Latest News

Varanasi News
Purvanchal News

Gallery

Breaking News

Election

News

Recent Posts

Wednesday, June 03, 2026

आजमगढ़ का बढ़ा देशभर में मान! डीएम रविन्द्र कुमार बने भारत के टॉप-25 जिलाधिकारियों में नंबर-1, 862 अंकों के साथ रचा कीर्तिमान

आजमगढ़: जिले के लिए गर्व और सम्मान की बड़ी खबर सामने आई है। आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने अपनी उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यशैली, जनसेवा के प्रति समर्पण और विकासोन्मुख नेतृत्व के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान स्थापित की है। प्रतिष्ठित फेम इंडिया–एशिया पोस्ट बेस्ट डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट सर्वे 2026 में उन्हें देश के शीर्ष 25 जिलाधिकारियों में स्थान मिला है। इतना ही नहीं, 862 अंकों के साथ उन्होंने सर्वे में सर्वोच्च स्कोर हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी है।


यह भी पढ़ें: नव नियुक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने संभाला कार्यभार

जनता के बीच रहने वाले अधिकारी की बनी पहचान

डीएम रविन्द्र कुमार की सबसे बड़ी विशेषता उनकी जनसुलभ और संवेदनशील कार्यशैली मानी जाती है। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन के दौरान वह हर वर्ग के लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनते हैं और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश देते हैं। यही कारण है कि आम जनता उन्हें एक ऐसे अधिकारी के रूप में देखती है, जिन तक सीधे अपनी बात पहुंचाई जा सकती है।

यह भी पढ़ें: चौबेपुर में युवक ने पुलिस आयुक्त से लगाई सुरक्षा की गुहार, सुनील यादव से जान का खतरा बताकर कार्रवाई की मांग

विकास, सुशासन और नवाचार का मिला पुरस्कार

फेम इंडिया और एशिया पोस्ट द्वारा किए गए राष्ट्रीय सर्वेक्षण में देशभर के लगभग 800 जिलों का अध्ययन किया गया। प्रशासनिक दक्षता, सुशासन, नवाचार, जवाबदेही, जनसंपर्क, संकट प्रबंधन, निर्णय क्षमता और विकास कार्यों जैसे दस महत्वपूर्ण मानकों पर मूल्यांकन के बाद रविन्द्र कुमार को यह सम्मान मिला।

यह भी पढ़े: अब नहीं काटने पड़ेंगे तहसील के चक्कर, लखनऊ प्रशासन ने ऑनलाइन जारी किए सभी लेखपालों के नंबर

पर्यावरण संरक्षण में भी पेश की मिसाल

प्रधानमंत्री के ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के आह्वान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए डीएम रविन्द्र कुमार स्वयं ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंचे। उनकी यह पहल जिले में चर्चा का विषय बनी और लोगों ने इसे जिम्मेदार नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

यह भी पढ़ें: अवैध बालू मंडी पर प्रशासन का बड़ा छापा, 68 वाहन सीज

जल संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास

रविन्द्र कुमार जल एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्यों के लिए जाने जाते हैं। पूर्व में बुलन्दशहर में नीम नदी के पुनर्जीवन और झांसी में जल संरक्षण अभियानों को नई दिशा देने के बाद आजमगढ़ में भी उन्होंने तमसा नदी संरक्षण और जल बचाओ अभियानों को प्राथमिकता दी है।

यह भी पढ़ें: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर आयुक्त ने पंचकोशी यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए

कानून-व्यवस्था और विकास पर समान फोकस

डीएम रविन्द्र कुमार ने जिले में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। नियमित निरीक्षण, फील्ड विजिट और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की उनकी कार्यशैली प्रशासनिक हलकों में सराही जाती है।

यह भी पढ़ें: नव नियुक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने संभाला कार्यभार

आजमगढ़ के लिए गौरव का क्षण

देश के शीर्ष 25 जिलाधिकारियों में स्थान प्राप्त करना और सर्वाधिक अंक हासिल करना केवल रविन्द्र कुमार की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे आजमगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उनकी यह सफलता बताती है कि संवेदनशील नेतृत्व, पारदर्शी प्रशासन और जनसेवा के प्रति समर्पण से किसी भी जिले को राष्ट्रीय पहचान दिलाई जा सकती है। रविन्द्र कुमार ने साबित कर दिया है कि एक जिलाधिकारी केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि जनता का विश्वासपात्र, विकास का वाहक और परिवर्तन का सशक्त नेतृत्वकर्ता भी होता है।

यह भी पढ़ें: चौबेपुर में युवक ने पुलिस आयुक्त से लगाई सुरक्षा की गुहार, सुनील यादव से जान का खतरा बताकर कार्रवाई की मांग

