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Tuesday, February 03, 2026

उपायुक्त स्वतः रोजगार ने ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण कर सचिवों संग की समीक्षा बैठक

वाराणसी: जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार को उपायुक्त स्वतः रोजगार पवन कुमार सिंह ने चिरईगांव ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण कर कर्मचारियों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लोग कार्य स्थल पर समय से पहुंचे।

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शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से करें।गांवों में बने आरआरसी का संचालन सचिव हरहाल में कराना सुनिश्चित करें।अन्यथा की स्थिति में उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

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उपायुक्त स्वतः रोजगार ने बताया कि गांवों में तैनात सचिवों को पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों के घर की महिलाओं को समूह से जोड़ने, फार्मर रजिस्ट्री, क्रापसर्वे, जनशिकायतों के गुणवत्ता युक्त निस्तारण समय से करने आदि के बारे में निर्देशित किया।भ्रमण पंजिका में अंकित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार संपादित हुए कार्य का निवारण अंकित करने को भी कहा।

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उपायुक्त स्वतः रोजगार ने विभिन्न पटलों पर जाकर पूछताछ किया। समीक्षा बैठक में बीडीओ चिरईगांव, सहायक विकास अधिकारीगण व सचिव शामिल थे।

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केंद्रीय बजट 2026-27 में वाराणसी पर विशेष फोकस, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और हेरिटेज से विकास को मिलेगी नई रफ्तार

वाराणसी: केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी को विकास के केंद्र में रखा है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, कनेक्टिविटी और हेरिटेज आधारित ग्रोथ के जरिए काशी को आर्थिक, सांस्कृतिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने पर खास जोर दिया गया है।


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इनलैंड वॉटरवेज़ के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम की बड़ी सौगात

 बजट में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इनलैंड वॉटरवेज़ के लिए एक आधुनिक शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य वॉटरवेज़ पर कार्गो मूवमेंट को मजबूत करना है। इससे लॉजिस्टिक्स और नदी-आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही इस क्षेत्र में स्किल्ड रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़ेगी काशी

 वाराणसी को देश के प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के विज़न में भी प्रमुख स्थान दिया गया है। सात प्रस्तावित कॉरिडोर में से दो—दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी—सीधे काशी से जुड़ेंगे। इससे तेज, सस्टेनेबल यात्री परिवहन के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को भी मजबूती मिलेगी।

सारनाथ के जरिए हेरिटेज और टूरिज्म को बढ़ावा

बजट में सारनाथ को 15 प्रमुख आर्कियोलॉजिकल साइट्स में शामिल किया गया है। इन स्थलों को एक्सपीरिएंशियल कल्चरल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। क्यूरेटेड वॉकवे, कंज़र्वेशन लैब्स, इंटरप्रिटेशन सेंटर्स और आधुनिक स्टोरीटेलिंग तकनीकों के माध्यम से पर्यटकों को समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव देने की योजना है, जिससे वाराणसी क्षेत्र के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

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इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स हब और BHU IMS के लिए बजट

वाराणसी में एक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स हब के निर्माण का भी प्रस्ताव है, जो व्यापार और परिवहन को और अधिक संगठित बनाएगा। इसके साथ ही बजट में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS) के उन्नयन के लिए ₹107.72 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

तीर्थ और छोटे शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर परोक्ष फोकस

बजट में तीर्थ नगरों और टियर-2 व टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने का भी प्रस्ताव है। इसके तहत अगले पांच वर्षों तक हर साल ₹5,000 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा। इससे वाराणसी जैसे शहर धार्मिक, पर्यटन और परिवहन हब के रूप में और मजबूत होंगे।

म्युनिसिपल बॉन्ड और सामाजिक सुविधाओं को बढ़ावा

कैपिटल सपोर्ट के जरिए देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना प्रस्तावित है। साथ ही ₹1,000 करोड़ से अधिक के सिंगल म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने वाले शहरों को ₹100 करोड़ का इंसेंटिव दिया जाएगा। अमृत (AMRUT) योजना के तहत ₹200 करोड़ तक के बॉन्ड इश्यू के लिए भी समर्थन जारी रहेगा, जिससे वाराणसी जैसे शहरों को हाई-वैल्यू म्युनिसिपल बॉन्ड का लाभ मिल सकेगा।

