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Monday, March 23, 2026

केशव प्रसाद मौर्य का सपा पर निशाना, बोले- अखिलेश देख रहे सिर्फ सपने

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वह सिर्फ चुनाव जीतने के सपने देख रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।


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मौर्य ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर 2017 जैसा प्रदर्शन दोहराएगी और पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता विकास और सुशासन के आधार पर भाजपा के साथ खड़ी है।

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इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश में तेजी से विकास हुआ है, जिसका लाभ गरीब, किसान और युवाओं तक पहुंच रहा है। डिप्टी सीएम के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति और गरमा गई है और आगामी चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होती नजर आ रही है।

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Saturday, March 21, 2026

जिले में पूरे अप्रैल माह चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान

वाराणसी: जनपद में संचारी रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया आदि मच्छर जनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण और कार्रवाई के लिए एक से 30 अप्रैल तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के सफलता पूर्वक संचालन के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई। 


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बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग व विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से डेंगू, मलेरिया, टीबी, फाइलेरिया आदि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए यह अभियान पूरे अप्रैल माह संचालित किया जाएगा। समस्त विभागों के सामंजस्य से ही इस अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सकता है। डेंगू की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग सहित समस्त सहयोगी विभागों को ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया कि आपसी समन्वय से साफ-सफाई का कार्य, लार्वी साइडल स्प्रे, फॉगिंग, खराब इण्डिया मार्क-2 हैण्डपम्प की मरम्मत एवं उथले हैण्डपम्पों के चिन्हीकरण, नालियों एवं तालाबों की साफ-सफाई एवं मार्गों के खरपतवार/झाड़ियों की कटाई-छंटाई का कार्य कराया जाए। 

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जिले में पिछले 5 वर्षों में पाये गये डेंगू रोगियों के आधार पर नगर निगम के 11 वार्डों के मुहल्ले एवं ग्रामीण क्षेत्रों के 69 ग्राम अतिसंवेदनशील चयनित किये गये है। उन्होंने ने निर्देशित किया कि इन हाई रिस्क वाले गांव व क्षेत्र की विशेष निगरानी की जाए जिससे वेक्टर घनत्व नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि कोल्ड फागिंग शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी कराया जाये। हीट वेव के प्रबंधन हेतु आवश्यक गतिविधियाँ संचालित की जायें। गर्मी के मौसम में संबंधित रोगों (हीट रिलेटेड इलनेसेज) के विषय में अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जनमानस हेतु शीतल एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, गर्मी से बचाव हेतु शेलटर्स की व्यवस्था, व्यस्त स्थानों पर मौसम के पूर्वानुमान तथा तापमान का डिस्प्ले, हीट वेव से बचाव हेतु जनमानस में व्यापक प्रचार-प्रसार तथा विद्यालयों में हीट वेव से बचाव हेतु उपायों का विद्यार्थियों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये।

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जिलाधिकारी ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी व नगर निगम को निर्देशित किया कि संक्रामक रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए माइकिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार का कार्य कराया जाए। नगरीय क्षेत्रों में झुग्गी झोंपड़ी व स्लम एरिया क्षेत्रों में विशेष रूप से सफाई अभियान चलाया जाए। साफ-सफाई कीटनाशक रसायनों का छिड़काव, फॉगिंग, जलजमाव निकासी, मच्छरों के प्रजनन स्थानों का नष्टीकरण, ब्रीडिंग न होने देना सोर्स रिडेक्शन का कार्य कराया जाए। वेक्टर जनित रोगों यथा  डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, फाइलेरिया तथा कालाजार आदि रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए प्रचार-प्रसार का कार्य करायेंगे। मोहल्ला निगरानी समिति द्वारा उपरोक्त कार्यों का अनुश्रवण किया जाएगा।

