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Tuesday, June 09, 2026

अक्टूबर में नमो घाट पर होगा भव्य एयर शो, जुटेंगे 50 से अधिक फाइटर जेट्स

वाराणसी: धर्म और संस्कृति की नगरी काशी इस साल अक्टूबर के महीने में एक ऐतिहासिक और अद्भुत दृश्य की गवाह बनने जा रही है। 




भारतीय वायुसेना (IAF) पहली बार वाराणसी के नमो घाट पर गंगा किनारे एक भव्य एयर शो आयोजित करने जा रही है। इस शो का मुख्य आकर्षण वायुसेना की विश्व प्रसिद्ध एरोबेटिक टीम 'सूर्य किरण' होगी, जो आसमान में तिरंगा और अद्भुत कलाबाजियां दिखाकर लोगों को रोमांचित करेगी। सूर्य किरण टीम के 9 हॉक विमान (Air Craft) अक्टूबर के अंतिम सप्ताह मे वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे। 

विमानों की पार्किंग के लिए एयरपोर्ट पर विशेष हैंगर और रनवे की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दे दिए गए हैं।मुख्य आयोजन से पहले, अक्टूबर के लास्ट मे विमानों का कड़ा अभ्यास और रिहर्सल सत्र आयोजित किया जाएगा।सूर्य किरण के 9 विमानों के अलावा, देश के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान राफेल, तेजस और सुखोई-30 सहित करीब 50 से अधिक फाइटर जेट्स और हेलिकॉप्टर्स इस शो में शामिल हों सकते है । 

ये विमान आसपास के अन्य एयरबेस से उड़ान भरकर सीधे काशी के आसमान में अपनी गर्जना करेंगे।प्रयागराज के बाद उत्तर प्रदेश में यह अपनी तरह का दूसरा सबसे बड़ा एयर शो होगा। प्रशासन और वायुसेना की टीमों ने नमो घाट और गंगा पार रेती (धंसा) का निरीक्षण किया है, ताकि लाखों की संख्या में जुटने वाले दर्शकों के बैठने और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जा सके। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में काशी का आसमान भारतीय वायुसेना के शौर्य से जगमगा उठेगा।

स्थानांतरण के बाद धन आहरित करने वाले सचिव को डीपीआरओ ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

वाराणसी: विकास खंड चिरईगांव में तैनात ग्राम पंचायत सचिव आशुतोष का स्थानांतरण 2 जून 2026 को विकास खंड आराजी लाइन में कर दिया गया था। आरोप है कि स्थानांतरण के बाद भी उन्होंने चिरईगांव विकास खंड की उमरहां, गोबरहां और खानपुर ग्राम पंचायतों के खातों से 5 एवं 6 जून 2026 को धनराशि आहरित की।




मामले की जानकारी समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी वाराणसी ने 8 जून 2026 को संबंधित सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।


डीपीआरओ ने स्पष्ट किया है कि यदि प्राप्त स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। इसके साथ ही जिला परियोजना प्रबंधन इकाई वाराणसी से आहरित धनराशि का सत्यापन कर सत्यापन रिपोर्ट भी मांगी गई है।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम पर हमला, सिर में आए गंभीर चोट लगे छह टांके

हरदोई: शाहाबाद तहसील क्षेत्र के परियल गांव में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सरकारी निरीक्षण पर पहुंचे शाहाबाद के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सुशील कुमार मिश्रा पर कथित रूप से हमला कर दिया गया। हमले में एसडीएम गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर में छह टांके लगाने पड़े। घटना के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई।



जानकारी के अनुसार, एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा गांव परियल में स्थित अन्नपूर्णा भवन का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य लालाराम राजपूत के पुत्र उदयवीर राजपूत और उसके साथ मौजूद कुछ अन्य लोगों ने एसडीएम के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि उदयवीर ने डंडे से वार कर एसडीएम के सिर पर गंभीर चोट पहुंचाई।


घटना में घायल एसडीएम को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहाबाद ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनके सिर में छह टांके लगाए। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

Sunday, June 07, 2026

ट्रान्सफर के बाद भी सचिव ने आहरण किया ग्रामसभा से धनराशी, डीपीआरओ ने दिया जाँच कर कार्यवाही का आदेश

वाराणसी: प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को ही समाप्त हो गया है. प्रदेश सरकार के द्वारा निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय किया है. लेकिन प्रशासक के रूप भुगतान आदि करने का दिशा निर्देश अभी तक जिले से जारी नही किया गया है. उसके उपरांत भी विकास खण्ड चिरईगांव के उमरहा, गोबरहा और खानपुर में तैनात ग्राम पंचायत सचिव आशुतोष ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों संग 5 एवं 6 जून 2026 को भुगतान किया है.


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इसका विवरण इ ग्रामस्वराज पोर्टल पर दर्शा रहा है. जबकि उपरोक्त तीनों ग्राम सभाओ में भुगतान करने वाले ग्राम पंचायत सचिव आशुतोष का स्थानांतरण दुसरे विकास खण्ड में 2.6.2026 हो गया है. उनके स्थान पर संदीप सोनकर कि तैनाती उमरहा एवं रामचंदीपुर क्लस्टर में किया गया है. सचिव संदीप सोनकर ने विकास खण्ड चिरईगांव में अपना योगदान भी दे दिया है.  