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तीन कर्तव्यों से प्रेरित पहला बजट

उल्लेखनीय है कि कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह पहला बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाकर वैश्विक चुनौतियों के बीच आर्थिक विकास को गति देना है। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर उन्हें भारत की समृद्धि के पथ में सशक्त भागीदार बनाना है। तीसरा कर्तव्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के अनुरूप यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान पहुंच मिले। कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026-27 में वाराणसी को इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और हेरिटेज के माध्यम से विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है, जिससे काशी की आर्थिक और सांस्कृतिक भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त होगी।

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विश्व आर्द्र भूमि दिवस पर नदियों के संरक्षण के लिए किया जागरूक

वाराणसी: नदियाँ और उनसे जुड़ी आर्द्रभूमियाँ हमारे साझा भविष्य के लिए जीवनदायिनी हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए हमें तत्काल साहसिक कदम उठाने होंगे हमें जल प्रदूषण रोकना होगा, जैव विविधता को बचाना होगा और नदियों को सूखने से बचाने के लिए सामुदायिक भागीदारी बढ़ानी होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते इस संदेश के साथ नमामि गंगे ने सोमवार को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर नदियों के संरक्षण के लिए जागरूकता की। 



नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में नदियों से जुड़े जीव जंतुओं के चित्र, गंगा सहित माता की तरह हितकारिणी नदियों एवं जल स्रोतों की स्वच्छता का स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर नमामि गंगे के सदस्यों के साथ नागरिक भी जुटे। 


सभी ने एक स्वर में आद्र भूमि के संरक्षण का संकल्प लिया । गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि नदियों का स्वास्थ्य ही हमारे जल, पर्यावरण और आजीविका का आधार है और इनके बिना हमारा भविष्य सुरक्षित नहीं है। नदियों और आर्द्रभूमियों को बचाना हम सभी के लिए ज़रूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इनसे लाभान्वित हो सकें। 


जागरुकता के दौरान प्रमुख रुप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला, सतीश सोमानी, राहुल राय, अवंतिका शर्मा, शिवानी जायसवाल सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे ।

Monday, February 02, 2026

आशा कार्यकत्रियों का फूटा गुस्सा, CMO को अल्टीमेटम

वाराणसी: स्वास्थ्य विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय का घेराव किया। पिछले तीन महीनों से मानदेय न मिलने से नाराज आशा कार्यकत्रियों ने विभाग को चेतावनी देते हुए 8 फरवरी तक का समय दिया है।


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तीन महीने से खाली हैं जेबें

प्रदर्शनकारी आशा कार्यकत्रियों का कहना है कि उन्हें नवम्बर, दिसम्बर और जनवरी महीने का न तो वेतन मिला है और न ही किसी प्रकार की प्रोत्साहन राशि। आर्थिक तंगी से जूझ रही महिलाओं ने बताया कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

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"8 फरवरी आखिरी तारीख"

आशा यूनियन ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि 8 फरवरी तक उनके बैंक खातों में बकाया राशि नहीं भेजी गई, तो वे चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि भुगतान न होने की स्थिति में सभी आशा कार्यकत्री लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे मिलकर विभाग की शिकायत करेंगी। अपनी मांगों को लेकर वे कार्य बहिष्कार और आंदोलन को और उग्र करने की तैयारी में हैं।

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ग्राउंड लेवल पर काम प्रभावित होने की आशंका
आपको बता दें कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण, प्रसव और स्वास्थ्य योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में आशा कार्यकत्रियों की भूमिका सबसे अहम होती है। यदि ये हड़ताल पर जाती हैं, तो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन 8 फरवरी की समय सीमा से पहले इस समस्या का समाधान निकाल पाता है या नहीं।