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सीएमओ डॉ राजेश प्रसाद ने बताया कि इस अभियान में संचारी रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार आदि के साथ ही टीबी, कुष्ठ, कालाजार एवं फाइलेरिया के लक्षणयुक्त मरीजों को भी चिन्हित करने पर जोर रहेगा। अभियान के अंतर्गत ही 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा| जिसमें आशा व आगंनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया आदि संचारी रोगों के प्रति जागरूक करेंगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास, पंचायतीराज, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांगजन कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित अन्य विभाग समन्वय बनाकर कार्य करेंगे। स्वास्थ्य विभाग अभियान का नोडल विभाग रहेगा। 

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माइक्रो प्लान के अनुसार अभियान में घर-घर भ्रमण के दौरान आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संक्रमण से बचने व बुखार होने पर “क्या करें, क्या न करें” का प्रत्येक प्रमुख स्थान पर प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगी।  बैठक में एसीएमओ, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, डिप्टी सीएमओ, डीपीआरओ, डीपीओ (आईसीडीएस), जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय समेत समस्त खण्ड विकास अधिकारी डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ प्रतिनिधि, अन्य विभागों के मुख्य अधिकारी व सहकर्मी उपस्थित रहे।

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Thursday, March 19, 2026

चौबेपुर SHO वीरेंद्र सोनकर पर गंभीर आरोप, प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर शिकायत

वाराणसी: चौबेपुर थाना के थाना प्रभारी (SHO) वीरेंद्र सोनकर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार उन पर न्यायालय परिसर के भीतर प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने और वरिष्ठ अधिकारी के साथ असम्मानजनक व्यवहार करने का आरोप लगा है।



मामला एसीजेएम न्यायालय-06 से जुड़ा है, जहां तैनात अभियोजन अधिकारी (APO) अंकित कुमार सिंह ने डीसीपी वरुणा जोन को लिखित शिकायत भेजी है। शिकायत में कहा गया है कि 7 मार्च 2026 को न्यायालय परिसर में निरीक्षण के दौरान इंस्पेक्टर वीरेंद्र सोनकर ने न केवल निर्धारित शिष्टाचार का पालन नहीं किया, बल्कि उच्च पदस्थ अधिकारी को अभिवादन तक नहीं किया। आरोप यह भी है कि उन्होंने बातचीत के दौरान आदेशात्मक और अनुचित भाषा का प्रयोग किया, जो सरकारी सेवा आचरण नियमों के खिलाफ है।

इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। मामले की जांच की मांग उठने लगी है और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में अभी तक थाना प्रभारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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Tuesday, March 17, 2026

नगर निगम ने तोड़ा लाइसेंस शुल्क वसूली में पुराने रिकॉर्ड

वाराणसी : काशी की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए नगर निगम ने राजस्व वसूली की रफ्तार तेज कर दी है। गृहकर और जलकर के साथ-साथ अब लाइसेंस विभाग भी पूरी तरह एक्शन मोड में है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक निगम लाइसेंस शुल्क के मद में कुल 4,13,58,687 रुपये (4.13 करोड़ अधिक) की वसूली की है। इसमें 18,77,550 रुपये (अठारह लाख सतहत्तर हजार पांच सौ पचास रुपये) की धनराशि चेक के माध्यम से प्राप्त हुई है। निगम ने इस बार पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की कुल वसूली (2.11 करोड़) के रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया है।


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गत वर्ष लाइसेंस शुल्क के मद में जहां महज 2.11 करोड़ की वसूली हुई थी, वहीं इस बार यह आंकड़ा दोगुने के करीब पहुंच गया है। हालांकि निगम ने लाइसेंस शुल्क से वसूली का लक्ष्य 5.85 करोड़ रुपये निर्धारित किया है। ऐसे में 31 मार्च तक लक्ष्य हासिल होना तय माना जा रहा है। वहीं लाइसेंस शुल्क जमा करने के लिए निगम के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। स्मार्ट काशी ऐप के माध्यम से शहर का कोई भी व्यापारी या संस्थान घर बैठे ही अपना लाइसेंस शुल्क ऑनलाइन जमा कर सकता है। इस डिजिटल पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि वसूली की प्रक्रिया भी तेज हुई है। 