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इस बाबत जब जिला पंचायती राज अधिकारी अलोक कुमार सिन्हा बात किया गया तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो यह गलत है साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इसमें जाच होगी और अगर सचिव दोषी पाए जाते है तो उन पर कार्यवाही भी होगी. अब देखना यह है कि क्या इस मामले की जाँच होती या नही.

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Wednesday, June 03, 2026

आजमगढ़ का बढ़ा देशभर में मान! डीएम रविन्द्र कुमार बने भारत के टॉप-25 जिलाधिकारियों में नंबर-1, 862 अंकों के साथ रचा कीर्तिमान

आजमगढ़: जिले के लिए गर्व और सम्मान की बड़ी खबर सामने आई है। आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने अपनी उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यशैली, जनसेवा के प्रति समर्पण और विकासोन्मुख नेतृत्व के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान स्थापित की है। प्रतिष्ठित फेम इंडिया–एशिया पोस्ट बेस्ट डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट सर्वे 2026 में उन्हें देश के शीर्ष 25 जिलाधिकारियों में स्थान मिला है। इतना ही नहीं, 862 अंकों के साथ उन्होंने सर्वे में सर्वोच्च स्कोर हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी है।


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जनता के बीच रहने वाले अधिकारी की बनी पहचान

डीएम रविन्द्र कुमार की सबसे बड़ी विशेषता उनकी जनसुलभ और संवेदनशील कार्यशैली मानी जाती है। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन के दौरान वह हर वर्ग के लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनते हैं और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश देते हैं। यही कारण है कि आम जनता उन्हें एक ऐसे अधिकारी के रूप में देखती है, जिन तक सीधे अपनी बात पहुंचाई जा सकती है।

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विकास, सुशासन और नवाचार का मिला पुरस्कार

फेम इंडिया और एशिया पोस्ट द्वारा किए गए राष्ट्रीय सर्वेक्षण में देशभर के लगभग 800 जिलों का अध्ययन किया गया। प्रशासनिक दक्षता, सुशासन, नवाचार, जवाबदेही, जनसंपर्क, संकट प्रबंधन, निर्णय क्षमता और विकास कार्यों जैसे दस महत्वपूर्ण मानकों पर मूल्यांकन के बाद रविन्द्र कुमार को यह सम्मान मिला।

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पर्यावरण संरक्षण में भी पेश की मिसाल

प्रधानमंत्री के ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के आह्वान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए डीएम रविन्द्र कुमार स्वयं ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंचे। उनकी यह पहल जिले में चर्चा का विषय बनी और लोगों ने इसे जिम्मेदार नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

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जल संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास

रविन्द्र कुमार जल एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्यों के लिए जाने जाते हैं। पूर्व में बुलन्दशहर में नीम नदी के पुनर्जीवन और झांसी में जल संरक्षण अभियानों को नई दिशा देने के बाद आजमगढ़ में भी उन्होंने तमसा नदी संरक्षण और जल बचाओ अभियानों को प्राथमिकता दी है।

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कानून-व्यवस्था और विकास पर समान फोकस

डीएम रविन्द्र कुमार ने जिले में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। नियमित निरीक्षण, फील्ड विजिट और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की उनकी कार्यशैली प्रशासनिक हलकों में सराही जाती है।

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आजमगढ़ के लिए गौरव का क्षण

देश के शीर्ष 25 जिलाधिकारियों में स्थान प्राप्त करना और सर्वाधिक अंक हासिल करना केवल रविन्द्र कुमार की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे आजमगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उनकी यह सफलता बताती है कि संवेदनशील नेतृत्व, पारदर्शी प्रशासन और जनसेवा के प्रति समर्पण से किसी भी जिले को राष्ट्रीय पहचान दिलाई जा सकती है। रविन्द्र कुमार ने साबित कर दिया है कि एक जिलाधिकारी केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि जनता का विश्वासपात्र, विकास का वाहक और परिवर्तन का सशक्त नेतृत्वकर्ता भी होता है।

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Monday, June 01, 2026

नव नियुक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने संभाला कार्यभार

वाराणसी: उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के क्रम में नव नियुक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी डॉ. मुकेश कुमार ने मंगलवार को अपने पद का विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने जनपद में संचालित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण द्वारा संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की तथा अधिकारियों के साथ प्रारंभिक बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।


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इस अवसर पर डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि जनपदवासियों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, नियमित टीकाकरण, संचारी रोग नियंत्रण तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जाएगा।

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उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण किया जाएगा।

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कार्यभार ग्रहण के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया तथा जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि जनहित सर्वोपरि है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास किए जाएंगे, जिससे जनपद के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सके।

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Thursday, May 28, 2026

अब नहीं काटने पड़ेंगे तहसील के चक्कर, लखनऊ प्रशासन ने ऑनलाइन जारी किए सभी लेखपालों के नंबर

