रामपुर: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही जेल में बंद आजम खान के खिलाफ अब आयकर विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए जौहर ट्रस्ट से 550 करोड़ रुपये की वसूली करने का निर्णय लिया है।
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क्या है मामला?
आयकर विभाग के मुताबिक, रामपुर में बने जौहर विश्वविद्यालय में बेनामी संपत्ति के जरिए भारी निवेश किया गया था। विभाग की जांच में पाया गया कि ट्रस्ट के नाम पर अवैध रूप से करोड़ों रुपये का निवेश हुआ है, जिसके बाद यह कार्यवाही शुरू की गई है।
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आजम खान पर पहले से कई आरोप
जेल में रहने के बावजूद आजम खान पर भ्रष्टाचार, जमीन कब्जा, मनी लॉन्ड्रिंग और बेनामी संपत्तियों के कई मामले दर्ज हैं। पिछले कुछ वर्षों में उनके खिलाफ ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और सीबीआई जैसी एजेंसियां भी जांच कर चुकी हैं। इससे पहले रामपुर में शत्रु संपत्ति हड़पने और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के आरोप भी उन पर लग चुके हैं।आयकर विभाग जल्द ही कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर ट्रस्ट की संपत्तियों की कुर्की कर सकता है। अगर आजम खान और उनके ट्रस्ट के अधिकारी वसूली की रकम जमा नहीं करते, तो प्रशासन की ओर से संपत्तियों की नीलामी भी की जा सकती है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सपा इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि कानून सबके लिए समान है।
अब देखना यह होगा कि आजम खान और उनका परिवार इस कानूनी लड़ाई से कैसे निपटते हैं और क्या वाकई जौहर ट्रस्ट की संपत्तियों पर सरकार की सीधी कार्रवाई होती है या कोई अन्य कानूनी विकल्प सामने आता है।
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