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अपर नगर आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि लाइसेंस शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है। उन्होंने व्यापारियों से स्मार्ट काशी एप के माध्यम से जल्द से जल्द लाइसेंस शुल्क जमा करने की अपील की है। अन्यथा निर्धारित समय सीमा के भीतर लाइसेंस शुल्क जमा न करने की स्थिति में बकाया राशि पर 50 प्रतिशत का भारी जुर्माना (अर्थदंड) लगाया जाएगा। साथ ही विघिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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नगर निगम ने देशी, अंग्रेजी शराब की दुकानों और बार लाइसेंस से सर्वाधिक 1.66 करोड़ रुपये की आय किया है. साथ ही 56 श्रेणियों मे से कुछ प्रमुख मदों मे वसूली इस प्रकार है। होटल एवं गेस्ट हाउस (थ्री स्टार, फाइव स्टार से लेकर छोटे गेस्ट हाउस और लॉज तक ) से लगभग 64.14 लाख रुपये, निजी कोचिंग संस्थानों से 1.15 लाख रुपये, ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटर (चार पहिया और दो पहिया वाहनों के अधिकृत सर्विस सेंटरों) से 11.60 लाख रुपये, नर्सिंग होम, निजी अस्पताल, पैथोलॉजी और क्लीनिकों से 85.45 लाख रुपये, फाइनेंस, चिटफंड और इंश्योरेंस कंपनियों से 11.40 लाख रुपये की वसूली किया गया.

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चैत्र नवरात्र में शहर में बंद रहेंगी मीट-मछली की दुकानें - महापौर

वाराणसी : नवरात्र के पावन अवसर पर नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाली सभी मीट, मुर्गा और मछली की दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को सिगरा स्थित वाराणसी स्मार्ट सिटी के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में आगामी चैत्र नवरात्र के पावन पर्व की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए इसका कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्णय लिया गया ताकि शहर में धार्मिक वातावरण बना रहे।


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इस दौरान महापौर ने नवरात्र पर्व से पहले सभी प्रमुख देवी मंदिरों की ओर जाने वाले मार्गों का तत्काल निरीक्षण कर तत्काल पैच वर्क कराने, गड्ढों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया। साथ ही स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सड़कों के किनारे नियमित चूने के छिड़काव का भी निर्देश दिया गया। 

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इस दौरान जलकल विभाग को कड़ी चेतावनी दी गई कि पर्व के समय शहर में कहीं भी सीवर ओवरफ्लो की समस्या नहीं दिखनी चाहिए और पेयजल की निर्बाध आपूर्ति हर हाल में दुरुस्त रखी जाए। नगर की प्रकाश व्यवस्था को लेकर आलोक विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई कि मंदिरों को जोड़ने वाले सभी मार्गों पर मार्ग प्रकाश की व्यवस्था चाक-चौबंद रहे। 

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बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया। बैठक में अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार सिंह, विनोद कुमार गुप्ता, जलकल महाप्रबंधक अनूप सिंह एवं पियूष नेहरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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Monday, March 16, 2026

क्वीयर ट्रांस महिला अधिकार और महिला के सभी पहचानों के सम्मान के लिए घाट वॉक का आयोजन

वाराणसी: दिनांक 15 मार्च 2026 को प्रिजमैटिक फाउंडेशन की ओर से राजेंद्र प्रसाद घाट से अस्सी घाट तक क्वीयर ट्रांस महिला अधिकार, लैंगिक समानता और विविध लैंगिक, यौनिक पहचानों के सम्मान के उद्देश्य से एक विशेष घाट वॉक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें युवाओं, समुदाय के सदस्यों और सहयोगियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


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कार्यक्रम की शुरुआत राजेंद्र प्रसाद घाट पर सभी के स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद कार्यक्रम के उद्देश्य साझा किए गए, जिनमें समाज में महिलाओं और LGBTQIA+ समुदाय के प्रति सम्मान, समानता और हिंसा के खिलाफ जागरूकता यात्रा का शुरुआत हुआ। पहले पड़ाव में प्रतिभागियों के साथ “सांप-सीढ़ी” खेल के माध्यम से महिला हिंसा और उससे जुड़े सामाजिक मुद्दों पर संवाद किया गया। इस गतिविधि के जरिए लोगों ने खेल-खेल में यह समझने की कोशिश की कि समाज में मौजूद चुनौतियाँ किस प्रकार महिलाओं के जीवन को प्रभावित करती हैं।

