Latest News

Varanasi News
Purvanchal News

Gallery

Breaking News

Election

News

Recent Posts

Thursday, February 12, 2026

सांसद निधि से बने प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के बैठक हाल पर बीडीओ का कब्जा

वाराणसी: विकासखंड चिरईगांव में सांसद डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे के द्वारा बनवाए गए ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के बैठक हाल पर किया खंड विकास अधिकारी ने किया कब्जा। 


यह भी पढ़ें: वाराणसी में 118 केंद्रों पर 92 हजार परीक्षार्थी, मजिस्ट्रेट करेंगे निगरानी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

जानकारी के अनुसार सांसद डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे ने अपने निधि से विकासखंड चिरईगांव में ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए बैठक हाल का निर्माण करवाया था। लेकिन मौजूदा समय में खंड विकास अधिकारी ने उसे बैठक हाल में कब्जा कर जनसुनवाई कक्ष और अपने ऑफिस का रूप दे दिया है। 

यह भी पढ़ें: भाई-बहन ने जहर खाकर जान दी

इसके सम्बन्ध में जब पूर्व ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि और समाजसेवी सुधीर सिंह से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि इसके पहले भी कई लोगों ने यह प्रयास किया था। लेकिन तत्कालीन सांसद डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे ने उस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उसको खाली करवा दिया था।

यह भी पढ़ें: पत्रकार पर फर्जी ईनाम घोषित कर एनकाउंटर करने वाले एसपी हरदोई को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

लेकिन अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार विकासखंड में आने वाले ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों को कहां पर बैठने का जगह दिया जाएगा। क्या उनको बाहर रोड पर दुकानों के पास ही बैठना पड़ेगा या फिर खंड विकास अधिकारी इसमें कोई कार्रवाई करते हुए इस बैठक हाल को खाली कर अपने निश्चित जगह पर जाएंगे?

यह भी पढ़ें: मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्पेशल ओलंपिक विजेता दिव्यांग खिलाड़ी वासु तिवारी को किया सम्मानित

Wednesday, February 11, 2026

वाराणसी में 118 केंद्रों पर 92 हजार परीक्षार्थी, मजिस्ट्रेट करेंगे निगरानी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

वाराणसी: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं आगामी 18 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इसे लेकर जनपद वाराणसी में प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आ रही है। परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलमुक्त कराने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

यह भी पढ़ें: भाई-बहन ने जहर खाकर जान दी

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि इस वर्ष वाराणसी में 92 हजार परीक्षार्थी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होंगे। इनके लिए जिले भर में 118 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ऐसे केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

यह भी पढ़ें: पत्रकार पर फर्जी ईनाम घोषित कर एनकाउंटर करने वाले एसपी हरदोई को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

उन्होंने बताया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर जोनल मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारी लगातार भ्रमण कर परीक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिससे परीक्षार्थी बिना किसी तनाव के परीक्षा दे सकें।

यह भी पढ़ें: मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्पेशल ओलंपिक विजेता दिव्यांग खिलाड़ी वासु तिवारी को किया सम्मानित

एडिशनल पुलिस कमिश्नर शिवहरी मीणा ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर लिया गया है। मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी पहले ही केंद्रों का निरीक्षण कर चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

यह भी पढ़ें: मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्पेशल ओलंपिक विजेता दिव्यांग खिलाड़ी वासु तिवारी को किया सम्मानित

उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में स्थित स्टेशनरी और फोटोस्टेट की दुकानें बंद रहेंगी। यदि कहीं से नकल या किसी अन्य अनियमितता की सूचना मिलती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और परीक्षा केंद्रों तक जाने वाले मार्गों पर भी पुलिस की ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि परीक्षार्थियों को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

यह भी पढ़ें: सिरकोनी में कार्यों की हकीकत जानने पहुँचे मंडलायुक्त, जिलाधिकारी की मौजूदगी में परखीं विकास योजनाएं

भाई-बहन ने जहर खाकर जान दी

वाराणसी: शहर के कैंट स्थित एक होटल में हैदराबाद से आए भाई-बहन ने जहर खाकर अपनी जान दे दी।हृदयविदारक घटना की जानकारी पाते ही होटल में हड़कम्प मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने छानबीन और पूछताछ के बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।


