Latest News

Varanasi News
Purvanchal News

Gallery

Breaking News

Election

News

Recent Posts

Saturday, April 18, 2026

अभिभावक कृपया ध्यान दें- मनमानी फीस वृद्धि और चिह्नित दुकानों से ड्रेस, कॉपी-किताब खरीदने का दबाव बनाने वाले स्चूलों पर होगी कार्यवाही- जिलाधिकारी

वाराणसी: जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला शुल्क नियामक समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि और अभिभावकों पर चिह्नित दुकानों से ड्रेस, कॉपी-किताब खरीदने के दबाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने इस तरह की शिकायतों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी भी विद्यालय द्वारा अभिभावकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया या नियमों का उल्लंघन किया गया, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है।


यह भी पढ़ें: आदर्श मॉडल टाउनशिप के रूप में विकसित मढनी टाउनशिप का मंडलायुक्त ने किया स्थल निरीक्षण

बैठक में निजी स्ववित्तपोषित विद्यालयों की शुल्क संरचना को लेकर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों की शुल्क संरचना का पूरा विवरण निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी कहा गया कि शुल्क संबंधी सभी आंकड़े ऑडिट रिपोर्ट के साथ जमा किए जाएं, ताकि उनकी सत्यता की जांच की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुल्क वृद्धि केवल शासन द्वारा निर्धारित मानकों और औचित्य के आधार पर ही मान्य होगी। मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जाएगी। समिति ने यह भी निर्देश दिया कि विद्यालय शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखें और इसकी जानकारी अभिभावकों को भी उपलब्ध कराएं।

यह भी पढ़ें: देशभर में लागू हुआ 33% महिला आरक्षण कानून, 16 अप्रैल से प्रभावी

अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 05422509413 जारी किया गया है। इस नंबर पर शिकायत करने वाले अभिभावकों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और संबंधित विद्यालय के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जाए, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह, सीए हरिएन सिंह बिसेन, मुख्य कोषाधिकारी, डॉ. आनंद प्रभा और अभिभावक-शिक्षक संघ के प्रतिनिधि यशविंदर सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें: वाराणसी के पठानी टोला में डॉक्टर के घर एटीएस की छापेमारी, टेरर फंडिंग एंगल पर कई घंटे तक चली पूछताछ

आदर्श मॉडल टाउनशिप के रूप में विकसित मढनी टाउनशिप का मंडलायुक्त ने किया स्थल निरीक्षण

वाराणसी: मढ़नी टाउनशिप परियोजना का शुक्रवार को मण्डलायुक्त एस. राजलिंगम, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा एवं सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया। इस दौरान अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए।


यह भी पढ़ें: देशभर में लागू हुआ 33% महिला आरक्षण कानून, 16 अप्रैल से प्रभावी

निरीक्षण के दौरान अवगत कराया गया कि मढ़नी टाउनशिप हेतु अब तक 100 एकड़ से अधिक भूमि का रजिस्ट्री के माध्यम से अधिग्रहण किया जा चुका है, जबकि लगभग 15 एकड़ भूमि लैंड पूलिंग के माध्यम से प्राप्त हुई है। परियोजना के अंतर्गत किसानों को लगभग ₹170 करोड़ से अधिक का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। यह टाउनशिप कुल 62.83 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत ₹925 करोड़ है।

यह भी पढ़ें: वाराणसी के पठानी टोला में डॉक्टर के घर एटीएस की छापेमारी, टेरर फंडिंग एंगल पर कई घंटे तक चली पूछताछ

मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि टाउनशिप को “काशी थीम” पर आधारित आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं विश्वस्तरीय मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने बताया कि यह लगभग 30 वर्षों बाद विकसित हो रही पूर्णतः गेटेड टाउनशिप होगी, जिसमें 80 से 100 फीट चौड़ी सड़कों सहित उच्च स्तरीय आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

परियोजना के अंतर्गत आवासीय, वाणिज्यिक एवं संस्थागत भूखण्डों के साथ हाई-राइज भवनों का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त टाउनशिप में होटल, अस्पताल, शॉपिंग मॉल एवं अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे “15 मिनट सिटी” की अवधारणा साकार हो सके।

यह भी पढ़ें: नगर निगम ने शुरू की सेवा, पर्यटकों और नागरिकों को मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

मण्डलायुक्त ने सड़क, जल निकासी, विद्युत आपूर्ति एवं हरित क्षेत्रों के विकास को निर्धारित मानकों के अनुरूप समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उपाध्यक्ष श्री पुर्ण बोरा ने बताया कि योजना के शीघ्र शुभारंभ हेतु RERA पंजीकरण की प्रक्रिया प्रगति पर है। इस अवसर पर नगर नियोजक प्रभात कुमार, प्रभाकर पाण्डेय, आरती चरासिया एवं फरहा बेगम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें: धोबी घाट का होगा कायाकल्प, नालों से हटेगा अवैध कब्जा

