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Sunday, May 10, 2026

दुबई में प्रयागराज के बेटे की संदिग्ध मौत, अभी तक नहीं पहुंचा शव, मां बोली आखिरी बार चेहरा दिखा दो PM-CM लगाई गुहार

प्रयागराज: फूलपुर इलाके के युवक रंगबहादुर पटेल की दुबई में संदिग्ध हालात में मौत होने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 11 दिन बीत जाने के बावजूद शव भारत नहीं पहुंच पाया है। पत्नी, मां और तीन मासूम बेटियां अंतिम दर्शन के इंतजार में हैं। परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है। ताकि बेटे का शव जल्द वतन लौट सके।


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प्रयागराज जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र स्थित फतेहपुर माफी गांव में इन दिनों मातम पसरा हुआ है। गांव के 26 वर्षीय रंगबहादुर पटेल की दुबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। लेकिन घटना के 11 दिन बाद भी उसका शव भारत नहीं पहुंच सका है। परिवार बेटे के अंतिम दर्शन के लिए तड़प रहा है। प्रशासन से लगातार मदद की मांग कर रहा है।

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रंगबहादुर इसी साल 26 जनवरी को रोज़गार की तलाश में दुबई गया था। वहां वह वर्ल्ड स्टार कंस्ट्रक्शन कंपनी में पेंटिंग का काम करता था। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी मिलने से आर्थिक हालात सुधर जाएंगे। बच्चों का भविष्य बेहतर होगा। लेकिन अचानक आई मौत की खबर ने सबकुछ बदल दिया।

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पत्नी अनिता पटेल ने बताया कि 26 अप्रैल की रात उनकी पति से फोन पर सामान्य बातचीत हुई थी। कुछ घंटों बाद मोबाइल पर एक तस्वीर भेजी गई। जिसमें रंगबहादुर बेहोशी की हालत में नजर आ रहा था। साथ काम करने वाले लोगों ने बताया कि अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया था। अगले दिन उसकी मौत की सूचना मिल गई। रंगबहादुर अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में बुजुर्ग मां प्रेम देवी, पत्नी अनिता, तीन छोटी बेटियां और एक विकलांग बहन हैं। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। घर की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी।

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मां प्रेम देवी बेटे को याद कर बार-बार बेसुध हो जा रही हैं। उनका कहना है कि बेटे से आखिरी बार बात करने के बाद कभी नहीं सोचा था कि अब उसका शव देखने का इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से हाथ जोड़कर बेटे का शव भारत लाने की अपील की है। परिजनों के मुताबिक, दुबई में पोस्टमार्टम हो चुका है। कंपनी की तरफ से जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बावजूद शव अब तक भारत नहीं भेजा जा सका है। गांव में भी शोक का माहौल है। लोग परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।

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सपा की बैठक में फूटा गुबार, टिकट की मांग सुनते ही भड़के नसीमुद्दीन, खाना छोड़ कार्यक्रम से निकले बाहर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। रामगंगा विहार स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित पार्टी कार्यक्रम उस समय विवाद और नाराजगी का केंद्र बन गया, जब पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ सपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी समर्थकों की टिकट मांग से नाराज होकर बीच कार्यक्रम से उठकर बाहर निकल गए। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ स्थानीय नेताओं को असहज कर दिया बल्कि पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और असंतोष की चर्चाओं को भी तेज कर दिया।


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दरअसल, रतनपुर कलां में प्रस्तावित पीडीए महापंचायत को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी में किसी भी तरह के मनमुटाव से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी में मतभेद हो सकते हैं लेकिन मनभेद नहीं हैं। सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर 2027 विधानसभा चुनाव में पार्टी को भारी जीत दिलाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने पीडीए को सपा की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज को जोड़कर पार्टी प्रदेश में बड़ा राजनीतिक बदलाव लाने की तैयारी कर रही है।

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प्रेस वार्ता समाप्त होने के बाद बैंक्वेट हॉल में भोजन कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान सलीम अख्तर के समर्थकों ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सामने मुरादाबाद विधानसभा सीट से सलीम अख्तर को 2027 चुनाव में टिकट दिलाने की मांग रख दी। बताया जा रहा है कि समर्थकों ने लगातार टिकट की पैरवी करने की अपील की, जिससे माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं को अंदाजा नहीं था कि यह मांग इतना बड़ा विवाद खड़ा कर देगी।

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समर्थकों की बात सुनते ही नसीमुद्दीन सिद्दीकी का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि “मैं टिकट दिलाने वाला कौन होता हूं, मुझे पार्टी में आए अभी कितना समय हुआ है।” इतना कहते ही उन्होंने खाना बीच में छोड़ दिया और तेजी से बाहर निकल गए। मौके पर मौजूद विधायक नवाब जान, सलीम अख्तर और अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें रोकने और मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी की बात नहीं सुनी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सिद्दीकी काफी नाराज दिखाई दे रहे थे और हाथ झटकते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल गए।