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इसके बाद प्रतिभागियों ने घाट वॉक करते हुए नारे, गीत और संवाद के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। दूसरे पड़ाव चौकी घाट पर एक खुला संवाद आयोजित किया गया, जिसमें LGBTQIA+ समुदाय की विभिन्न पहचानों से जुड़े लोगों ने प्लेकार्ड्स के माध्यम से अपनी बात रखी और उपस्थित लोगों ने भी अपने अनुभव को साझा किया। इस दौरान लोगों ने अपने विचार स्टिकी नोट्स पर लिखकर भी साझा किए। तीसरे पड़ाव में भदैनी घाट पर नुक्कड़ नाटक (टोटो) के माध्यम से ट्रांस महिलाओं के अधिकार, भेदभाव और हिंसा को प्रदर्शित करते हुए सामाजिक समानता लाने का संदेश दिया गया। इस प्रस्तुति में विभिन्न किरदारों के माध्यम से समाज में मौजूद भेदभाव और चुनौतियों को सामने लाने की कोशिश की गई।

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कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव पर संगीत और समापन सभा आयोजित की गई, जिसमें प्रिजमैटिक फाउंडेशन के टैन ने कहा किअक्सर हम बात करते है कि किस तरह से ब्रिटिश राज ने डिवाइड और रुल की पॉलिसी को अपनाकर 300 साल तक हमारे देश पर राज किया था। आज हमारे ही अपने लोग, ये ब्राउन साहब इसी पॉलिसी का इस्तेमाल कर रहे है। चाहे वो रोजगार के मामले में हो जो उन्होंने मनरेगा के साथ किया, चाहे वो कॉलेज जाने वाले बच्चों के मानसिक, आर्थिक और शारीरिक सुरक्षा के मामलें में हो जैसे उन्होंने यूजीसी एक्ट के साथ किया या अब हमारी ट्रांस कम्युनिटी के साथ हो जो वो इस ट्रांस अमेंडमेंट बिल 2026 के द्वारा करने की कोशिश कर रहे है। इस सरकार ने हर वंचित समुदाय के बीच में फूट डालने का काम किया है और वो फूट इसलिए डाल रही है क्योंकि जब तक हम आपस में लड़ते रहेंगे तब तक वो जीतते रहेंगे।

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अतिथि के रूप में ऐपवा संगठन से आई कुसुम दी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के संदर्भ में महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा की अगर हमें अपने अधिकार चाहिए, अगर हम जितना चाहते है, अगर हम गरिमापूर्ण जीवन चाहते है तो हमें विभाजित होने से अपने आपको रोकना पड़ेगा। हमें साथ आना पड़ेगा और एक ही आवाज़ में गुहार लगानी पड़ेगी। चाहे वो मनरेगा के मजदूर हो या हमारे दलित, बहुजन, आदिवासी भाई बहन या साथी हो या वो ट्रांस महिला ही क्यों न हो। हम सबको एकत्रित होकर अपनी सांझा लड़ाई लड़नी पड़ेगी ताकि हम एक गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।

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इटली से आई अतिथि पैनलॉक ने संगीत के माध्यम से अपनी पहचान और भावनाओं को प्रकट किया। सिस्टर फ़्लोरिन द्वारा क्वीयर ट्रांस महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हम सब एक साथ आना होगा हिंसा को समाप्त करना होगा। इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में समानता, सम्मान और संवेदनशीलता को मजबूत करना तथा क्वीयर ट्रांस महिला अधिकार और विविध लैंगिक पहचानों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम का संचालन नीति, यात्रा का संचालन हेतवी और आरोही द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रूमान, कृष्णा, अनामिका, राधा, श्रेया, सैम, धनंजय, नैविश, सुजाता, रेनू देवी समीक्षा झा, नैंसी, अक्षता, अंकु आदि शामिल हुए।