Monday, June 01, 2026

नव नियुक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने संभाला कार्यभार

वाराणसी: उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के क्रम में नव नियुक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी डॉ. मुकेश कुमार ने मंगलवार को अपने पद का विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने जनपद में संचालित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण द्वारा संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की तथा अधिकारियों के साथ प्रारंभिक बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।


यह भी पढ़ें: चौबेपुर में युवक ने पुलिस आयुक्त से लगाई सुरक्षा की गुहार, सुनील यादव से जान का खतरा बताकर कार्रवाई की मांग

इस अवसर पर डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि जनपदवासियों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, नियमित टीकाकरण, संचारी रोग नियंत्रण तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जाएगा।

यह भी पढ़े: अब नहीं काटने पड़ेंगे तहसील के चक्कर, लखनऊ प्रशासन ने ऑनलाइन जारी किए सभी लेखपालों के नंबर

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: अवैध बालू मंडी पर प्रशासन का बड़ा छापा, 68 वाहन सीज

कार्यभार ग्रहण के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया तथा जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि जनहित सर्वोपरि है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास किए जाएंगे, जिससे जनपद के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सके।

यह भी पढ़ें: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर आयुक्त ने पंचकोशी यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए

Thursday, May 28, 2026

अब नहीं काटने पड़ेंगे तहसील के चक्कर, लखनऊ प्रशासन ने ऑनलाइन जारी किए सभी लेखपालों के नंबर

लखनऊ: राजधानी में प्रशासन ने आम लोगों की सुविधा के लिए एक बड़ा और अहम डिजिटल कदम उठाया है। अब लखनऊ की सभी तहसीलों में तैनात लेखपालों के मोबाइल नंबर और उनसे जुड़ी जरूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है। जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यियर की पहल पर शुरू की गई इस नई व्यवस्था से लोगों को अब छोटी-छोटी जानकारियों के लिए तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।


यह भी पढ़ें: अवैध बालू मंडी पर प्रशासन का बड़ा छापा, 68 वाहन सीज

प्रशासन द्वारा जारी की गई वेबसाइट के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपने क्षेत्र के लेखपाल का नाम, तैनाती क्षेत्र और मोबाइल नंबर आसानी से देख सकेंगे। इस नई सुविधा को डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लखनऊ प्रशासन की ओर से शुरू की गई यह पहल खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और जमीन से जुड़े मामलों में लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। जमीन की पैमाइश, दाखिल-खारिज, नामांतरण, खतौनी और राजस्व से जुड़े कई मामलों में अब लोगों को सीधे संबंधित लेखपाल से संपर्क करने में आसानी होगी।

यह भी पढ़ें: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर आयुक्त ने पंचकोशी यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए

वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई पूरी जानकारी

प्रशासन की ओर से जारी ऑनलाइन पोर्टल पर लखनऊ की पांचों तहसीलों के लेखपालों का पूरा विवरण उपलब्ध कराया गया है। नागरिक अपनी तहसील और ग्रामसभा का चयन करके संबंधित लेखपाल की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन सूची देखने के लिए प्रशासन ने वेबसाइट लिंक भी जारी किया है, लखनऊ लेखपाल ऑनलाइन सूची (https://lucknowbhulekh.in/MasterData/LekhpalByTehsil ) इस वेबसाइट के जरिए लोग अब सीधे अपने क्षेत्र के राजस्व अधिकारी से संपर्क कर सकेंगे। इससे कामकाज की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान और पारदर्शी होने की उम्मीद है।

पहले होती थी भारी परेशानी

अब तक आम लोगों को अपने क्षेत्र के लेखपाल का नंबर या जानकारी हासिल करने के लिए तहसील कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार सही जानकारी समय पर नहीं मिलती थी, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी और समय की बर्बादी झेलनी पड़ती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह समस्या और भी बड़ी थी। कई बार लोग सिर्फ लेखपाल का नंबर जानने के लिए पूरे दिन तहसील परिसर में भटकते रहते थे। कुछ मामलों में बिचौलियों का सहारा भी लेना पड़ता था, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। ऐसे में प्रशासन की यह नई पहल लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। अब नागरिक सीधे वेबसाइट पर जाकर संबंधित लेखपाल का मोबाइल नंबर प्राप्त कर सकेंगे और फोन के माध्यम से संपर्क कर सकेंगे।

यह भी पढ़ें: पशु शवदाह गृह में भरा भूसा, करोड़ों की परियोजना बेकार

डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ प्रशासन की इस पहल को डिजिटल इंडिया अभियान और ई-गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार लगातार प्रशासनिक सेवाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की डिजिटल व्यवस्थाएं सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी को भी कम करने में मदद करती हैं।ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध होने से अब आम लोगों को यह पता रहेगा कि उनके क्षेत्र का लेखपाल कौन है और उनसे कैसे संपर्क किया जा सकता है। इससे सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।

