वाराणसी: जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला शुल्क नियामक समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि और अभिभावकों पर चिह्नित दुकानों से ड्रेस, कॉपी-किताब खरीदने के दबाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने इस तरह की शिकायतों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी भी विद्यालय द्वारा अभिभावकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया या नियमों का उल्लंघन किया गया, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है।
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बैठक में निजी स्ववित्तपोषित विद्यालयों की शुल्क संरचना को लेकर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों की शुल्क संरचना का पूरा विवरण निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी कहा गया कि शुल्क संबंधी सभी आंकड़े ऑडिट रिपोर्ट के साथ जमा किए जाएं, ताकि उनकी सत्यता की जांच की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुल्क वृद्धि केवल शासन द्वारा निर्धारित मानकों और औचित्य के आधार पर ही मान्य होगी। मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जाएगी। समिति ने यह भी निर्देश दिया कि विद्यालय शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखें और इसकी जानकारी अभिभावकों को भी उपलब्ध कराएं।
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अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण के
लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 05422509413 जारी किया गया है। इस नंबर पर शिकायत करने वाले अभिभावकों की पहचान
गोपनीय रखी जाएगी और संबंधित विद्यालय के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश
दिया कि विद्यालयों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जाए, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो
सके। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह, सीए हरिएन सिंह बिसेन, मुख्य कोषाधिकारी, डॉ. आनंद प्रभा और अभिभावक-शिक्षक संघ
के प्रतिनिधि यशविंदर सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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