यह भी पढ़ें: पत्रकार पर फर्जी ईनाम घोषित कर एनकाउंटर करने वाले एसपी हरदोई को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

होटल सिटी इन प्रबंधन के अनुसार हैदराबाद सिकंदराबाद (आंध्रप्रदेश) के सुब्बा और धनलक्ष्मी आठ फरवरी को वाराणसी आकर होटल में कमरा बुक किए थे। दोनों को कमरा नंबर 2005 में ठहराया गया। आने के बाद दोनों का व्यवहार और बातचीत का अंदाज सामान्य ही दिखा। 

यह भी पढ़ें: मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्पेशल ओलंपिक विजेता दिव्यांग खिलाड़ी वासु तिवारी को किया सम्मानित

आज दोपहर में उन्हें होटल से चेकआउट की जानकारी देने के लिए कर्मचारी ने फोन किया। कमरे से कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजे पर दस्तक दी। इसके बाद भी कोई प्रतिक्रिया न होने पर पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। घटना की जानकारी पाते ही डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल, एसीपी चेतगंज डॉ. ईशान सोनी भी मौके पर पहुंचे। 

यह भी पढ़ें: सिरकोनी में कार्यों की हकीकत जानने पहुँचे मंडलायुक्त, जिलाधिकारी की मौजूदगी में परखीं विकास योजनाएं

अफसरों की मौजूदगी में मास्टर चाबी से कमरे का ताला खुलवाया गया। कमरे में भाई-बहन का शव जमीन पर पड़ा था। दोनों के मुंह से झाग न‍िकल रहा था। शव के पास ही टेबल पर जहर का पैकेट म‍िलने के बाद पुल‍िस ने जहर खाकर जान देने का अनुमान लगाया। फोरेंसिक टीम ने पूरे कमरे में छानबीन के बाद साक्ष्य जुटाए। 

यह भी पढ़ें: नई गाड़ियां कागज पर हुईं डेड, तीन कर्मचारी सस्पेंड

मृतकों के पास मिले आधार कार्ड में पता सिंकदराबाद हैदराबाद लिखा है। डीसीपी काशी जोन के अनुसार प्रथम दृष्टया दोनों भाई-बहन प्रतीत हो रहे हैं। मृतकों के पर‍िजनों से संपर्क क‍र मामले की जांच चल रही है। पर‍िजनों के आने के बाद ही पूरा घटनाक्रम स्‍पष्‍ट हो सकेगा।

यह भी पढ़ें: नाला बाधित होने पर नगर आयुक्त ने जताई नाराजगी, एफआईआर की चेतावनी

Monday, February 09, 2026

पत्रकार पर फर्जी ईनाम घोषित कर एनकाउंटर करने वाले एसपी हरदोई को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने हरदोई के एसपी को कड़ी फटकार लगाई है, हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दिमाग़ खोलकर काम करें अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें। कोर्ट ने यह वार्निंग हरदोई पुलिस के एक ऐसे कारनामें पर जारी की है, जिसने क़ानून का खुला दुरपयोग किया गया है। 

यह भी पढ़ें: मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्पेशल ओलंपिक विजेता दिव्यांग खिलाड़ी वासु तिवारी को किया सम्मानित

दरअसल हरदोई के पत्रकार हरिश्याम बाजपेयी को वर्ष 2022 में कथित रूप से एक फर्जी केस में फंसा दिया गया था, जिसमें वे वर्ष 2024 से नियमित ज़मानत पर हैं, और प्रत्येक पेशी पर न्यायालय में स्वयं उपस्थित हो रहे हैं, बावजूद इसके हरदोई एसपी ने पत्रकार को केस में फरार बताते हुए वर्ष 2025 में 05 हजार का ईनाम घोषित कर दिया, जिसमें एनकाउंटर की भी लिखित रूप से धमकी दी गई, इसमें सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने फर्जी एवं भ्रामक आख्या लगाकर न केवल पुलिस अधीक्षक को ही गुमराह किया बल्कि राज्य मानवाधिकार आयोग में भी अपनी फर्जी आख्या प्रेषित कर दी। 

यह भी पढ़ें: सिरकोनी में कार्यों की हकीकत जानने पहुँचे मंडलायुक्त, जिलाधिकारी की मौजूदगी में परखीं विकास योजनाएं