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इस पूरे कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई बड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही। कार्यक्रम में केवल विधायक नवाब जान और कुछ पदाधिकारी ही मौजूद दिखाई दिए, जबकि सांसद और अन्य विधायक कार्यक्रम से दूरी बनाए रहे। इस पर सफाई देते हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता और देहात विधायक हाजी नासिर कुरैशी की पत्नी की तबीयत खराब होने की वजह से वे लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इसे पार्टी के भीतर चल रही असहमति से जोड़कर देखा जा रहा है।

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मुरादाबाद में हुए इस घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले टिकट को लेकर नेताओं और समर्थकों के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है। जिस तरह सार्वजनिक कार्यक्रम में नाराजगी सामने आई, उससे विपक्ष को भी सपा पर हमला बोलने का मौका मिल सकता है। पार्टी भले ही एकजुटता का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर नेताओं के बीच खींचतान लगातार सामने आ रही है।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भाजपा सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और अपराध चरम पर पहुंच चुके हैं। गैस सिलेंडर से लेकर रसोई तक हर चीज महंगी हो चुकी है और आम जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर बुलडोजर कार्रवाई की जाती है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि “मेरे घर बुलडोजर नहीं चला सकते क्योंकि चारों तरफ आर्मी के आवास हैं।”

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नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का भी वादा किया गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रदेशभर में पीडीए को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और हर समाज को संगठन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

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पूर्व मंत्री ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को लेकर भी भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों से अधिकारियों को भेजकर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश की गई। साथ ही चुनाव आयोग को भाजपा की कठपुतली बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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कार्यक्रम के दौरान जब पत्रकारों ने आजम खां और असदुद्दीन ओवैसी को लेकर सवाल पूछे तो नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अलग अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आजम खां समाजवादी पार्टी के बड़े नेता हैं और उनकी बराबरी कोई नहीं कर सकता। वहीं ओवैसी को लेकर उन्होंने कहा कि “यह कौन हैं, हमें नहीं पता।” उनके इस बयान ने भी राजनीतिक हलकों मेंL नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।

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अलवर में एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक पीने से 5 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

अलवर: राजस्थान के अलवर जिले में एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक पीने से एक भाई और चार बहनों की तबीयत बिगड़ गई। सभी बच्चों को उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

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घटना ककराली गांव की है। बच्चों के पिता रहमू ने बताया कि वह शुक्रवार रात तुलेड़ा से खाद लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने छठी मील स्थित एक दुकान से 2 लीटर की कोका कोला की बोतल खरीदी थी। शनिवार सुबह बेटे मिश्रोक और बेटियों मुस्कान, जानिस्ता, रहीसन और जेनी ने कोल्ड ड्रिंक पी। कुछ देर बाद ही सभी बच्चों को घबराहट, उल्टी, चक्कर और बेचैनी होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजन सभी को तुरंत अलवर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

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परिजनों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद जब कोल्ड ड्रिंक की बोतल की जांच की गई तो पता चला कि वह करीब 6 महीने पहले ही एक्सपायर हो चुकी थी। घटना के बाद दुकानदार की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जारी है और चिकित्सकों की निगरानी में उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

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Saturday, May 09, 2026

बीडीओ ने सूखे तालाबों में पानी भरने एवं पौधरोपण की तैयारी करने का सचिवों को दिया निर्देश

वाराणसी: विकास खण्ड चिरईगांव में बीडीओ ने बुधवार को समीक्षा बैठक कर विकास खण्ड के तालाबों में पानी भरने एवं पौधरोपण कराने की तैयारी करने व हैण्डपम्पों के मरम्मत कराने हेतु सचिवों को निर्देशित किया।


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बीडीओ चिरईगांव छोटेलाल तिवारी ने गर्मी को देखते हुए निराश्रित गोवंशों को पानी पीने हेतु तालाबों में पानी भरने, पौधरोपण के लिए गड्डों की खुदाई तथा अपूर्ण प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आवासों को जल्द पूर्ण कराने हेतु सचिवों को निर्देशित किया।

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विकास खण्ड में स्थापित 4516 हैण्डपम्पों में से खराब 426 हैण्डपम्पों के सामान्य खराबी और रिबोर योग्य का रिबोर कराया गया है। सहायक विकास अधिकारी पंचायत चिरईगांव कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि सामान्य खराबी के 391 हैण्डपम्पों और 35 रिबोर योग्य हैण्डपम्पों का रिबोर कराया गया है।

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सभी ग्रामपंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया है कि गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या न होने पाये।खराब होने पर हैण्ड पम्प मरम्मत प्राथमिकता पर करायें।बैठक में सभी ग्रामविकास और ग्रामपंचायत अधिकारी उपस्थित थे।