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Sunday, February 01, 2026

मैदागिन से गोदौलिया के बीच अब दौड़ेंगी 11 गोल्फ कार्ट

वाराणसी: काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए राहत भरी खबर है। अब मैदागिन या गोदौलिया से बाबा धाम की दूरी तय करना और भी सुगम होगा। काशी विश्वनाथ धाम नगर परिसर में धाम.शनिवार को आयोजित एक संक्षिप्त समारोह के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी ने पांच नई गोल्फ कार्ट की चाबियां मंडलायुक्त एस. राजलिंगम को सौंपी।


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ये पांचों गोल्फ कार्ट गुजरात के भावनगर स्थित 'लीलावती फकीर चंद्र शर्मा ट्रस्ट' द्वारा वाराणसी नगर निगम को भेंट की गई हैं। इस अवसर पर ट्रस्ट के कोमल कांत शर्मा व पूर्णिमा शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। महापौर ने ट्रस्ट के इस सामाजिक सरोकार की सराहना करते हुए कहा कि यह सेवा बाबा के भक्तों के प्रति सेवा भाव का उत्तम उदाहरण है।

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निशुल्क सेवा से मिलेगी राहत

नगर निगम और मंदिर प्रशासन के समन्वय से संचालित यह सेवा पूरी तरह निशुल्क होगी। वर्तमान में इस रूट पर छह गोल्फ कार्ट पहले से ही कार्यरत थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर 11 हो गई है। इससे प्रतीक्षा समय में कमी आएगी और भक्तों को संकरी गलियों व भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर मंदिर पहुंचने में सुविधा होगी। चाबी सौंपने के दौरान उपसभापति नरसिंह दास, पार्षद कनकलता, इर्देश कुमार, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्रा सहित नगर निगम के आला अधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्ट प्रतिदिन नियमित रूप से मैदागिन, चौक और गोदौलिया के बीच संचालित की जाएंगी। "काशी आने वाले हर श्रद्धालु की सुगमता हमारी प्राथमिकता है। इन नई गोल्फ कार्ट के शामिल होने से बुजुर्ग और दिव्यांग भक्त बिना किसी कष्ट के मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंच सकेंगे।

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Saturday, January 31, 2026

महाकवि जयशंकर प्रसाद की जयंती पर " महाकवि जयशंकर प्रसाद साहित्य संस्कृति महोत्सव संपन्न

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अजीत चतुर्वेदी ने महाकवि जयशंकर प्रसाद की जयंती पर आज "महाकवि जयशंकर प्रसाद साहित्य संस्कृति महोत्सव" का उनके निवास प्रसाद मन्दिर में उद्घाटन किया। कुलपति प्रो अजीत चतुर्वेदी ने इस अवसर पर कहा कि यह समारोह प्रसाद जी की कृतियों, उनके साहित्य, उनकी धरोहर को सँजोकर आने वाली पीढी को अवगत कराने का एक सशक्त माध्यम है । प्रसाद की जयंती में शामिल होना एक तीर्थ यात्रा में शामिल होना जैसा है। समाज की निरंतरता बनाये रखने के लिए साहित्य की बहुत बड़ी उपयोगिता है। साहित्य एक ऐसी विधा है जिसमें समाज का हर तत्व शामिल है, चाहे वह विज्ञान हो, कला हो,या अन्य कोई तत्व । उन्होंने जयंती समारोह को साहित्य जगत को एक नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने प्रसाद साहित्य पर और अधिक शोध कार्य किये जाने पर बल दिया। 


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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अवधेश प्रधान ने कहा कि प्रसाद की कृतियों में बहुत ही बारीकी, बहुत ही शालीनता और बहुत ही गांभीर्य था। उनकी रचनाओं में बहुत ही शालीनता तो थी लेकिन ओजस्विता से पूर्ण थी। उनकी दृष्टि एक अनासक्ति मानव की दृष्टि थी जो उन्हें मानव से महामानव की ऊंचाइयों तक पहुँचाती है। 

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्रभात मिश्र ने कहा कि प्रसाद ने अपनी साहित्य में जिन विषयों को उद्धरित किया, उसकी जितनी प्रासंगिकता उस समय थी उससे अधिक आज के समय में हो गयी है। उन्होंने कहा कि प्रसाद के रचना क्रम में एक व्यवस्थित स्वरूप है, उनकी काव्य यात्रा एक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ती है। उनके उत्तराधिकारी के रूप में आज तक कोई और नहीं आ सका है। 