Friday, April 17, 2026

देशभर में लागू हुआ 33% महिला आरक्षण कानून, 16 अप्रैल से प्रभावी

नई दिल्ली: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 अब देशभर में लागू हो गया है। केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बताया कि यह कानून 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के तहत सरकार ने इस कानून को लागू करने की तारीख घोषित की है। हालांकि, इसके लागू होने के बावजूद मौजूदा लोकसभा और विधानसभाओं में इसका तत्काल प्रभाव से क्रियान्वयन संभव नहीं होगा।


यह भी पढ़ें: वाराणसी के पठानी टोला में डॉक्टर के घर एटीएस की छापेमारी, टेरर फंडिंग एंगल पर कई घंटे तक चली पूछताछ

अधिकारियों के मुताबिक, महिला आरक्षण का वास्तविक लाभ अगली जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकेगा। इसका मतलब है कि वर्तमान सदनों में सीटों का आरक्षण नहीं बदलेगा। सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण कानून कहा जाता है। इसका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।

यह भी पढ़ें: नगर निगम ने शुरू की सेवा, पर्यटकों और नागरिकों को मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। हालांकि, यह आरक्षण जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने पर ही लागू होगा, जिससे इसके 2029 के आसपास लागू होने की संभावना जताई जा रही है। कानून के लागू होने की अधिसूचना जारी होने के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि इसे तुरंत प्रभाव से लागू क्यों नहीं किया गया। अधिकारियों ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया है, लेकिन विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

यह भी पढ़ें: धोबी घाट का होगा कायाकल्प, नालों से हटेगा अवैध कब्जा

Wednesday, April 15, 2026

वाराणसी के पठानी टोला में डॉक्टर के घर एटीएस की छापेमारी, टेरर फंडिंग एंगल पर कई घंटे तक चली पूछताछ

वाराणसी: आदमपुर थाना क्षेत्र के पठानी टोला इलाके में मंगलवार को एक चिकित्सक के घर पर मुंबई एटीएस, यूपी एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर पूछताछ की। कार्रवाई से इलाके में काफी देर तक हलचल बनी रही। जानकारी के अनुसार, टीम ने डॉ. आरिफ अंसारी के आवास पर पहुंचकर करीब पांच घंटे तक सघन जांच और पूछताछ की। इस दौरान उनके परिजनों से भी पूछताछ की गई और घर में मौजूद मोबाइल, लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई।

यह भी पढ़ें: नगर निगम ने शुरू की सेवा, पर्यटकों और नागरिकों को मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

बेटे से भी हुई पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक, टीम ने डॉक्टर के बेटे अबू बकर से भी पूछताछ की, जो फिलहाल मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ संदिग्ध ऑनलाइन संपर्कों और लेनदेन को लेकर एजेंसियां जांच कर रही हैं।

दस्तावेज और उपकरण जब्त

छापेमारी के दौरान टीम ने बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर की हार्ड डिस्क की जांच की। बताया जा रहा है कि कुछ जरूरी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जांच के लिए अपने साथ ले जाए गए हैं।

यह भी पढ़ें: धोबी घाट का होगा कायाकल्प, नालों से हटेगा अवैध कब्जा

इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में पुलिस की कड़ी निगरानी रही। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और लोगों की आवाजाही को सीमित रखा गया। सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे, जिन्हें पुलिस ने हटाया।

क्लिनिक भी उसी भवन में संचालित

बताया जा रहा है कि डॉ. आरिफ अंसारी पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ हैं। वह अपने परिवार के साथ मकान के ऊपरी हिस्से में रहते हैं, जबकि निचले तल पर उनका क्लिनिक संचालित होता है। फिलहाल एजेंसियां जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में जुटी हैं। मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है।

यह भी पढ़ें: यूपी में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, CS एसपी गोयल का बड़ा एक्शन


Saturday, April 11, 2026

नगर निगम ने शुरू की सेवा, पर्यटकों और नागरिकों को मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

वाराणसी: शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के साथ-साथ नगर निगम अब इसे डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में जुट गया है। इस क्रम में शनिवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने अस्सी घाट पर आयोजित एक समारोह में नि:शुल्क वाई-फाई सेवा का विधिवत लोकार्पण किया। प्रथम चरण में इस परियोजना के तहत अस्सी और दशाश्वमेध घाट को हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा से जोड़ दिया गया है।


यह भी पढ़ें: धोबी घाट का होगा कायाकल्प, नालों से हटेगा अवैध कब्जा

अस्सी घाट से सेवा की शुरुआत करते हुए महापौर ने कहा कि यह सुविधा शहर को आधुनिक स्मार्ट सिटी बनाने के संकल्प का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मुफ्त वाई-फाई सेवा का आगाज़ अस्सी घाट से किया जा रहा है, जिसका लाभ दशाश्वमेध घाट पर भी मिलेगा। वर्तमान समय में इंटरनेट एक बुनियादी आवश्यकता है। घाटों पर आने वाले युवाओं, शोधार्थियों और पर्यटकों को अब कनेक्टिविटी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। यह डिजिटल पहल सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाने के साथ ही नगर निगम की सेवाओं को भी जनता के करीब ले जाएगी।

यह भी पढ़ें: यूपी में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, CS एसपी गोयल का बड़ा एक्शन