हालांकि आयोग में मामला अभी विचाराधीन है, किंतु हाईकोर्ट में वादी के विद्वान अधिवक्ता तैफीक सिद्दीकी ने हरदोई पुलिस द्वारा क़ानून के खुला दुरपयोग करने पर मजबूती से बहस की और उच्च न्यायालय के उस आदेश का उलंघन बताया जिसके आधार पर पत्रकार को ज़मानत मिली है। 

यह भी पढ़ें: नई गाड़ियां कागज पर हुईं डेड, तीन कर्मचारी सस्पेंड

हाईकोर्ट की जज बबिता रानी व मो. अब्दुल मोईन ने उक्त मामले की सुनवाई करते हुए हरदोई पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। पुलिस को चेतावनी दी गई कि अपना दिमाग़ खोलकर काम करें भविष्य में पत्रकार के साथ कोई भी घटना होती है तो क़ानून के अनुसार पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में वादी पत्रकार के अधिवक्ता ने यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, एडीजी लखनऊ जोन, आईजी लखनऊ जोन, डीएम हरदोई एसपी, सीओ, एसएचओ, व चौकी इंचार्ज रेलवेगंज को पार्टी बनाया था।

यह भी पढ़ें: नाला बाधित होने पर नगर आयुक्त ने जताई नाराजगी, एफआईआर की चेतावनी

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्पेशल ओलंपिक विजेता दिव्यांग खिलाड़ी वासु तिवारी को किया सम्मानित

लखनऊ: स्पेशल ओलंपिक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले 32 वर्षीय खिलाड़ी वासु तिवारी को रविवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने अपने लखनऊ स्थित आवास पर मेडल पहनाकर सम्मानित किया। मंत्री कश्यप ने वासु की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और भविष्य में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।


यह भी पढ़ें: सिरकोनी में कार्यों की हकीकत जानने पहुँचे मंडलायुक्त, जिलाधिकारी की मौजूदगी में परखीं विकास योजनाएं

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि वासु तिवारी ने मार्च 2025 में इटली के ट्यूरिन शहर में आयोजित स्पेशल ओलंपिक स्नोशूइंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक तथा 25 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में लगभग 150 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था। वासु की इस उपलब्धि पर इटली से लौटने के बाद संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी वासु को सम्मान प्रदान कर चुकी हैं।

यह भी पढ़ें: नई गाड़ियां कागज पर हुईं डेड, तीन कर्मचारी सस्पेंड

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि कम उम्र में वासु ने असाधारण साहस, अनुशासन और मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वासु को शीघ्र ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने वासु को आगामी ओलंपिक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर देश और उत्तर प्रदेश का नाम और ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया। 

यह भी पढ़ें: नाला बाधित होने पर नगर आयुक्त ने जताई नाराजगी, एफआईआर की चेतावनी

बताया गया कि इटली में आयोजित इस स्पेशल ओलंपिक के लिए वासु का प्रशिक्षण हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित नारकंडा में कराया गया था। इस प्रतियोगिता में भारतीय दल ने कुल 33 पदक जीते, जिनमें छह स्वर्ण, 18 रजत और सात कांस्य पदक शामिल हैं। वासु तिवारी मूल रूप से अयोध्या जनपद के निवासी हैं। उनकी माता डॉ. संगीता तिवारी पशुपालन निदेशालय में अपर निदेशक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके पिता डॉ. अशोक कुमार तिवारी केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर (बरेली) के निदेशक रह चुके हैं। वासु की इस सफलता में जीवन धारा पुनर्वास केंद्र, बरेली तथा कोच आकाश सक्सेना और शिवा का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन अहम रहा है।

यह भी पढ़ें: वाराणसी में 7 महीने में इंस्पेक्टर समेत 6 पुलिसकर्मी जेल भेजे गए

Friday, February 06, 2026

सिरकोनी में कार्यों की हकीकत जानने पहुँचे मंडलायुक्त, जिलाधिकारी की मौजूदगी में परखीं विकास योजनाएं

जौनपुर/वाराणसी: मंडल के मंडलायुक्त ने आज जनपद जौनपुर के सिरकोनी का औचक दौरा किया। यहाँ उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए।