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वाराणसी में 8 एग्रीजंक्शन सेंटर खुलेंगे, कृषि स्नातकों को मिलेगा स्वरोजगार

वाराणसी: कृषि विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन (एग्रीजंक्शन) योजना के तहत जनपद वाराणसी में 8 “वन स्टॉप शॉप” (एग्रीजंक्शन सेंटर) स्थापित किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य कृषि स्नातकों को स्वरोजगार उपलब्ध कराना और किसानों को एक ही स्थान पर कृषि संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।


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इन एग्रीजंक्शन केंद्रों पर किसानों को बीज, खाद, कृषि उपकरण, कृषि रसायन सहित अन्य कृषि सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। साथ ही कृषि उपकरणों की मरम्मत, पशु आहार, कृषि उत्पादों की बिक्री, प्रसंस्कृत उत्पादों की उपलब्धता और मौसम संबंधी जानकारी भी प्रदान की जाएगी।

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योजना के तहत कृषि स्नातक, कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक तथा कृषि एवं सहबद्ध विषयों जैसे उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशुचिकित्सा और मुर्गी पालन आदि में डिग्रीधारी अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। डिग्री आईसीएआर/यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से होना अनिवार्य है। इसके अलावा कृषि विषय में इंटरमीडिएट या डिप्लोमा धारक अनुभवी अभ्यर्थियों पर भी विचार किया जाएगा।

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आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित की गई है। अनुसूचित जाति, जनजाति एवं महिला अभ्यर्थियों को अधिकतम 5 वर्ष की छूट दी जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को वित्तीय सहायता के साथ ग्रामीण व्यवसाय विकास योजना (RIDP) के अंतर्गत 13 दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी 30 मई 2026 तक कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कृषिभवन, चांदपुर स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय, वाराणसी में संपर्क कर सकते हैं।

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Wednesday, May 06, 2026

बजट के अभाव में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का वेतन रोके जाने से रोष


वाराणसी:
बजट के अभाव में सिंचाई विभाग के  कर्मचारियों का वेतन शासन द्वारा समय से बजट आवंटन न किए जाने के कारण रुका हुआ है जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। 


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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष शशिकान्त श्रीवास्तव ने बताया कि माह मार्च का वेतन बजट की प्रत्याशा में सभी जिलाधिकारियों को वेतन आहरण करने के निर्देश जारी किए गए थे परन्तु ई-आफिस के मैपिंग व प्रशिक्षण विभागाध्यक्ष द्वारा समय से न कराये जाने के निर्देश का अनुपालन कराये जाने से काफी विलम्ब से वेतन भुगतान हुए,वहीं माह अप्रैल के वेतन का भुगतान शासन द्वारा समय समय बजट आवंटन न किए जाने के कारण हो रहा है.

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इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त होने के कारण माननीय मुख्यमंत्री महोदय से शीघ्र ही शासन स्तर से बजट आवंटन किये जाने व सभी कर्मचारियों द्वारा ई-आफिस के माध्यम से सम्पूर्ण कार्य लिये जाने हेतु सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण के साथ साथ प्रत्येक जिलास्तरीय कार्यालयों के अतिरिक्त क्षेत्रिय कार्यालयों में ई-आफिस संचालन हेतु समस्त ब्यवस्थायें उपलब्ध कराना सुनिश्चित किए जाने की मांग किया और यह भी मांग की है कि ई-आफिस के लिए सुदृढ़ ब्यवस्था किये जाने बगैर वेतन रोके जाने से कर्मचारियों को आर्थिक व मानसिक कष्टों का सामना करना पड़ेगा जिसका प्रभाव फील्ड स्तरीय कर्मचारियों पर ज्यादा पड़ेगा।

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वाराणसी नगर निगम ने नाली जाम करने के आरोप में ठोका 50 हजार रुपये का जुर्माना

वाराणसी: शहर की सड़कों पर अतिक्रमण और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इस क्रम में मंगलवार को वरुणापार क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान रैना विला रोड पर गिट्टी और बालू गिराकर रास्ता बाधित करने और नाली जाम करने के आरोप में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दो व्यक्तियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।


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साथ ही तत्काल सड़क से निर्माण सामग्री न हटाने पर संबंधितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की भी चेतावनी दी । उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आवागमन बाधित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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नगर आयुक्त सबसे पहले वरुणापार क्षेत्र के भक्ति नगर पहुंचे। यहां नालों की सफाई का कार्य उन्हें संतोषजनक मिला । वहीं सफाई के बाद निकाला गया कूड़ा और सिल्ट सड़क किनारे देख उन्होंने नाराजगी जताई। 

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उन्होंने सामान्य विभाग के अधिशासी अभियंता से नाला सफाई के 24 घंटे के भीतर हर हाल में सिल्ट का उठान सुनिश्चित कराने का सख्त निर्देश दिया ताकि क्षेत्रीय जनता को दुर्गंध और गंदगी से निजात मिल सके।

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