उन्होंने कहा कि घाटों पर फ्री वाई-फाई जोन के बोर्ड लगाए गए हैं। नागरिक वहां दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर आसानी से इंटरनेट सेवा का लाभ ले सकते हैं। उपसभापति नरसिंह दास ने कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह से डिजिटल क्रांति का है, जो हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित कर रहा है। मुफ्त वाई-फाई की सुविधा का उद्देश्य आम नागरिकों को डिजिटल तकनीक में सशक्त बनाना है। 

यह भी पढ़ें: DGP का बड़ा एक्शन, 5 थाना प्रभारी लाइन हाजिर

क्यूआर कोड से मिलेगी सुविधा

बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि नेटवर्क की गति और रेंज का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि भीड़ वाले समय में भी सुचारू कनेक्टिविटी बनी रहे। इस अवसर पर राजेश कुमार यादव चल्लू, पार्षद विजय द्विवेदी, अमित सिंह, रविंद्र कुमार सिंह, माधुरी सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनुराग शर्मा, सोमनाथ यादव सहित निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें: जब अचानक हरकत में आए सीएम योगी के कमांडो, शील्ड खोल कर घेरे में लिए…

धोबी घाट का होगा कायाकल्प, नालों से हटेगा अवैध कब्जा

वाराणसी: बरसात के मौसम में शहर को जलभराव की समस्या से बचाने के लिए नगर निगम नालों की सफाई तेज कर दी गई है। वहीं इसकी निगरानी स्वयं महापौर अशोक कुमार तिवारी कर रहे हैं। इस क्रम शुक्रवार को महापौर ने नदेसर और वरुणापार जोन के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्हों ने नदेसर वार्ड स्थित धोबी घाट के रास्ते को तत्काल पक्का वहां से अवैध कब्जा हटाने और सुरक्षा की दृष्टि से रेलिंग लगाने के निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि नालों पर किए गए किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।


यह भी पढ़ें: यूपी में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, CS एसपी गोयल का बड़ा एक्शन

निरीक्षण के दौरान महापौर सबसे पहले नदेसर वार्ड स्थित धोबी घाट नाले पर पहुंचे। यहां उन्होंने नाले की स्थिति देखने के बाद अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि नालों के प्रवाह में बाधक बन रहे किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को तुरंत हटाया जाए। इसी मार्ग पर सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण एक सामुदायिक भवन लंबे समय से बंद पड़ा था, जिसे लेकर महापौर ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को तत्काल सीवर लाइन दुरुस्त कर भवन को जनहित में चालू करने को कहा। 

यह भी पढ़ें: DGP का बड़ा एक्शन, 5 थाना प्रभारी लाइन हाजिर

सफाई व्यवस्था को समयबद्ध करने के लिए महापौर ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अंतिम तिथि भी निर्धारित की है। उन्होंने रनिया महाल के नाले की सफाई 10 मई तक, तेलियाबाग सहकारी बैंक से चौकाघाट जाने वाले नाले की सफाई 15 मई तक और मरी माता मंदिर से कैंट रोड वाले नाले की सफाई हर हाल में 25 मई तक पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया है। 

यह भी पढ़ें: जब अचानक हरकत में आए सीएम योगी के कमांडो, शील्ड खोल कर घेरे में लिए…

निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान पार्षद सुशील गुप्ता योगी, मदन मोहन दुबे, सिद्धनाथ शर्मा, संदीप रघुवंशी, दिनेश यादव, अमित मौर्या सहित अपर नगर आयुक्त सविता यादव और जोनल अधिकारी जितेंद्र आनंद मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें:उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सख्त: सत्र 2026-27 में केवल अधिकृत किताबों से पढ़ाई, उल्लंघन पर कार्रवाई तय

Thursday, April 09, 2026

यूपी में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, CS एसपी गोयल का बड़ा एक्शन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक कर प्रदेशभर की तैयारियों की समीक्षा की।


यह भी पढ़ें: DGP का बड़ा एक्शन, 5 थाना प्रभारी लाइन हाजिर

बैठक में मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों तथा भारत के महारजिस्ट्रार व जनगणना आयुक्त के साथ विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश देते हुए कहा कि पहले चरण की तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह भी पढ़ें: जब अचानक हरकत में आए सीएम योगी के कमांडो, शील्ड खोल कर घेरे में लिए…

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि 10 अप्रैल तक लगभग 5.5 लाख प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों का सत्यापित डिजिटल डेटाबेस हर हाल में तैयार कर लिया जाए। CS एसपी गोयल ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सटीकता और पारदर्शिता बेहद जरूरी है,  इसलिए सभी आंकड़ों का सही और समयबद्ध संकलन सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें:उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सख्त: सत्र 2026-27 में केवल अधिकृत किताबों से पढ़ाई, उल्लंघन पर कार्रवाई तय

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधनों और मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने के भी निर्देश दिए, ताकि जनगणना प्रक्रिया सुचारू और त्रुटिरहित तरीके से पूरी हो सके। प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में आ चुका है, और अब सभी जिलों में तेज़ी से तैयारियां शुरू हो गई हैं।

यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री के दौरे से पहले आजमगढ़ में हाई अलर्ट

Video