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Tuesday, March 10, 2026

मनरेगा कर्मियों को देख दफ्तर छोड़ भागे प्रभारी बीडीओ /एडीओ एसटी हवलदार यादव

वाराणसी: जनपद के चिरईगांव विकास खण्ड में लम्बे समय से मानदेय का भुगतान न होने के साथ ही विभागीय अधिकारियों द्वारा सरकारी कार्य के नाम पर परेशान किये जाने आहत मनरेगा कर्मी इन दिनों संकठ के दौर से गुजर रहे हैं। बकाया मानदेय दिलाने के की मांग को लेकर सोमवार को ग्राम रोजगार सेवक संघ उ.प्र.के जिलाध्यक्ष अतुल कुमार सिंह के नेतृत्व में मनरेगा कर्मी चिरईगांव ब्लाक मुख्यालय पर जिलाधिकारी, सीडीओ एवं उपायुक्त श्रम व रोजगार वाराणसी को सम्बोधित ज्ञापन खण्ड विकास अधिकारी को देने पहुंचे।कर्मियों ने बताया कि बीडीओ की अनुपस्थिति में प्रभारी बीडीओ /एडीओ एसटी हवलदार यादव को ज्ञापन सौंपना चाहा लेकिन उन्होंने मनरेगा कर्मियों का ज्ञापन लेने से इन्कार कर दिया और तुरंत ही दफ्तर छोड़कर कहीं चले गये।ज्ञापन न लेने नाराज मनरेगा कर्मियों ने ब्लाक मुख्यालय पर नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया।


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मानदेय तो दिला न सके पर ज्ञापन लेने से कैसा परहेज

भारत का संविधान सभी को अपनी बात कहने और मांग को रखने का अधिकार प्रदान करता है ऐसे में मनरेगा कर्मी शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने ही तो पहुंचे थे लेकिन प्रभारी बीडीओ /एडीओ एसटी ज्ञापन लेने से इन्कार करके आखिरकार क्या साबित करना चाह रहे हैं यह तो वहीं जाने।इस सम्बंध में जब एडीओ एसटी से बात की गयी तो वे परीक्षा ड्यूटी में जाने का बहाना बनाकर प्रकरण को टरका दिया।ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि यदि परीक्षा ड्यूटी में जाना ही था तो ज्ञापन लेने में आखिर कितना समय लगता है।

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स्थापना लिपिक ने मनरेगा कर्मियों लिया ज्ञापन

मामला बिगड़ता देखकर स्थापना लिपिक शहनाज ने मामले की सूचना बीडीओ को दी तत्पश्चात बीडीओ की सलाह पर स्थापना लिपिक ने मनरेगा कर्मियों का ज्ञापन देकर विभाग की लाज बचा ली और मनरेगा कर्मियों को समझा बुझाकर प्रकरण को शांत कराया लेकिन यह प्रकरण एक बड़ा सवाल छोड़ गया कि बीडीओ की अनुपस्थिति में प्रभारी बीडीओ आखिर किस काम के? इस सवाल का जबाब तो मनरेगा कर्मियों को मिलना ही चाहिए।

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बीत गयी होली पर नसीब नहीं हो सका मानदेय

होली के त्यौहार पर सभी कर्मचारियों को समय से मानदेय दिये जाने का शासन का निर्देश भी मनरेगा कर्मियों के लिए हवा हवाई ही साबित हुआ है। मनरेगा कर्मियों ने बताया कि सभी प्रकार के विभागीय कार्य करने के बावजूद जुलाई 2025 से अभी तक मानदेय नहीं दिया गया। दीपावली और होली जैसे बड़े त्योहार भी मानदेय के अभाव में आर्थिक तंगी में ही बीत गये।यह हाल तब है जबकि प्रशासनिक मद में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। अतुल कुमार सिंह, रोहित, अवधेश, जितेंद्र यादव, सुरेंद्र कुमार, काशीनाथ मिश्रा, बरसाती, आशा, सीमा, रामसूरत, दुर्गावती मुन्नी, रागिनी सहित 30 मनरेगाकर्मी ज्ञापन देने ब्लाक मुख्यालय पर पहुंचे थे।

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