता स्थगित की

चंदौली: सिंधिताली फेज-2 उपकेंद्र में कार्य करते समय संविदा लाइन स्टाफ स्व0 गनेषु कुमार पटेल की विधुत स्पर्शाघात से दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद, विद्युत वितरण मंडल चंदौली के अधीक्षण अभियंता से होने वाली द्विपक्षीय वार्ता को संगठन ने स्थगित कर दिया।


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संघटन ने मृतक कर्मचारी के परिजनों को जल्द से जल्द राहत देने और उनका पोस्टमार्टम आज ही कराने की मांग की। जिलाधिकारी चंदौली ने वाराणसी के जिलाधिकारी से संपर्क किया, जिनके आश्वासन के बाद मृतक का पोस्टमार्टम आज ही कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई।

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इस घटना के बाद संगठन के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही करने का दबाव डाला। संगठन ने अधीक्षण अभियंता चंदौली और अधिशासी अभियंता मुग़लसराय के विशेष प्रयासों के लिए धन्यवाद भी दिया।

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संगठन के प्रतिनिधियों में डॉ. आर.बी. सिंह, आर.के.वाही, ओ.पी. सिंह, जिउतलाल, राहुल सिंह, जितेंद्र सिंह, शिवनारायण सिंह, विकास कुशवाहा, अंकुर पाण्डेय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। यह घटना संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर उठते सवालों को फिर से उजागर करती है।

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सपा नेता सुधाकर यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज, चुनाव आयोग का पुतला फूंका

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता सुधाकर यादव के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में केस दर्ज किया गया है। यह मामला चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का पुतला फूंकने को लेकर है। घटना मिल्कीपुर चुनाव परिणामों के बाद सपा कार्यालय के बाहर हुई, जहां पुतला जलाया गया।


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उप निरीक्षक आदित्य सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस घटना को लेकर जांच शुरू कर दी है और संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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यह घटना उस समय हुई जब मिल्कीपुर विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित हुए थे, और इसके बाद सपा कार्यालय के बाहर चुनाव आयोग के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए पुतला दहन किया गया था। इस मामले पर पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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Thursday, February 13, 2025

मंडलायुक्त ने गंगा आरती के नाम पर धन उगाही करने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने का दिया आदेश

वाराणसी: माघ पूर्णिमा के अवसर पर वाराणसी में आयोजित गंगा आरती के दौरान श्रद्धालुओं से अवैध वसूली की घटना सामने आई। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा और अपर पुलिस कमिश्नर श्री चिनप्पा ने मामले का संज्ञान लिया और तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।



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यह घटना अहिल्या देवी घाट स्थित ऊंचे मंदिर पर हुई, जहां पृथ्वी साहनी और उसके तीन साथियों ने श्रद्धालुओं से 200-500 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से गंगा आरती के नाम पर पैसे वसूले। लगभग 20 श्रद्धालुओं को बंधक बना लिया गया था, जिन्हें बाद में पुलिस ने ताला तोड़कर छुड़ाया और उनका पैसा वापस दिलवाया। मंदिर संचालकों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर थाने भेजा गया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए।

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मंडलायुक्त ने इस घटनाक्रम को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज़ करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी श्रद्धालुओं को पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान की जाए।

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गंगा घाटों पर सुरक्षा के इंतजामों, सफाई व्यवस्था और विद्युत आपूर्ति को लेकर भी निरीक्षण किया गया। दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किए जाने पर कार्रवाई के आदेश दिए गए। मंडलायुक्त ने अपील की कि श्रद्धालु भीड़ से बचें और घाटों पर स्नान करके तुरंत आगे बढ़ें ताकि सभी को दर्शन का अवसर मिल सके। यह कार्रवाई उन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, जो माघ पूर्णिमा के अवसर पर वाराणसी में जुटे हुए हैं।

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Wednesday, February 12, 2025

अखिलेश यादव का केंद्र और यूपी सरकार पर तीखा हमला, बजट और नीतियों पर उठाए सवाल

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा बजट केवल उद्योगपतियों के लिए बनाया गया है और आम जनता को इससे कोई लाभ नहीं मिलेगा।


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बजट पर हमला

अखिलेश यादव ने कहा, "मैं भी इस बजट के विरोध में खड़ा हुआ हूं। यह उद्योगपतियों के लिए बना हुआ है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों का कर्ज तो माफ कर रही है, लेकिन किसानों की कर्जमाफी पर कोई ध्यान नहीं दे रही।

यूपी सरकार पर तीखा वार

उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "जो अपने आप को डबल इंजन की सरकार कह रहे हैं, वे उत्तर प्रदेश के इन्वेस्टमेंट के लिए क्या सहयोग कर रहे हैं? वास्तव में, यह सरकार डबल इंजन नहीं, बल्कि डबल ब्लंडर कर रही है।"

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विकसित भारत पर सवाल

सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "जो शौचालय बने हैं, उनमें पानी तक नहीं पहुंच रहा। क्या यही विकसित भारत की तस्वीर है?"

