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Monday, February 09, 2026

पत्रकार पर फर्जी ईनाम घोषित कर एनकाउंटर करने वाले एसपी हरदोई को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने हरदोई के एसपी को कड़ी फटकार लगाई है, हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दिमाग़ खोलकर काम करें अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें। कोर्ट ने यह वार्निंग हरदोई पुलिस के एक ऐसे कारनामें पर जारी की है, जिसने क़ानून का खुला दुरपयोग किया गया है। 

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दरअसल हरदोई के पत्रकार हरिश्याम बाजपेयी को वर्ष 2022 में कथित रूप से एक फर्जी केस में फंसा दिया गया था, जिसमें वे वर्ष 2024 से नियमित ज़मानत पर हैं, और प्रत्येक पेशी पर न्यायालय में स्वयं उपस्थित हो रहे हैं, बावजूद इसके हरदोई एसपी ने पत्रकार को केस में फरार बताते हुए वर्ष 2025 में 05 हजार का ईनाम घोषित कर दिया, जिसमें एनकाउंटर की भी लिखित रूप से धमकी दी गई, इसमें सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने फर्जी एवं भ्रामक आख्या लगाकर न केवल पुलिस अधीक्षक को ही गुमराह किया बल्कि राज्य मानवाधिकार आयोग में भी अपनी फर्जी आख्या प्रेषित कर दी। 

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हालांकि आयोग में मामला अभी विचाराधीन है, किंतु हाईकोर्ट में वादी के विद्वान अधिवक्ता तैफीक सिद्दीकी ने हरदोई पुलिस द्वारा क़ानून के खुला दुरपयोग करने पर मजबूती से बहस की और उच्च न्यायालय के उस आदेश का उलंघन बताया जिसके आधार पर पत्रकार को ज़मानत मिली है। 

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हाईकोर्ट की जज बबिता रानी व मो. अब्दुल मोईन ने उक्त मामले की सुनवाई करते हुए हरदोई पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। पुलिस को चेतावनी दी गई कि अपना दिमाग़ खोलकर काम करें भविष्य में पत्रकार के साथ कोई भी घटना होती है तो क़ानून के अनुसार पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में वादी पत्रकार के अधिवक्ता ने यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, एडीजी लखनऊ जोन, आईजी लखनऊ जोन, डीएम हरदोई एसपी, सीओ, एसएचओ, व चौकी इंचार्ज रेलवेगंज को पार्टी बनाया था।

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मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्पेशल ओलंपिक विजेता दिव्यांग खिलाड़ी वासु तिवारी को किया सम्मानित

लखनऊ: स्पेशल ओलंपिक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले 32 वर्षीय खिलाड़ी वासु तिवारी को रविवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने अपने लखनऊ स्थित आवास पर मेडल पहनाकर सम्मानित किया। मंत्री कश्यप ने वासु की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और भविष्य में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।


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मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि वासु तिवारी ने मार्च 2025 में इटली के ट्यूरिन शहर में आयोजित स्पेशल ओलंपिक स्नोशूइंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक तथा 25 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में लगभग 150 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था। वासु की इस उपलब्धि पर इटली से लौटने के बाद संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी वासु को सम्मान प्रदान कर चुकी हैं।

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मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि कम उम्र में वासु ने असाधारण साहस, अनुशासन और मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वासु को शीघ्र ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने वासु को आगामी ओलंपिक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर देश और उत्तर प्रदेश का नाम और ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया। 

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बताया गया कि इटली में आयोजित इस स्पेशल ओलंपिक के लिए वासु का प्रशिक्षण हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित नारकंडा में कराया गया था। इस प्रतियोगिता में भारतीय दल ने कुल 33 पदक जीते, जिनमें छह स्वर्ण, 18 रजत और सात कांस्य पदक शामिल हैं। वासु तिवारी मूल रूप से अयोध्या जनपद के निवासी हैं। उनकी माता डॉ. संगीता तिवारी पशुपालन निदेशालय में अपर निदेशक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके पिता डॉ. अशोक कुमार तिवारी केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर (बरेली) के निदेशक रह चुके हैं। वासु की इस सफलता में जीवन धारा पुनर्वास केंद्र, बरेली तथा कोच आकाश सक्सेना और शिवा का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन अहम रहा है।