ग्रामीण जनता को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ

राजस्व विभाग से जुड़े अधिकतर काम ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा होते हैं। खेत, जमीन, पैमाइश, खतौनी और दाखिल-खारिज जैसे मामलों में लेखपाल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। पहले गांव के लोगों को कई बार जानकारी के अभाव में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कई बार लोगों को यह तक पता नहीं होता था कि उनके क्षेत्र का लेखपाल कौन है। ऐसे में यह नई ऑनलाइन व्यवस्था ग्रामीण जनता के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। अब गांव का कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल फोन से वेबसाइट खोलकर संबंधित लेखपाल की जानकारी प्राप्त कर सकेगा। इससे ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी।

यह भी पढ़े: अम्बा-मोकलपुर घाट पर नहीं बिछी लोहे की चादरें, तपती रेत पर चलने को मजबूर ग्रामीण

पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से जनता और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। लोग सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकेंगे, जिससे शिकायतों और समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। इसके अलावा ऑनलाइन जानकारी सार्वजनिक होने से विभागीय पारदर्शिता भी बढ़ेगी। पहले कई मामलों में लोगों को सही अधिकारी तक पहुंचने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी। सरकारी योजनाओं और सेवाओं को लेकर जनता का भरोसा बढ़ाने में भी यह पहल अहम भूमिका निभा सकती है।

पांचों तहसीलों का डेटा हुआ सार्वजनिक

प्रशासन की ओर से फिलहाल लखनऊ की सभी पांच तहसीलों के लेखपालों का डेटा सार्वजनिक किया गया है। इसमें संबंधित क्षेत्र, ग्रामसभा और संपर्क नंबर जैसी जानकारियां शामिल हैं। लोग अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित क्षेत्र का चयन करके जानकारी देख सकते हैं। यह व्यवस्था खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो जमीन से जुड़े मामलों में बार-बार तहसील कार्यालय जाने को मजबूर होते थे। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में इस पोर्टल को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकें।

यह भी पढ़े: चिरईगांव विकास खण्ड के धराधर ग्रामसभा में बन रहे रास्ते का काम रुका, एस.डी.एम. से प्रधान सहित ग्राम वासियों ने लगाई गुहार

लोगों ने की पहल की सराहना

लखनऊ प्रशासन की इस पहल की आम लोगों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने भी सराहना की है। लोगों का कहना है कि इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता को काफी राहत मिलेगी। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इस व्यवस्था को जनता के हित में बड़ा कदम बताया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह अन्य विभागों की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाए तो आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

यह भी पढ़ें: वाराणसी में कारोबारी महिला के नाम पर 19 करोड़ की GST चोरी, खुद को CA बताने वाले पर मुकदमा दर्ज



अवैध बालू मंडी पर प्रशासन का बड़ा छापा, 68 वाहन सीज

वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र के संदहा रिंग रोड के पास अवैध रूप से संचालित बालू मंडी पर बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 ट्रक और 46 ट्रैक्टर समेत कुल 68 वाहनों को सीज कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

यह भी पढ़ें: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर आयुक्त ने पंचकोशी यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए

जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर बाद उपजिलाधिकारी सदर नितिन सिंह, खनन अधिकारी प्रशांत शर्मा, राजस्व विभाग की टीम तथा एसीपी विदुष सक्सेना के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने मंडी पर छापेमारी की। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में बालू लदे ट्रक और ट्रैक्टर खड़े मिले। 

यह भी पढ़ें: पशु शवदाह गृह में भरा भूसा, करोड़ों की परियोजना बेकार

जांच में कई वाहन बिना वैध प्रपत्रों के तथा नियमों के विपरीत संचालित पाए गए।संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 68 वाहनों को सीज कर पुलिस अभिरक्षा में खड़ा करा दिया। कार्रवाई के दौरान कई वाहन चालक मौके से फरार हो गए।

यह भी पढ़े: अम्बा-मोकलपुर घाट पर नहीं बिछी लोहे की चादरें, तपती रेत पर चलने को मजबूर ग्रामीण

एसीपी विदुष सक्सेना ने बताया कि क्षेत्र में अवैध खनन और अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

यह भी पढ़े: चिरईगांव विकास खण्ड के धराधर ग्रामसभा में बन रहे रास्ते का काम रुका, एस.डी.एम. से प्रधान सहित ग्राम वासियों ने लगाई गुहार

उन्होंने बताया कि आरटीओ और परिवहन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं तथा सीजर की कार्रवाई जारी है। ऐसे में सीज वाहनों की संख्या और बढ़ सकती है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस के जवान उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें: वाराणसी में कारोबारी महिला के नाम पर 19 करोड़ की GST चोरी, खुद को CA बताने वाले पर मुकदमा दर्ज

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर आयुक्त ने पंचकोशी यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए

वाराणसी: दिनांक 25 मई 2026 को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल द्वारा शिवपुर स्थित पांचो पांडव मंदिर, धर्मशाला एवं पंचकोशी यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पंचकोशी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।



नगर आयुक्त ने निर्देशित किया कि पंचकोशी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यात्रा मार्ग एवं आसपास के क्षेत्रों में उत्कृष्ट साफ-सफाई व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से सुलभ शौचालयों की नियमित सफाई एवं स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें।


निरीक्षण के दौरान धर्मशालाओं में ठहरने वाले यात्रियों के लिए भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने हेतु कूलर एवं पंखों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि कूलरों में समय-समय पर पानी भरने की व्यवस्था नियमित रूप से की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को गर्मी के दौरान ठंडी हवा उपलब्ध हो सके।
नगर आयुक्त ने पंचकोशी यात्रा मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि रात्रि के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी मार्ग प्रकाश व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से क्रियाशील रहें।


इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर उपलब्ध रखने एवं उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। नगर निगम द्वारा पंचकोशी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

Monday, May 25, 2026

पशु शवदाह गृह में भरा भूसा, करोड़ों की परियोजना बेकार

चिरईगांव: जिला पंचायत की ओर से जाल्हूपुर में मरे पशुओं के निस्तारण के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित पशु शवदाह गृह आज तक चालू नहीं हो सका है। हालत यह है कि भवन की देखरेख करने वाले व्यक्ति द्वारा उसमें भूसा भर दिया गया है। इस मामले की जानकारी होने के बावजूद जिला पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं।


यह भी पढ़े: अम्बा-मोकलपुर घाट पर नहीं बिछी लोहे की चादरें, तपती रेत पर चलने को मजबूर ग्रामीण

स्थानीय लोगों का कहना है कि पशुओं के निस्तारण के लिए बनाए गए इस शवदाह गृह के बंद पड़े रहने से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। वहीं भवन का उपयोग दूसरे कार्यों में किए जाने से इसकी उपयोगिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। 

यह भी पढ़े: चिरईगांव विकास खण्ड के धराधर ग्रामसभा में बन रहे रास्ते का काम रुका, एस.डी.एम. से प्रधान सहित ग्राम वासियों ने लगाई गुहार

इस संबंध में जब जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने कहा कि “इस बारे में जानकारी के लिए कचहरी कार्यालय चले जाइए। 

यह भी पढ़ें: वाराणसी में कारोबारी महिला के नाम पर 19 करोड़ की GST चोरी, खुद को CA बताने वाले पर मुकदमा दर्ज

वहीं अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत मिलेंगे, वही जानकारी देंगे।” अब देखना यह है कि करोड़ों की लागत से बने इस शवदाह गृह को कब तक शुरू कराया जाता है और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है।

यह भी पढ़ें: यूपी में शुरू हो सकती हैं ऑनलाइन क्लासेस और वर्क फ्रॉम होम

अम्बा-मोकलपुर घाट पर नहीं बिछी लोहे की चादरें, तपती रेत पर चलने को मजबूर ग्रामीण

चिरईगांव: ढाब क्षेत्र के अम्बा-मोकलपुर घाट स्थित गंगासोता पर प्रांतीय लोक निर्माण विभाग द्वारा अब तक लोहे की चादरें नहीं बिछाए जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लोगों को करीब 500 मीटर तपती रेत पर पैदल चलकर आवागमन करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़े: चिरईगांव विकास खण्ड के धराधर ग्रामसभा में बन रहे रास्ते का काम रुका, एस.डी.एम. से प्रधान सहित ग्राम वासियों ने लगाई गुहार

स्थानीय लोगों के अनुसार, मोकलपुर, गोबरहां और रामपुर गांव के लोगों के लिए जाल्हूपुर बाजार आने-जाने का यह मुख्य मार्ग है। विभाग द्वारा लोहे की चादरें सड़क किनारे लाकर रख दी गई हैं, लेकिन अब तक उन्हें गंगासोता पर बिछाया नहीं गया है। ग्रामीणों का कहना है कि दोपहर के समय रेत इतनी गर्म हो जाती है कि पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। 

यह भी पढ़ें: वाराणसी में कारोबारी महिला के नाम पर 19 करोड़ की GST चोरी, खुद को CA बताने वाले पर मुकदमा दर्ज

स्थानीय निवासी सतीश सिंह, रमेश, सुनीता, मुन्नालाल, लालजी और आशा ने बताया कि लोहे की चादरें उपलब्ध होने के बावजूद विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें तपती रेत पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से जल्द गंगासोता पर लोहे की चादरें बिछाकर आवागमन सुगम बनाने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि विभाग इस समस्या पर कब तक ध्यान देता है।

यह भी पढ़ें: यूपी में शुरू हो सकती हैं ऑनलाइन क्लासेस और वर्क फ्रॉम होम

Video