लखनऊ: राजधानी में प्रशासन ने आम लोगों की सुविधा के लिए एक बड़ा और अहम डिजिटल कदम उठाया है। अब लखनऊ की सभी तहसीलों में तैनात लेखपालों के मोबाइल नंबर और उनसे जुड़ी जरूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है। जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यियर की पहल पर शुरू की गई इस नई व्यवस्था से लोगों को अब छोटी-छोटी जानकारियों के लिए तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।


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प्रशासन द्वारा जारी की गई वेबसाइट के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपने क्षेत्र के लेखपाल का नाम, तैनाती क्षेत्र और मोबाइल नंबर आसानी से देख सकेंगे। इस नई सुविधा को डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लखनऊ प्रशासन की ओर से शुरू की गई यह पहल खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और जमीन से जुड़े मामलों में लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। जमीन की पैमाइश, दाखिल-खारिज, नामांतरण, खतौनी और राजस्व से जुड़े कई मामलों में अब लोगों को सीधे संबंधित लेखपाल से संपर्क करने में आसानी होगी।

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वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई पूरी जानकारी

प्रशासन की ओर से जारी ऑनलाइन पोर्टल पर लखनऊ की पांचों तहसीलों के लेखपालों का पूरा विवरण उपलब्ध कराया गया है। नागरिक अपनी तहसील और ग्रामसभा का चयन करके संबंधित लेखपाल की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन सूची देखने के लिए प्रशासन ने वेबसाइट लिंक भी जारी किया है, लखनऊ लेखपाल ऑनलाइन सूची (https://lucknowbhulekh.in/MasterData/LekhpalByTehsil ) इस वेबसाइट के जरिए लोग अब सीधे अपने क्षेत्र के राजस्व अधिकारी से संपर्क कर सकेंगे। इससे कामकाज की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान और पारदर्शी होने की उम्मीद है।

पहले होती थी भारी परेशानी

अब तक आम लोगों को अपने क्षेत्र के लेखपाल का नंबर या जानकारी हासिल करने के लिए तहसील कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार सही जानकारी समय पर नहीं मिलती थी, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी और समय की बर्बादी झेलनी पड़ती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह समस्या और भी बड़ी थी। कई बार लोग सिर्फ लेखपाल का नंबर जानने के लिए पूरे दिन तहसील परिसर में भटकते रहते थे। कुछ मामलों में बिचौलियों का सहारा भी लेना पड़ता था, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। ऐसे में प्रशासन की यह नई पहल लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। अब नागरिक सीधे वेबसाइट पर जाकर संबंधित लेखपाल का मोबाइल नंबर प्राप्त कर सकेंगे और फोन के माध्यम से संपर्क कर सकेंगे।

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डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ प्रशासन की इस पहल को डिजिटल इंडिया अभियान और ई-गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार लगातार प्रशासनिक सेवाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की डिजिटल व्यवस्थाएं सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी को भी कम करने में मदद करती हैं।ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध होने से अब आम लोगों को यह पता रहेगा कि उनके क्षेत्र का लेखपाल कौन है और उनसे कैसे संपर्क किया जा सकता है। इससे सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।

ग्रामीण जनता को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ

राजस्व विभाग से जुड़े अधिकतर काम ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा होते हैं। खेत, जमीन, पैमाइश, खतौनी और दाखिल-खारिज जैसे मामलों में लेखपाल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। पहले गांव के लोगों को कई बार जानकारी के अभाव में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कई बार लोगों को यह तक पता नहीं होता था कि उनके क्षेत्र का लेखपाल कौन है। ऐसे में यह नई ऑनलाइन व्यवस्था ग्रामीण जनता के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। अब गांव का कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल फोन से वेबसाइट खोलकर संबंधित लेखपाल की जानकारी प्राप्त कर सकेगा। इससे ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी।

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पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से जनता और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। लोग सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकेंगे, जिससे शिकायतों और समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। इसके अलावा ऑनलाइन जानकारी सार्वजनिक होने से विभागीय पारदर्शिता भी बढ़ेगी। पहले कई मामलों में लोगों को सही अधिकारी तक पहुंचने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी। सरकारी योजनाओं और सेवाओं को लेकर जनता का भरोसा बढ़ाने में भी यह पहल अहम भूमिका निभा सकती है।

पांचों तहसीलों का डेटा हुआ सार्वजनिक

प्रशासन की ओर से फिलहाल लखनऊ की सभी पांच तहसीलों के लेखपालों का डेटा सार्वजनिक किया गया है। इसमें संबंधित क्षेत्र, ग्रामसभा और संपर्क नंबर जैसी जानकारियां शामिल हैं। लोग अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित क्षेत्र का चयन करके जानकारी देख सकते हैं। यह व्यवस्था खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो जमीन से जुड़े मामलों में बार-बार तहसील कार्यालय जाने को मजबूर होते थे। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में इस पोर्टल को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकें।

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लोगों ने की पहल की सराहना

लखनऊ प्रशासन की इस पहल की आम लोगों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने भी सराहना की है। लोगों का कहना है कि इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता को काफी राहत मिलेगी। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इस व्यवस्था को जनता के हित में बड़ा कदम बताया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह अन्य विभागों की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाए तो आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

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