वाराणसी: केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी को विकास के केंद्र में रखा है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, कनेक्टिविटी और हेरिटेज आधारित ग्रोथ के जरिए काशी को आर्थिक, सांस्कृतिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने पर खास जोर दिया गया है।
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इनलैंड वॉटरवेज़ के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम की बड़ी सौगात
बजट में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इनलैंड वॉटरवेज़ के लिए एक आधुनिक शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य वॉटरवेज़ पर कार्गो मूवमेंट को मजबूत करना है। इससे लॉजिस्टिक्स और नदी-आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही इस क्षेत्र में स्किल्ड रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़ेगी काशी
वाराणसी को देश के प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के विज़न में भी प्रमुख स्थान दिया गया है। सात प्रस्तावित कॉरिडोर में से दो—दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी—सीधे काशी से जुड़ेंगे। इससे तेज, सस्टेनेबल यात्री परिवहन के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को भी मजबूती मिलेगी।
सारनाथ के जरिए हेरिटेज और टूरिज्म को बढ़ावा
बजट में सारनाथ को 15 प्रमुख आर्कियोलॉजिकल साइट्स में शामिल किया गया है। इन स्थलों को एक्सपीरिएंशियल कल्चरल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। क्यूरेटेड वॉकवे, कंज़र्वेशन लैब्स, इंटरप्रिटेशन सेंटर्स और आधुनिक स्टोरीटेलिंग तकनीकों के माध्यम से पर्यटकों को समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव देने की योजना है, जिससे वाराणसी क्षेत्र के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
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इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स हब और BHU IMS के लिए बजट
वाराणसी में एक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स हब के निर्माण का भी प्रस्ताव है, जो व्यापार और परिवहन को और अधिक संगठित बनाएगा। इसके साथ ही बजट में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS) के उन्नयन के लिए ₹107.72 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
तीर्थ और छोटे शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर परोक्ष फोकस
बजट में तीर्थ नगरों और टियर-2 व टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने का भी प्रस्ताव है। इसके तहत अगले पांच वर्षों तक हर साल ₹5,000 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा। इससे वाराणसी जैसे शहर धार्मिक, पर्यटन और परिवहन हब के रूप में और मजबूत होंगे।
म्युनिसिपल बॉन्ड और सामाजिक सुविधाओं को बढ़ावा
कैपिटल सपोर्ट के जरिए देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना प्रस्तावित है। साथ ही ₹1,000 करोड़ से अधिक के सिंगल म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने वाले शहरों को ₹100 करोड़ का इंसेंटिव दिया जाएगा। अमृत (AMRUT) योजना के तहत ₹200 करोड़ तक के बॉन्ड इश्यू के लिए भी समर्थन जारी रहेगा, जिससे वाराणसी जैसे शहरों को हाई-वैल्यू म्युनिसिपल बॉन्ड का लाभ मिल सकेगा।
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तीन कर्तव्यों से प्रेरित पहला बजट
उल्लेखनीय है कि कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह पहला बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाकर वैश्विक चुनौतियों के बीच आर्थिक विकास को गति देना है। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर उन्हें भारत की समृद्धि के पथ में सशक्त भागीदार बनाना है। तीसरा कर्तव्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के अनुरूप यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान पहुंच मिले। कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026-27 में वाराणसी को इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और हेरिटेज के माध्यम से विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है, जिससे काशी की आर्थिक और सांस्कृतिक भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त होगी।
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