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Friday, February 06, 2026

सिरकोनी में कार्यों की हकीकत जानने पहुँचे मंडलायुक्त, जिलाधिकारी की मौजूदगी में परखीं विकास योजनाएं

जौनपुर/वाराणसी: मंडल के मंडलायुक्त ने आज जनपद जौनपुर के सिरकोनी का औचक दौरा किया। यहाँ उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए।


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जिलाधिकारी की मौजूदगी में हुई समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जौनपुर सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने सिरकोनी में चल रहे विकास कार्यों, अभिलेखों के रख-रखाव और सरकारी योजनाओं की जमीनी प्रगति की बारीकी से जांच की।

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लापरवाही पर दी चेतावनी

मंडलायुक्त ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि: विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। SIR अभियान के तहत मिली कमियों को तत्काल दूर किया जाए। आम जनता को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की बाधा आने पर संबंधित विभाग की जवाबदेही तय होगी।

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SIR अभियान को लेकर सख्ती

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। मंडलायुक्त ने साफ किया कि मंडल के सभी जनपदों में इसी तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।


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नई गाड़ियां कागज पर हुईं डेड, तीन कर्मचारी सस्पेंड

​वाराणसी:  नगर निगम के परिवहन विभाग ने दस साल की मियाद पूरी करने से पहले ही तमाम वाहनों को 'डेड' घोषित नीलामी की सूची में शामिल कर लिया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने परिवहन कार्यशाला विभाग के तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच अपर नगर आयुक्त अमित कुमार को सौंपी है और 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। वहीं निलंबन अवधि में तीनों कर्मचारी जांच अधिकारी से संबंध किए गए हैं।


नीलामी समिति में शामिल उपसभापति नरसिंह दास, व पार्षद हनुमान प्रसाद तथा मदन मोहन दुबे ने यार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त 2022 में खरीदी गई विभिन्न प्रकार के 25 ई-गार्बेज मशीनें महज डेढ़ साल में ही कबाड़ घोषित कर दी गईं। वही एक गोल्फ कोर्ट वाहन का सिर्फ चेसिस बचा है, उसके पहिए, इंजन और बैटरी सब नदारद हैं। ​10-10 लाख की जटायु मशीनें और 75 लाख की स्वीपर मशीनों को बिना किसी एक्सपर्ट रिपोर्ट के डंपिंग यार्ड में डाल दिया गया। 

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वर्कशॉप में खड़ी गाड़ियों के इंजन, बैटरी और पहिए तक गायब मिले। नई जेसीबी और महिंद्रा के वाहनों का कोई सर्विस रिकॉर्ड नहीं मिला। टाटा एस की जिन दो गाड़ियों पर 1.5 लाख रुपये से अधिक मरम्मत में खर्च किए गए, उन्हें भी 'स्क्रैप' लिस्ट में डाल दिया गया। समिति के सदस्यों ने इसकी रिपोर्ट के आधार पर महापौर व नगर आयुक्त ने भी यार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया था। इसके बाद नगर आयक्त ने इसे गंभीरता से लिया।

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प्रथम दृष्टता कनिष्ठ लिपिक  वैभव शरण मिश्र, सौरभ सान्याल व नपेंद्र शंकर सिंह को वाहनों के रखरखाव में घोर लापरवाही और वित्तीय क्षति पहुंचाने के आरोप में निलंबित कर दिया । जारी निलंबल आदेश में कहा गया कि इन कर्मचारियों का कृत्य कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत है और यह गंभीर दंड की परिधि में आता है।

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Wednesday, February 04, 2026