विदेश यात्रा और सरकार की प्राथमिकताएं

सरकार के फैसलों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "अगर अमेरिका जा रहे हैं तो सोने की जंजीर लेकर जाइए और कुछ महिलाओं व बच्चों को दूसरी जहाज में लेकर आइएगा।"

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देश की असली तरक्की पर जोर

अखिलेश यादव ने कहा कि असली तरक्की वही होती है जो हर भेदभाव को मिटाती है और समाज में खुशहाली लाती है। उन्होंने अपनी कविता के जरिए कहा,

"असली तरक्की है वही जो हर फर्क मिटाती है,

जो हर तरफ खुशहाली के गुलशन खिलाती है।"

समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर अपनी मांग दोहराई कि सरकार को केवल उद्योगपतियों के लिए नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों और आम जनता के लिए भी ठोस कदम उठाने चाहिए।

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महाकुंभ, गंगा स्‍नान और संत रविदास जयंती... भीड़ के तिहरे दबाव से वाराणसी में जाम हुआ विकराल

वाराणसी: धर्म नगरी काशी में भीड़ का तिहरा दबाव बनने से मंगलवार को जाम का विकराल रूप दिखाई दिया। एक तरफ प्रयागराज से लौट रहे तीर्थयात्रियों का सैलाब थम नहीं रहा तो दूसरी तरफ माघी पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने आने वाले श्रद्धालु तथा संत रविदास जयंती में शामिल होने आए लाखों श्रद्धालुओं का रेला है।


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हर सड़क और हर गली ठसाठस रही। सभी प्रकार के वाहन, यहां तक कि ऑटो और ‍-रिक्शा पर प्रतिबंध के बाद भी दशाश्वमेध घाट से लेकर गोदौलिया चौराहा होते हुए काशी विश्वनाथ धाम और आगे मैदागिन तक पैदल चलना भी दूभर रहा। हर तरफ केवल लोगों के सिर ही सिर दिख रहे थे।

ट्रेन में रिजर्व सीट तक नहीं पहुंच पा रहे यात्री

धाम के गंगा द्वार की ओर घाटों पर श्रद्धालुओं का अंतिम छोर ड्रोन से ही देखना संभव हुआ। पर्यटकों से सभी घाट पटे पड़े हैं। वहीं, रेलवे स्टेशन के बाहर भी भीषण जाम लगा है तो ट्रेनों में भीड़ ऐसी कि किराया देने के बावजूद एसी और स्लीपर के यात्री कोच में सवार तक नहीं हो पा रहे हैं। किसी तरह कोच में चढ़ने का मौका मिल गया तो फर्श पर या फिर टॉयलेट के पास यात्रा करने को मजबूर हैं। विश्वनाथ धाम के आसपास बसे पक्का महाल (पुरानी काशी) की गलियों में रहने वाले लोग तो लगातार चौथे दिन घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। बच्चों के लिए दूध और सब्जी खरीदने को बाहर निकलने के प्रयास में धक्कामुक्की होती रही।

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माघी पूर्णिमा पर सबसे बड़ी जुटान

महाकुंभ के पलट प्रवाह में मंगलवार को और 15 लाख तीर्थयात्री तो संत रविदास जयंती में शामिल होने के लिए पंजाब से ही पांच लाख श्रद्धालु काशी पहुंचे हैं। इसके साथ ही माघी पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए वाराणसी के आसपास जिलों से सिर पर गठरी-बैग लादे लोगों का सुबह से ही आना जारी रहा। श्रद्धालुओं से पिछले 36 घंटे से प्रयागराज हाईवे पर वाहनों के पहिए थमे हैं। करीब 20 किलोमीटर तक जाम लगा हुआ है। शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा है।

क्राउड मैनेजमेंट में लगाए गए अधिकारी

ऐसे में बुधवार को माघी पूर्णिमा के दिन काशी में श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी जुटान होगी। करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए नए सिरे से कवायद शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद काशी की सड़कों पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत 10 आईपीएस, तीन जोन के एडीसीपी समेत 17 पीपीएस अधिकारी सड़क पर उतरे हुए हैं। इसके अलावा डीएम और कमिश्नर समेत 5 आईएएस, और 11 पीसीएस अफसर भी भीड़ नियंत्रण में लगे हुए हैं।

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नाव संचालन पर रोक

प्रशासन ने मंगलवार की शाम से नावों के संचालन पर रोक लगा दी। जल पुलिस की ओर से अनाउंस कर नाव संचालकों को सख् चेतावनी दी गई। बता दें कि सोमवार को दशाश्वमेध घाट पर आरती देखने के लिए तीन लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे। इनमें आधे श्रद्धालु नावों पर सवार रहे।

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