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प्रोफेसर सुमन जैन ने कहा कि जयंती समारोह के जरिये प्रसाद का साहित्य आम पाठकों से जुड़ने का भी बहुत ही प्रभावकारी माध्यम बनेगा। काशी के साहित्यकारों में दो ही हिमालयी साहित्यकार हुए हैं उनमें पहले तुलसीदास और दूसरे जय शंकर प्रसाद हैं। प्रसाद ने अपने साहित्य में स्त्री समस्याओं को भी बड़ी बारीकी से उठाया है। 

बस्ती से आये साहित्यकार श्री अष्टभुजा शुक्ल ने कहा कि पूरे विश्व के हिन्दी साहित्य में 50 प्रतिशत योगदान काशी के साहित्यकारों का ही है। काशी की हिन्दी साहित्य ने पूरे देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनियाँ में अपना परचम लहराया है । प्रसाद ने कामायनी के रूप में दुनियाँ में हिन्दी साहित्य को एक ऐसा उपहार दिया है जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा। कामायनी जीवन की सच्चाई की वह कहानी है जिसे जल के विभिन्न रूपों के माध्यम से महाकवि ने साहित्य जगत को दिया है। 

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समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ इंदीवर ने कहा कि प्रसाद युग प्रवर्तक साहित्यकार थे। छायावाद की त्रयी बनाने में उनकी भूमिका सर्वोपरि थी। प्रसाद जी की साहित्यिक बहुमुखी प्रतिभा चमत्कृत करने वाली थी। समारोह में मुख्य रूप से वरिष्ठ साहित्यकार डॉ दयानिधि मिश्र, श्री हिमांशु उपाध्याय, डॉ कवीन्द्र नारायण, श्री सुरेंद्र वाजपेयी, श्री गौतम अरोड़ा, सहित भारी संख्या में प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। साहित्यकारों, प्रबुद्ध जनों और आगंतुकों का जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री और संयोजक डॉ कविता प्रसाद ने स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ राम सुधार सिंह ने किया। श्री अवधेश प्रसाद ने धन्यवाद दिया।         

जयंती समारोह के बाद एक भव्य संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें काशी के ख्यात कलाकार, पद्मश्री देवब्रत मिश्र ने अपना सितार वादन प्रस्तुत किया और सुचरिता गुप्ता ने अपना गायन प्रस्तुति दी साथ में जयपुर से आई विजय लक्ष्मी और डॉ अपर्णा मक्कर ने प्रसाद जी के काव्य पर नृत्य प्रस्तुति दी।

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Wednesday, January 28, 2026

यूजीसी सामान्य जाति के लिए कला कानून कैंसर से भी खतरनाक है- शशिप्रताप सिंह

वाराणसी: आज दिनांक 27/01/26 को नेशनल इक्वल पार्टी संयोजक शशिप्रताप सिंह क्षेत्रीय मीडिया से बात चीत करते हुए कहा कि मंडल कमीशन के तर्ज पर यह कानून लाया गया है जो भाईचारे को खत्म करने जैसा है, बीजेपी को पिछड़ा दलित का वोट चाहिए समान्य जाति का वोट नही।

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यूजीसी कानून के पहले आपसी भाईचारा ठीक चल रहा था हम स्वर्ण जाति के लोग इस कानून का विरोध करेंगे अपने शिक्षा की कलम से मुकबला करेंगे स्वर्ण के हाथ में कलम का तलवार है समय आने पर इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा, समाजवादी पार्टी के पीडीए से घबराई हुई सरकार है। 

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शशिप्रताप सिंह ने कहा कि इसका खामियाजा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से मिलना शुरू हो जायेगा 2027 आते आते जुमला और विनाश कारी सरकार स्वाहा हो जायेगी। बीजेपी में 165 समान्य जाति के सांसद है देश भर में सैकड़ों विधायक और एम एल सी है लेकिन सबकी जुबान पर नौताल लगा है। बहुत ही शर्मनाक बात है।

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