नाला बाधित होने पर नगर आयुक्त ने जताई नाराजगी, एफआईआर की चेतावनी

वाराणसी: नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सोमवार को शिवदासपुर वार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पंचवटी नगर और सिंधुरिया कॉलोनी में बिछाई जा रही सीवर पाइप लाइन के कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान शिवदासपुर से मुख्य मार्ग तक नाला बाधित मिलने पर नगर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने तत्काल फोन पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यडी) के अधिशासी अभियंता से वार्ता की और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं हुआ तो विभाग व संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

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शीतला माता मंदिर के समीप भारी जलजमाव को देखते हुए नगर आयुक्त ने जलकल विभाग को सीवर लाइन का विस्तार मुख्य मार्ग तक कराने का निर्देश दिया। साथ ही आवागमन को सुगम बनाने के लिए इंटरलॉकिंग कार्य कराने की भी हिदायत दी।

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उन्होंने कहा कि जलजमाव से जनता को राहत दिलाना प्राथमिकता है, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वार्ड में जगह-जगह कूड़े के ढेर और खाली प्लॉटों में भरे पानी पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने जलकल विभाग को सक्शन मशीन लगाकर प्लॉटों से पानी निकालने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में चूने का छिड़काव और एंटी-लार्वा स्प्रे सुनिश्चित किया जाए ताकि बीमारियों का खतरा न रहे।

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तालाब की जमीन की होगी जांच

नगर आयुक्त ने सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव को शिवदासपुर तालाब की वस्तुस्थिति स्पष्ट करने का जिम्मा सौंपा। उन्होंने जांच करने को कहा कि तालाब के पास स्थित खाली भू-भाग सरकारी है या किसी की निजी संपत्ति। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद रविंद्र सोनकर, महाप्रबंधक जलकल अनूप कुमार सिंह, जेई आशुतोष, श्वेता और प्रदीप वर्मा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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वाराणसी में 7 महीने में इंस्पेक्टर समेत 6 पुलिसकर्मी जेल भेजे गए

वाराणसी: ईमानदारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की बात करने वाली पुलिस महकमे के कुछ अधिकारियों की करतूतों ने विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते सात महीनों में एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए एक इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मियों को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

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जानकारी के अनुसार, ये सभी पुलिसकर्मी रिश्वत लेने, मामलों में नाम हटाने, धारा कम कराने और जमीन से जुड़े मामलों में अवैध लाभ लेने जैसे आरोपों में पकड़े गए हैं। गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर, दरोगा, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल हैं।

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एंटी करप्शन टीम वाराणसी ने अलग-अलग तिथियों पर की गई कार्रवाई में आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि 2019 बैच के पुलिसकर्मियों पर ज्यादा आरोप पाए गए, जिन पर अब तक सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई है।

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सूत्रों के मुताबिक, भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी जांच जारी है और अन्य जिलों में भी कार्रवाई की जा सकती है। एंटी करप्शन टीम ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान बिना किसी दबाव के लगातार जारी रहेगा।

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Tuesday, February 03, 2026

उपायुक्त स्वतः रोजगार ने ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण कर सचिवों संग की समीक्षा बैठक

वाराणसी: जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार को उपायुक्त स्वतः रोजगार पवन कुमार सिंह ने चिरईगांव ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण कर कर्मचारियों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लोग कार्य स्थल पर समय से पहुंचे।

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शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से करें।गांवों में बने आरआरसी का संचालन सचिव हरहाल में कराना सुनिश्चित करें।अन्यथा की स्थिति में उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

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उपायुक्त स्वतः रोजगार ने बताया कि गांवों में तैनात सचिवों को पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों के घर की महिलाओं को समूह से जोड़ने, फार्मर रजिस्ट्री, क्रापसर्वे, जनशिकायतों के गुणवत्ता युक्त निस्तारण समय से करने आदि के बारे में निर्देशित किया।भ्रमण पंजिका में अंकित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार संपादित हुए कार्य का निवारण अंकित करने को भी कहा।

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उपायुक्त स्वतः रोजगार ने विभिन्न पटलों पर जाकर पूछताछ किया। समीक्षा बैठक में बीडीओ चिरईगांव, सहायक विकास अधिकारीगण व सचिव शामिल थे।

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