यह भी पढ़ें: नई गाड़ियां कागज पर हुईं डेड, तीन कर्मचारी सस्पेंड

जिलाधिकारी की मौजूदगी में हुई समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जौनपुर सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने सिरकोनी में चल रहे विकास कार्यों, अभिलेखों के रख-रखाव और सरकारी योजनाओं की जमीनी प्रगति की बारीकी से जांच की।

यह भी पढ़ें: नाला बाधित होने पर नगर आयुक्त ने जताई नाराजगी, एफआईआर की चेतावनी

लापरवाही पर दी चेतावनी

मंडलायुक्त ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि: विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। SIR अभियान के तहत मिली कमियों को तत्काल दूर किया जाए। आम जनता को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की बाधा आने पर संबंधित विभाग की जवाबदेही तय होगी।

यह भी पढ़ें: वाराणसी में 7 महीने में इंस्पेक्टर समेत 6 पुलिसकर्मी जेल भेजे गए

SIR अभियान को लेकर सख्ती

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। मंडलायुक्त ने साफ किया कि मंडल के सभी जनपदों में इसी तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।


#VaranasiDivision #JaunpurNews #CommissionerVaranasi #SIR #UPAdmin #DevelopmentUpdate

यह भी पढ़ें: उपायुक्त स्वतः रोजगार ने ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण कर सचिवों संग की समीक्षा बैठक

नई गाड़ियां कागज पर हुईं डेड, तीन कर्मचारी सस्पेंड

​वाराणसी:  नगर निगम के परिवहन विभाग ने दस साल की मियाद पूरी करने से पहले ही तमाम वाहनों को 'डेड' घोषित नीलामी की सूची में शामिल कर लिया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने परिवहन कार्यशाला विभाग के तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच अपर नगर आयुक्त अमित कुमार को सौंपी है और 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। वहीं निलंबन अवधि में तीनों कर्मचारी जांच अधिकारी से संबंध किए गए हैं।


नीलामी समिति में शामिल उपसभापति नरसिंह दास, व पार्षद हनुमान प्रसाद तथा मदन मोहन दुबे ने यार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त 2022 में खरीदी गई विभिन्न प्रकार के 25 ई-गार्बेज मशीनें महज डेढ़ साल में ही कबाड़ घोषित कर दी गईं। वही एक गोल्फ कोर्ट वाहन का सिर्फ चेसिस बचा है, उसके पहिए, इंजन और बैटरी सब नदारद हैं। ​10-10 लाख की जटायु मशीनें और 75 लाख की स्वीपर मशीनों को बिना किसी एक्सपर्ट रिपोर्ट के डंपिंग यार्ड में डाल दिया गया। 

यह भी पढ़ें: वाराणसी में 7 महीने में इंस्पेक्टर समेत 6 पुलिसकर्मी जेल भेजे गए

वर्कशॉप में खड़ी गाड़ियों के इंजन, बैटरी और पहिए तक गायब मिले। नई जेसीबी और महिंद्रा के वाहनों का कोई सर्विस रिकॉर्ड नहीं मिला। टाटा एस की जिन दो गाड़ियों पर 1.5 लाख रुपये से अधिक मरम्मत में खर्च किए गए, उन्हें भी 'स्क्रैप' लिस्ट में डाल दिया गया। समिति के सदस्यों ने इसकी रिपोर्ट के आधार पर महापौर व नगर आयुक्त ने भी यार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया था। इसके बाद नगर आयक्त ने इसे गंभीरता से लिया।

यह भी पढ़ें: उपायुक्त स्वतः रोजगार ने ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण कर सचिवों संग की समीक्षा बैठक

प्रथम दृष्टता कनिष्ठ लिपिक  वैभव शरण मिश्र, सौरभ सान्याल व नपेंद्र शंकर सिंह को वाहनों के रखरखाव में घोर लापरवाही और वित्तीय क्षति पहुंचाने के आरोप में निलंबित कर दिया । जारी निलंबल आदेश में कहा गया कि इन कर्मचारियों का कृत्य कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत है और यह गंभीर दंड की परिधि में आता है।

यह भी पढ़ें: केंद्रीय बजट 2026-27 में वाराणसी पर विशेष फोकस, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और हेरिटेज से विकास को मिलेगी नई रफ्तार

Video