वाराणसी: लखनऊ में आयोजित यूपी हेल्थकेयर कॉन्क्लेव 2025 में विशेषज्ञों द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई| हेल्थ कॉन्क्लेव का आयोजन द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा लखनऊ स्थित ताज महल में किया गया। इस कार्यक्रम का उदघाटन उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया| इस कार्यक्रम का मुख्य विषय हेल्थ केयर ट्रांसफारमेशन को बढ़ावा देना इनोवेशन, एक्सेसिबिलिटी और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण देखभाल था| कॉन्क्लेव में कॉन्क्लेव नीति निर्माताओं, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, उद्योग जगत के नेताओं, नवोन्मेषकों और विचारकों को एक मंच प्रदान किया गया, जहाँ वे एक साथ आकर ज्ञान साझा किये और एक स्वस्थ एवं अधिक समतापूर्ण उत्तर प्रदेश के लिए समाधानों पर चर्चा की। इसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने दी.
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मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश ब्रजेश पाठक ने प्रदेश की स्वास्थ्य उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से संस्थागत प्रसव बढ़े हैं और मातृ एवं शिशु मृत्यु-दर में कमी आई है। उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने में उत्तर प्रदेश ने देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व चिकित्सा शिक्षा श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि विगत वर्षों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक सुधार करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्घ कराने में उप्र ने सफलता पाई है। उन्होंने विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि वेक्टर जनित रोगों के प्रसार में व्यापक कमी आई है कॉन्क्लेव के अन्य सत्र में प्रतिभाग करते हुए मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश, डॉ. पिंकी जोवल ने प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनाए जा रहे नवाचारों एवं विभाग की उपलब्धियों पर चर्चा की।
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कॉन्क्लेव में सीएमओ डॉ संदीप चौधरी ने यूपी में अग्रणी स्वास्थ्य सेवा समाधान विषय के अंतर्गत वाराणसी में संचालित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए वाराणसी मॉडल पर विशेष जानकारी दी| उन्होंने बताया कि जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हुआ है जहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर वर्ष 2022-23 में 5074 प्रसव हुये थे वहीँ सेवाओं में सुधार के फलस्वरूप वर्ष 2024-25 में 7905 प्रसव हुये हैं| आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (स्वास्थ्य उपकेन्द्र) में भी वर्ष 2022-23 में 6913 प्रसव हुये थे वहीँ वर्ष 2024-25 में 8876 प्रसव हुये हैं| मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लगातार सुदृढ़ करने हेतु नवाचार के रूप में नवजात शिशु मृत्यु-दर को इकाई की संख्या में लाने के लिए मिशन संकल्प कार्यक्रम चलाया जा रहा है, इसके साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई (एमएनसीयू) भी संचालित किए जा रहे हैं| जिले में ह्रदयाघात परियोजना भी आईसीएमआर के सहयोग से संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत 100 से अधिक ह्रदय रोगियों की जान बचाई जा चुकी है|.
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